सेक्सी जवान भतीजी को कुतिया बनाकर चोदा

Click to this video!
loading...

सेक्सी जवान भतीजी को कुतिया बनाकर चोदा,, हाय फ्रेंड्स मेरा नाम पवन है। मैं राजस्थान में रहता हूँ। मेरी उम्र अभी ज्यादा नहीं है। मैं अभी 22 साल का नवजवान युवक हूँ। मेरे को देखने के बाद लडकिया भी कह देती है। वाह!! क्या हैंडसम मुंडा हैं। मेरे घर में मेरे अलावा मेरे 3 बड़े भाई और उनकी बेटी भी रहती हैं। मैं सबसे छोटा था। मै बहोत लेट में पैदा हुआ था। मेरे बड़े के शादी के बाद मैं पैदा हुआ था। दरअसल वो रिश्ते में सगे भाई नहीं हैं। पापा ने दूसरी शादी करके मेरे को पैदा किया था। कहने में बहोत अजीब लग रहा है। लेकिन ये सच है जिस दिन मैं पैदा हुआ था उसी के कुछ दिन बाद मेरी बड़ी वाली भतीजी काजल भी पैदा हो गयी। उम्र के हिसाब से मै उसके भाई जैसा था। लेकिन रिश्ते में तो मैं उसका चाचा लगता था। वो बचपन से ही मेरे साथ खेली बड़ी हुईं। अब हम 22 साल के हो चुके थे। पहले मैंने उसके बारे में कभी कुछ सोचा ही नहीं था। लेकिन मेरा मन कैसे बदला ये मै आपको अपनी इस कहानी में बताता हूँ।

फ्रेंड्स ये बात एक महीने पहले की है। मैं कहानी पढ़ रहा था। तो सोचा क्यों न मैं भी अपनी कहानीं आप तक पहुँचाऊँ। एक महीना पहले मै बैंक की तैयारी करके वापस आया था। कोचिंग में तो आँख सेकने को मिल जाता था। लेकिन घर आते ही मेरे को ये सब करने को मिलता ही नहीं था। एक दिन मेरी भतीजी काजल छोटे छोटे स्कर्ट और टॉप में बैठी थी। जिसे देख कर मै आँख सेकने लगा। उस दिन पहली बार मेरा ध्यान उसके बूब्स पर गया हुआ था। वह क्या मस्त बूब्स दिख रहे थे। जब वो चलती थी तो गेंद की तरह उसके बूब्स उछलते रहते थे। उस दिन वो मेरे दिमाग में बैठ गई। मेरे को अब उसके एक एक अंग को देखने की इच्छा होने लगी। वो मेरे को देख कर आज भी बचपन वाला रिएक्शन करती थी। जब भी वो बाथरूम में जाती तो उसे नहाते देखने के लिए मैं जुगाड़ लगाता था। लेकिन उसी बीच कोई न कोई आ जाता था और मेरे प्लान को खराब कर देता था। एक दिन जब वो बॉथ रूम में नहाने गयी थी। वो अपना तौलिया बाहर ही दरवाजे के पास टांग दी। सारे लोग वही टांगते थे। हल्का सा दरवाजा खोलते ही नहाने के बाद उठा लेते थे। उस दिन उसने भी ऐसा ही किया। मैंने उसके तौलिये को नीचे गिरा दिया। वो अपना सारा कपड़ा निकाल कर नहा रही थी। उसे तौलिये की ज़रूरत हुई तो उसने हाथ डाला। लेकिन तौलिया हाथ ना लगा तो वो दरवाजे से अपने मुह को निकाल कर देखने लगी। उसने देखा की तौलिया कुछ ही दूर पर पड़ा था। उसने इधर उधर देखा कोई नहीं नहीं दिखा तो उसने धीरे से दरवाजा खोला। मै ये सब सामने की थोड़ी सी खिड़की खोल कर देख रहा था।

loading...

उस टाइम वो पैंटी और ब्रा में ही थी। उसका बदन संगमरमर की तरह चमक रहा था। उसके दूध को काले रंग की ब्रा में देखकर मैं तो पागल हो गया। मेरा लंड खड़ा हो गया। मै लंड को हिलाने लगा। वो तौलिया लेकर अंदर चली गयी। और फिर उसे लपेटकर बाहर निकली। कुछ देर तक वही पास के शीशे में अपना खूबसूरत चेहरा देख रही थी। काजल को देख कर मैं मुठ मारने में बिजी था। मेरा माल कुछ देर बाद निकल गया। काजल तो मेरे दिल और दिमाग में छा गयी। हम लोग एक ही कमरे में अलग अलग बिस्तर पर सोते थे। काजल रात को आकर उसी रूम में सोने जा रही थी। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम

loading...

कुछ देर तक उसने मेरे से बात की और फिर सो गयी। मेरा मौसम रात के करीब 12 बजे बन गया। मेरे को तो उसे ख़ुशी ख़ुशी चोदना था। मैंने अपना लंड पैजामे से बाहर किया। बिस्तर से उठ कर उसके करीब जाकर अपना लंड हिला रहा था। उसकी गांड मेरे लंड के साइड में थी। मै उसके बिस्तर पर लेट कर उसकी गांड में लंड छुआ कर मुठ मारने लगा। धीरे धीरे मेरा जोश बढनें लगा। मै अब उसके ऊपर पैर रख कर उसकी गांड चुदाई करने लगा। कुछ देर बाद वो जाग गयी।

काजल: तुम यहां क्या कर रहे हो??
मै: कुछ नहीं!
इतने में उसकी नजर मेरे खड़े हुए लंड पर पड़ गयी।
काजल: ये क्या है?? तुम इससे क्या कर रह थे।
मै: तुम्हे नहीं पता है ये क्या है ?और क्या किया जाता है?
काजल: पता है इससे पेशाब किया जाता है।
मै: और भी काम करते हैं। तुम्हे नहीं पता क्या??
काजल: नही लेकिन ये तुम मेरे बिस्तर पर आकर क्या कर रहे थे??
मै: मै यहां तुम्हारी गांड को छूकर मुठ मार रहा था। अभी इसमें से कुछ क्रीम जैसा निकलने लगेगा। यकीन न हो तो कर के दिखाऊं!
काजल: दिखाओ!

मै: मैं करूंगा तो ज्यादा टाइम लगेगा तुम करोगी तो कम ही टाइम में निकल आएगा।
काजल: कैसे करना है??
मैंने उसे सब सिखाया। वो मेरा लंड पकड़ कर मुठ मारने लगी। आगे पीछे करके जोर जोर से हिला रही थी। कुछ देर तक ऐसा करने पर भी माल नही निकला तो वो कहने लगी।

काजल: तुम झूठ बोल रहे हो?? कुछ नहीं होता है।
मै: ठीक है मै जो चाहूं करू तुम रोकना मत फिर देखना।
इतना कहकर मैं मुठ मारते हुए उसके ऊपर हाथ फेरने लगा। उसके पूरे बदन पर मैं अपना हाथ लगा रहा था। इसे भी अजीब लग रहा था। काजल ने मेरे को कुछ करने से नहीं रोका। उसके गुलाबी होंठ को देखते ही मैं उसे चूसने के लिए अपना होठ लगा दिया। मुलायम गुलाब की पंखुडियो के जैसे होंठ को चूमने का अवसर प्राप्त हो गया। पहली बार मैंने इस तरह के होंठ का चुम्बन करके चुसाई कर रहा था। मेरे को उसकी चूत तक धीरे धीरे पहुचना था।

काजल के दूध को हाथो में लेकर दबाने लगा। वो सिसकारियां भरने लगी। जोर से बूब्स को मसलते ही वो सिमट कर “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की सिसकारियां भर रही थीं। मेरे को अपना प्लान सक्सेस होता नजर आ रहा था। मैंने उसके दूध को दबाया तो वो कहने लगी।
काजल: और दबाओ मेरे को मजा आ रहा है।

मै भी जोर जोर से दबाकर मजा ले रहा था। चुम्बन प्रक्रिया को भी जारी रखा। वो मेरा साथ देने लगी। आज मेरी भतीजी मेरे से चुदने वाली थी। उस दिन उसने काले रंग की मैक्सी पहन कर लेती थी। मै भी नंगा ही था। मेरे को उसके नरम चिकने संगमरमर के जैसे दूध को दबाने में बहोत मजा आ रहा था। वो मेरे से चिपकती ही जा रही थी। तभी मैंने उसे खीच कर अलग किया। उसकी मैक्सी को ऊपर उठा कर निकाल दिया। वो मेरे सामने ब्रा पैंटी में हो गयी। शर्म नाम का पर्दा उसके जोश ने हटा रखा था। मैं उसे बिस्तर पर लिटाकर खुद भी उसके ऊपर चढ़ गया। वो मेरे को चिपक कर किस करने लगी।

अभी तक मै उसकी चुदाई को तरस रहा था। आज वो खुद ही अपनी चुदाई करवाने को तड़प रही थी। मैने उसके होंठो को चूस चूस कर लाल लाल कर दिया। उसके होंठ को काटते ही वो सिसकने लगती। मै उसकी ब्रा में हाथ घुसाये उसकी दूध को दबा कर मालिश कर रहा था। मैंने ब्रा की हुक को खोलकर उसके चुच्चो को आजाद किया। गोरे रंग के दूध पर चमकते ब्राउन कलर का निप्पल बहोत ही लाजबाब लग रहा था। मैंने अपना मुह चमकदार निप्पल पर लगाकर पीने लगा। उसका निप्पल बहोत ही जबरदस्त लग रहा था। पीने में और भी ज्यादा मजा आ रहा था। उसके दूध में अपना दांत गड़ा रहा था।

वो जोर जोर से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज निकालने लगी। मेरे को वो अपने दूध में दबा दबा कर पिला रही थी। मैंने अपने लंड को उसके हाथों में पकड़ा कर चूसने को कहा। वो मेरे लंड से खेलते हुए चूसने लगी। मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया। पूरी नसे उसकी दिखने लगी। मैंने उसकी पैंटी को निकाल कर टांग को फैला दिया। उसकी टांग के बीच में छिपी चूत का दर्शन करके चाटने लगा। मेरे लंड की तो दीवाला निकल गया। वो ख़ुशी से ऊपर नीचे होकर उछलने लगा। कुछ देर बाद मैने अपनी जीभ उसकी चूत में घुसाकर चाटने लगा। मेरी खुरदुरी जीभ ने उस खूब गर्म कर दिया। मैंने अपना लंड मुठियाते हुए उसकी चूत में रगड़ने लगा। वो बिस्तर को को खींच खीच कर दबा रही थी। मैंने अपना लंड रगड़ कर उसे खूब गर्म कर दिया। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम
काजल: मुझसे रहा नही जाता अब तुम डाल दो अपना लंड मेरी चूत में!
मै: थोड़ा शब्र करो डाल रहा हूँ!

मैंने उसकी चूत पर थूक कर उसे गीला किया। मेरा लंड घुसने को बेकरार होने लगा। अपने लंड पर भी थोड़ा सा थूक लगाकर मालिश किया। अब मेरा लंड काजल की चूत में घुसने को तैयार हो गया। मैंने उसकी चूत के छेद पर अपना लंड लगाकर जोर का धक्का मारा। मेरा थोड़ा सा भी लंड अंदर नहीं घुसा। मेरा लंड बार बार उसकी चूत बाहर फेंक देती थीं। मैंने भी अब जबरदस्ती की। उसकी चूत पर लंड अच्छे से लगाकर जोर से धक्का मार दिया। इस बार मेरे को थोड़ी सी सफलता मिल गई। मेरे लंड का सुपारा अंदर चूत में घुस गया। वो जोर से “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की आवाज निकाल कर चीखने लगी।

उसकी दर्द भरी आवाज को दबाने के लिए मैंने अपना हाथ उसके मुह पर रख कर दबा दिया। उसकी आवाज तो दब गयी लेकिन काजल डर गयी।  मेरे से अपनी चूत दूर करने लगी। मैंने अपना लंड उसकी चूत में बिना किसी रुकावट के पूरा घुसा दिया। मैंने चैन से सांस लेकर चुदाई की प्रक्रिया शुरू कर दी। मेरा लंड उसकी चूत में धीरे धीरे अंदर बाहर होने लगा। काजल रो रही थी। उसकी आंसुओ को देखकर मैं धीरे से चुदाई कर रहा था। वो पीठ में अपने लम्बे लम्बे नाखूनों को गड़ा रही थी। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम मैंने उसकी टाइट चूत को चोद कर आज उसका भरता बनाने की सोच रहा था। उसके दर्द को थोड़ा कम होने के बाद मैंने जोर जोर से अपना लंड अंदर बाहर करके चुदाई करनी शुरू कर दी। मेरा लंड उसकी चूत में बहोत तेजी से अंदर घुस रहा था। अब वो और जोर जोर से “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज निकालने लगी। वो खुद ही अपनी गांड को उठा उठा कर चुदवाने लगी। उसे अब दर्द में भी मजा आ रहा था। मैंने उससे पूछा: अब दर्द तो नहीं हो रहा!

काजल: तुम और जोर से चोदो फाड़ दो अच्छे से मेरी चूत मेरे को बहोत ममजा आ रहा है।
मैंने उसकी बाते सुनकर और भी जोरदार शॉट लगाना शुरू कर दिया। वो भी कमर हिला हिला कर चुदवाने में मस्त लग रही थी। मैं पास में रखे कुर्सी पर बैठ गया। वो मेरे गोद में आकर बैठ गयी। अपनी चूत से मेरा लंड सटाकर वो जोर जोर से उछल कर चुदने लगी। मेरा लंड भी खम्भे की तरह डटकर खड़ा रहा। वो तेजी से ऊपर नीचे अपने मदमस्त “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाजो के धुन में चुदवा रही थी। मै उसकी दोनों को पकड़ कर दबा रहा था। उसकी गांड पर हाथ मार मार कर उसे उत्तेजित कर रहा था। उसके दोनों दूध हवा में झूल रहे थे। वो नजारा आज भी मैं देखता हूँ।

मेरे लंड की रगड़ उसकी चूत ज्यादा देर तक सह न सकी। वो स्खलित हो गयी। मेरा लंड अब भी खड़ा था। मैंने भी अपना लंड उठा उठा कर पेलना शुरू किया। मै भी झड़ने की हालत में पहुचने वाला था। मेरे चोदने स्पीड बहुत बढ़ गयी। एक बार फिर से वो जोर जोर से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज के साथ चुद कर मेरे मजा दे रही थी। मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाल कर उसके मुह में रख कर मुठ मारने लगा। मेरा सारा माल उसकी मुह में भर गया। काजल बड़ा मजा ले ले कर मेरा माल पीने लगी। पूरी रात हमने मौसम बनते ही चुदाई की। आज भी मै उसे चोद कर मजा लेता हूँ। वो भी बहोत खुश रहती है। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज bukovsky2008.ru पर पढ़ते रहना. आप स्टोरी को शेयर भी करना.

Share this Story:
loading...

Warning: This site is just for fun fictional SexyStories | To use this website, you must be over 18 years of age


Online porn video at mobile phone