सलमा और उसकी बेटी रेशमा

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हेलो फ्रेंड्स मेरा आज एक बार फिर से एक मसाले दार सेक्स स्टोरी इन हिंदी लाया हूं, यह इंसिडेंट बिल्कुल रियल है जो मेरे साथ पिछले महीने हुआ था.

पिछले महीने मैं अपने फ्रेंड दिनेश के यहां बिजनौर गया था, उसकी कुछ टाइम पहले ही शादी हुई थी, जब मैं उसके घर पर पहुंचा और उसकी वाइफ से मिला तो मैं उसे देख कर एकदम हैरान रह गया था. वह तो १८-१९ साल की थी और दिनेश की उमर उस वक्त २८ साल की थी.

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मेने नमस्ते की और दिनेश की तरफ देखा, उसके बाद उसकी वाईफ किचन में चाय बनाने ले लिए चली गई, तो मैंने पूछा माजरा क्या है? तो उसने कहा शाम को बताऊंगा, अभी इतना समझ ले लव मैरिज है.

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आगे की कहानी वह हे जो दिनेश ने मुझे बताई.

मेरी गवर्नमेंट जॉब थी तो मेरा ट्रांसफर मोरादाबाद हो गया था, मम्मी बड़े भाई के पास रहने चली गई और मैं मोरादाबाद में रहने के लिए चला गया था.

यह जगह मोरादाबाद का एक छोटा सा गांव है रफीक पूर, वहां की पॉपुलेशन अधिकतर मुस्लिम थी, वहां पर मैंने दो कमरों का मकान किराए पर लिया और रहने लगा, पर दिक्कत थी खाने की, तो मुझे मेरे साथ काम करने वाले एक बंदे ने सलमा के बारे में बताया कि वह घर का काम करती है.

मैंने सलमा को बुलवाया, वह मेरे मकान के पास ही रहती थी, वह शाम में मेरे घर आई, सलमा के बारे में अब आप को बता दूं, उसकी उम्र ४० के करीब थी, रंग गोरा शरीर हरा भरा कॉटन का घीसा हुआ सूट पहना था उसने.

वह आई और बोली सलाम साहब बताइए क्या सेवा में कर सकती हु आप की? मैंने बोला कि मुझे खाना बनाने और घर का काम साफ सफाई कपड़े के लिए लेडी की जरूरत थी. वह बोली ठीक है साहब, मैं कर दूंगी. वो बोली साहब सुबह आके नाश्ता देके साफ सफाई कर के अपने घर चली जाऊंगी और  ६-७ बजे अ के आपका खाना बना दूंगी और शाम की चाय बनाने मेरी बेटी आएगी.

मैंने कहा ठीक है कोई भी आओ मुझे कोई दिक्कत नहीं बस काम सही होना चाहिए और कुछ नहीं.

मैंने पूछा क्या पैसे लोगी? वह बोली साहब जो सही लगे, मैंने कहा फिर भी बताओ. वह गांव के हिसाब से बोली चार हजार, मैंने कहा हमम बस चार हज़ार?

मैंने बोला नहीं, मैं तुमको दूंगा ८ हज़ार, वह तो खुशी से उछल पड़ी.

अगले दिन वह सुबह आई मेरे लिए चाय बगैरा बनाई टिफिन पेक किया है और यह ही रूटीन चलने लगा, बस एक कमी थी चूत कि बस वह मिल जाए तो लाइफ बन जाए. मैं रात को मुठ मारते हुए सोचते रहता था तो मुझे सलमा का ख्याल आया कि यार चुदाई के लिए तो सलमा भी ठीक है पर डर लगा कि कुछ पंगा ना हो जाए.

ऐसे ही रोज का रुटीन चलता रहा. एक दिन में नहा कर तोलिया लपेट के अपने कमरे में गया और तोलिया उतार के आयने के आगे खड़ा हुआ और लंड हाथ में पकड़ा सलमा उस टाइम बाहर थी किचन में नाश्ता बना रही थी, मेरे दिमाग में उसे चोदने का ख्याल आने लगा और मेरा लंड खड़ा हो गया तो  मैंने मुठ मारना शुरु कर दिया.

तभी अचानक से सलमा चाय और नाश्ता की ट्रे लेकर मेरे सामने आ गई और जोर से बोलि  हाय अल्लाह और बहार भाग गयी, मेरा हाथ रुक गया पर अब में  एक्साइटेड हुआ और मेने तेजी से मुठ मारी और सलमा को याद कर के थोड़ी देर में जड गया.

तभी सलमा ने बोला हो गया तो अंदर आ जाऊ? मैंने फटाफट अंडरवियर पहना और कहां हां आ जाओ, वह ट्रे लेकर अंदर आई और हल्की सी मुस्कान के साथ ट्रे बेड पर रख दी और चली गई, बाहर से एक कपड़ा लाई और जो मैंने मुठ मार कर छोड़ा था उसे साफ करने लगी, मुस्कराते हुए और बोली साहब शादी कर लो.

फिर मैंने कहा अरे सलमा शादी जब होगी तब होगी उससे पहले का तो बताओ कुछ, यह सुन कर तो वह हंसने लगी और बोली साहब आप एकदम सीधे दिखते हो पर हो नहीं.

तब मैंने थोड़ी हिम्मत कर के बोला सलमा तुम कुछ मदद कर दो, वह शर्माते हुए बोली, बस में हाथ से कर दूंगी, फिर हमने एक दूसरे की तरफ देखा और मुस्कुरा दिया, फिर सलमा बोली चलो साहब शाम को आती हूं खाना बनाने के लिए. फिर वह मेरे घर से चली गयी और में उसके साथ अपने सुनहरे सपने देखता रहा.

फिर वह शाम को आई और किचन में खाना बनाने चली गई, तो मैंने बोला रहने दो खाना बनाना, मैं होटल से खाना लाया हूं तुम्हारे लिए भी लाया हु. घर पर जाते हुए खाना लेती जाना, तुम फिलहाल मेरी बात सुनो, मैंने उसका हाथ पकड़ा और अंदर ले गया और बोला सुबह का वादा याद है?

वह बोली लेकिन देखो कुछ और उल्टी पुल्टी हरकत की तो मैं कल से नहीं आऊंगी. मैंने कहा अच्छा जी नहीं करूंगा और मैंने पटक से पेंट की जिप खोली और लंड बाहर निकाला, मेरा लंड अभी पूरा बढ़ा नहीं था, उसने ऐसे ही हाथ में लिया मजा आ गया नोर्मल सी कामवाली मुझे दुनिया की सबसे हसीन औरत लग रही थी.

सलमा मेरा लंड पकड़ कर सहलाने लगी और लंड खड़ा हो गया उसने मुठ मारना शुरु कर दिया बड़ा मजा आ रहा था. तभी उसने मेरे लंड पर थूका, मैं उसकी तरफ देखने लगा तो बोली बड़ा सूखा हो रहा था.

मेरी पूरी बॉडी में करंट दौड़ रहा था, मैं करने आहो ह अह्ह्ह हूहू अह्ह्ह औउ एस अह्ह्ह ओह हह्ह्ह आह्ह एस सलमा अहहह मेरी जान अह्हहोह ह्ह्ह ओ ह्हह्ह ओह्ह आऊउ अहह ओह हहह करने लगा, मैंने आंखें बंद कर ली और आवाज कर रहा था मेरा ६  इंच का लोड़ा पहली बार एक ४० साल की औरत के हाथ में था, तभी अचानक मेरा हाथ उसके चुचे पर चला गया.

और में उसकी चूचियों को दबाने लगा पर सलमा ने मुझे रोका नहीं, नीचे ब्रा नहीं पहनी थी मजा आ रहा था उसके मस्त चूचे दबाने में, तभी जब मेरा जड़ने लगा तो मैंने उसे गले लगा लिया और गर्दन पर चूमने लगा, वह बोली बस करो साहब इतना काफी है और मुझे खुद पर से हटाया.

मैं थोड़ा संभला और बोला सलमा आज तो बहोत मजा आ गया, फिर मैंने लंड को अंदर किया और उसे २००० रूपये दिए. वह मना करती रही पर मैंने जिद कर के दिए तो वह खुश हो गयी.

अब हर रोज कभी सुबह कभी शाम ऐसे ही होता था. वह पिछले १५ दिन से मुठ मार रही थी एक दिन मैंने कहा सलमा अब मुझे मुठ नहीं मरवानी वह बोली क्यों मैं बढ़िया नहीं करती क्या? मैंने कहा वैसी बात नहीं हे मुझे तुम्हें चोदना है, वह ड्रामा करते हुए बोली हाय अल्लाह नहीं.

मैंने उसे अपने गले लगा लिया, पहले तो वह मना कर रही थी, फिर उसने अपनी बॉडी ढीली छोड़ दी. मैंने ऊपर से धीरे धीरे हाथ उसके सूट में डाल कर कमर पर फेरे और फिर चूचो पर ले गया.

वह भी मचलने लगी और मैं उसकी सलवार के नाड़े पर हाथ रखा और खोलने लगा, उस ने रोका पर मैं उस के होंठ चूसने लगा और नाडा खोल दिया, मेरे होठ अब उस के होठों पर और हाथ गांड पर थे. मैं उस की नंगी गांड दबा रहा था और होठ चूस रहा था, वह भी पूरा साथ दे रही थी, मेरे मुंह में अपनी जीभ डाल रही थी.

मैं अपना एक हाथ गांड से चूत पर लाया और उसकी जांटो से भरी चूत को रगडने लगा, वह तो जोश में आ गई और अहः ओह हहह ओह्ह अह्य्य अहह ओह्ह अह्ह्ह एस अह्ह्ह बस्स अह्ह्ह ओह्ह अह्ह्ह उह्ह उंम्म अह्हह ओह हह्ह्ह की आवाज निकालने लगी. तब मैंने उसका सुट भी उतार दिया, अब वह बिल्कुल नंगी मेरे सामने खड़ी थी.

मैंने उसे बेड पर लेटाया और उसके चूचो पर टूट पड़ा, मैं एक चुचा दबा रहा था तो दूसरा चूस रहा था. तभी वह बोली आराम से करो ना लेकिन में मैं कहा सुनने वाला था मेरे शरीर में कामदेव आ गये थे. वह बोली अपने पूरे कपड़े उतारो मैं एक मिनट में नंगा हो गया.

और उसके ऊपर लेट गया मेरा लंड उसकी चूत पर रगड़ रहा था, मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ में उसके चूत पर लंड सेट करने लगा, उसने अपने हाथ से पकड़ के छेद पर लगा दिया.

मैंने एक धक्का मारा तो लंड आधा अंदर गया वह आह्ह ओह्ह अल्लाह आराम से हम कही जा थोड़ी रहे हैं? यही तो है. पर मैं कहां सुनने वाला था? मैंने एक और धक्का मारा लंड अंदर और मैंने धक्के मारने शुरू किया, वह हर धक्के के साथ अल्लाह अल्लाह कर रही थी, मैंने कहा बहन की लौड़ी पहले दे देती इतना ड्रामा क्यों करा?

मैं चोदते हुए उसकी चूची चूस रहा था, उसका निप्पल कंचे जैसा मोटा था. चुचे उसके  ईतने मोटे थे कि आराम से हाथ में आ जाए. ऐसे ही १० मिनट चोदता रहा, वह दूसरी बार झड़ने वाली थी. वह आह ओ हहह ओह हां ओह हां में मर गयी और जोर से चोदो बहन के लौड़े मारी ली तूने मेरी, उसी टाइम  में भी उसकी चूत में जडने लगा और उसके ऊपर ही लेट गया.

फिर २ मिनट बाद साइड में लेटा कुछ देर वह भी लेटी रही, फिर उसका हाथ मेरे लंड पर गया और वह सहलाने लगी और टांगो के बीच आ गई और मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया. वाह क्या मजा आया, उसकी मुह की गर्मी भी चूत जैसी ही थी.

मैं लेटा रहा वह मेरा लंड चूसती रहीं, उसकी थूक से लंड पूरा गीला हो गया था और खड़ा हो गया था पूरा ६ इंच का और नेक्स्ट राउंड करने के लिए एकदम रेडी हो गया था.

मैंने उससे कहा सलमा घोड़ी बन जाओ वह बोली गांड मारोगे या पीछे से चूत में डाल दोगे. मैंने कहा गांड मारूंगा पगली, फिर वह बोली थोड़ा तेल ले आऊ, बड़े दिन से सूखी पड़ी है..

वह किचन से तेल लाई और मेरे लंड पर लगाया और कटोरी मेरे पास रख दी. और घोड़ी बन गई, मैंने तेल उसकी गांड के छेद पर लगाया जो एकदम पिंक था और लग रहा था कि इस में लंड जा चुके हैं कई बार, मैंने लंड सेट किया और आगे बढ़ाया तेल की वजह से थोड़ा अंदर गया सलमा चिल्ला रही थी..

हाय अल्लाह आह होह अहह ओह हहा उम्म्म अह्ह्ह औउ इओह्ह हहह ओह हहह अम्म्म दर्द हो रहा है, निकालो इसे, मैंने एक धक्का और मारा और लंड अंदर तक. फिर हल्के से आगे पीछे किया, १०-१५ मिनट बाद  उसकी गांड ढीली हो गई और मैं उसे घोड़ी बना कर चोदता रहा, कुछ देर में झड़ गया उसकी गांड में और लेट गया.

वो कहने लगी रात के ११ बज गए मैं जाती हूं, मैंने बोला नहीं तुम रात को यहीं रुको. उसने अपनी बेटी को फोन कर के कहा की साहब की तबीयत सही नहीं है तो मैं सुबह आऊंगी.

मैंने पूरी रात उसे बुरी तरह चोदा सुबह ५ बजे मैं सो गया नंगा ही, सुबह में उठा तो घड़ी में दोपहर का एक बजा था.

अंडरवियर पहन कर बाहर आया तो किचन से कुछ आवाज आई, मैं गया तो देखा एक १८ साल की लड़की बर्तन धो रही है, पूछा तो पता लगा वह सलमा की बेटी रेशमा थी. पूछने पर उसने बताया मम्मी के पेट में दर्द है इसलिए नहीं आई, मैं समझ गया रात की चुदाई का असर है.

शलमा की बेटी रेशमा उससे भी ज्यादा कड़क माल थी, मन तो कर रहा था अभी उसे चोद डालू. शाम को सलमा आई आज मैंने उसे चोदा नहीं, मैंने उसकी बेटी के बारे में पूछा और पूछा इसकी शादी कर दो, फिर फ्री होकर चुदना, वह बोली उसके पास इतना पैसा नहीं कि वह शादी कर पाए.

कुछ देर हम यूंही बैठे और मैंने उसे कहा मैं तेरी बेटी से शादी कर लेता हूं और तुम दोनों को साथ ले जाता हूं, फ्री में शादी और हम भी मजे करेंगे, सलमा नहीं मानी पर कुछ दिन में रेडी हो गई.

मैंने रेशमा से शादी कर ली और उसका नाम रेखा रख दिया और सलमा का सरिता, और यहां बिजनौर आकर रहने लगा, अब शलमा को भी चोदता हूं और रेशमा को भी, अगली स्टोरी में बताऊंगा कैसे मैंने रेशमा को सलमा को चोदने को पटाया.

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