परीक्षा पास करने के लिए टीचर से चुदवायी


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हाय फ्रेंड्स मेरा नाम अलीशा हैं। मै रायपुर में रहती हूँ। मैं देखने में बहोत ही खूबसूरत और लाजबाब माल लगती हूँ। मेरे को चुदने में बहोत ही मजा आता है। अब तक मैंने कई लड़को को अपनी चूत का दर्शन करा के उनसे चुदवाया है। मेरे को भी बड़ा और मोटा लंड बहोत ही पसंद है। मेरे को लड़को के अलावा मेरे अंकल ने भी चोदा है। मैंने बूढ़े बड़े सबसे चुद कर सेक्स का अनुभव लिया है। मेरे दोनो मम्मे पीने को सब कोई बेचैन सा रहता है। मैं भी चुद चुद के रंडी बन चुकी थी। मेरे को कोई एक बार भी इम्प्रेस कर ले जाता तो मैं उससे बहोत ही आसानी से चुद जाती थीं। मेरी चूत का रस बहोत ही रसीला है। उसे पीकर सब अपनी प्यास बुझाते हैं। मेरे को देखकर टीचर का लंड खड़ा हो गया। हिन्दी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम

मेरे टीचर भी मेरे को चोद डालने को उत्सुक थे। वो बहाना ही ढूंढ रहे थे। आखिरकार उनको मौक़ा मिल ही गया। फ्रेंड्स ये बात 2 साल पहले की है। जब मैं 12 में पढ़ती थी। मेरा पेपर होने वाला था। उससे कुछ दिन पहले मेरी बड़ी बहन की शादी होने वाली थी। मैं सारा दिन घर के ही काम में बिजी थी। मेरे को पढ़ने का मौका ही नहीं मिल पाया था। मेरे को कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था। मै किस तरह परीक्षा दूँगी! बड़ी टेंशन हो रही थी। मेरे को एक टीचर बहोत पसन्द करते थे। ये बात मेरे को पता थी। मेरे दिमाग में एक आईडिया आया क्यों ना मै टीचर को ही पटा लूं?

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उनका नाम बंटी था। वो भी बहोत स्मार्ट थे। उनकी उम्र लगभग 38 साल की रही होगीं। लेकिन देखने में वो एकदम से नौजवान लगते थे। वो अब भी हरकते लड़को के जैसे करते थे। उनकी बीबी को गुजरे हुए 3 साल से भी ज्यादा हो गए थे। उस समय मै 12 में पढ़ रही थी। वो भी चूत के लिए तड़प रहे थे। काफी दिन हो गए थे उनको चूत का दर्शन किये हुए। बंटी सर प्रिसिपल सर के बहोत ही करीब थे। वो ही परीक्षा की पूरी तैयारी करते थे। वो मेरे क्लास में इंग्लिश पढ़ाते थे। मैंने एक दिन उनके घर जाकर उनसे कुछ पूछने के बहाने से गयी हुई थी। वो घर पर अकेले ही रहते थे। उनके बच्चे स्कूल चले गए थे।

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सर: क्या बात है बेटा मेरे घर कैसे आना हुआ??
मै: सर मेरे को इंग्लिश में ये चेप्टर नहीं समझ में आया था। वही मै आपसे समझने आयी हुई थी
सर: ठीक है बेटा! अंदर आ जाओ

मै अंदर गयी तो सर का पूरा घर बहोत ही अच्छा लग रहा था। मेरे को वो अपने ड्राइंग रूम में लेकर गए। मै सोफे पर बैठी थी। उस दिन मैं बहोत ही हॉट सेक्सी माल बनकर गयी हुई थी। फुल मेकअप करके उनके सामने बैठी हुई थी। मैंने उस दिन ब्लू कलर का सलवार समीज पहन रखा था। कुछ देर पढ़ाने के बाद सर को कही जाना पड़ गया।

सर: बेटा मेरे को एक जरूरी काम से बाहर जाना है। दो तीन घंटे रुक जाओ तो मैं तुम्हे पढ़ा दूंगा
मै: ठीक है सर मैं अपने घर पर फ़ोन करके बोल दे रही हूँ। आज मैं अपने फ्रेंड के घर रुक गयी हूँ

सर का चेहरा खिल उठा। वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराये और चले गए। कुछ ही देर में वो वापस आ गए।

मै: सर आप इतनी जल्दी कैसे आ गए।
सर: तुम्हे पढ़ने की कोई जरूरत नहीं। मै तुम्हे पास करवा दूंगा। लेकिन उसके बदले में तुम्हे कुछ करना होगा।
मै: क्या करना होगा?

सर: तुम मेरे को बहोत अच्छी लगती हो। जब मैं तुम्हे देखता हूँ तो मेरे को मेरी बीबी की याद आ जाती है। फिर उसके साथ रात बिताने की यादें आ जाती है

मै: सर इसमें मै आपकी कैसे मदद कर सकती हूँ?
सर: मेरे साथ मेरे बेड रूम में चलकर मेरी प्यास बुझानी होगी
मै: सर आप ये क्या कह रहे हो?
सर: सच मेरा बिस्तर आज तक सूना पड़ा है। इस पर अकेले ही रहता हूँ। आज तुम मेरा साथ दे दो!
मै: किसी को पता चल गया तो क्या होगा?
सर: किसी को नहीं पता चलेगा। यह बात सिर्फ हम लोगो को ही पता है। हम लोगो के ही बीच में रह जायेगी
मै: ठीक है!

इतना सुनकर सर उछल पड़े। मेरा हाथ पकड़कर वो अपने बेडरूम में ले कर जाने लगे। मेरे को बहोत ही मजा आने वाला था। क्योंकि मेरे को चुदने में सबसे ज्यादा मजा आता था। वो मेरे को अपने बेड पर ले जाकर बिठा दिए। मै उनको देख देख कर मुस्कुरा रही थी। बंटी सर मेरे को देखकर कहने लगे।

सर: तेरे को साडी पहननी आती है?
मै: हाँ
सर: तो आज के लिए मेरी बीबी की साडी पहनकर मेरी बीबी बन जाओ!

उन्होंने मेरे को आलमारी से साडी निकाल कर पहनने को दे दिया। मैं दुसरे कमरे में जाकर कपड़ा चेंज किया। जैसे ही मैंने बैडरूम में एंट्री ली। बंटी सर तो बेचैन हो गए। कुत्ते की तरह मेरे पर टूट पड़े। मेरे को दरवाजे के पास से उठाकर बिस्तर तक ले आए। मेरे को बिस्तर पर पटक कर दरवाजा बंद करने लगे। उसके बाद मेरे करीब आकर मेरे को घूरने लगे। हिन्दी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम मेरे ऊपर हाथ फेरने लगे। मै गर्म होने लगी। मेरी नाजुक होंठो पर उन्होंने अपना होंठ टिकाकर जोरदार किस करने लगे। मै भी साथ दे रही थी। कभी मेरे होंठ को वो चूसते तो कभी मै उनके होंठ को बारी बारी से चूस रही थी। उनका होंठ खूब फूल आया। इतनी जोरदार की होंठ चुसाई से उनके होंठ और भी ज्यादा काले हो गए। मै और भी ज्यादा गजब की माल दिखने लगी। मेरी आँखे बड़ी शराबी लग रही थी। ऐसा बंटी सर कह रहे थे। मेरे को जोर से दबाते ही जा रहे थे। कुछ ही देर में मेरी साँसे बढ़ने लगी। मै जोर जोर से साँसे भरने लगी। वो भी उत्तेजित होने लगे। मैं भी सर को कस कर दबाने लगी।

वो मेरे गोरे गालो के साथ गले पर किस करना शुरू किया। गले पर किस करते ही मै मदहोश होने लगी। वो मेरी मदहोशी को देखते हुए उन्होंने अपना हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया। बूब्स दबा कर किस करने का पूरा मजा ले रहे थे। पहली बार मेरे को इतना जबरदस्त मुलायम दूध दबाने का मजा दे रहा था। सर ने मुझे उठाकर मेरी साडी हटाकर ब्लाउज को निकाल दिया। काले रंग की ब्रा में मेरे बूब्स बहुत ही मस्त लग रहे थे। मेरे दूध पीने के लिए सर ने दूध को ब्रा से आजाद कर दिया। काले निप्पल को दबाते ही मै “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” की आवाज निकालने लगी। मेरे दूध को दबाते हुए वो पीने लगे। मै उनके कान पर हाथ रखकर उनका सर अपने दूध में दबा रही थी। मै उनसे कह रही थी। चूसो!! चूसो!! आज सारा दूध पीकर मेरे को और मजा दो। वो बहोत ही मजे ले ले कर पी रहे थे। मेरा दूध कडा होने लगा। बंटी सर उसे पीना छोड़कर अपना पैंट निकालने लगे। वो मेरे सामने अंडरबियर में ही खड़े थे। जोश में सर को मेरे सामने अंडरबियर में खड़ा होने में कोई शर्म नहीं आ रही थी। मैंने उनके अंडरबियर को खीच के निकाल दिया।

सर: अब तेरी बारी है। अब तू मेरे लंड को चूसकर अच्छे से खड़ा कर
मैं: जो आज्ञा सर जी!

इतना कहकर मै उनके ढीले लंड को पकड़ कर हिलाने लगी। उनका ढीला लंड धीरे धीरे टाइट होने लगा। मै उनके लंड को मुह में रख कर अपना जीभ लगा रही थी। मेरी खुरदुरी जीभ उनके लंड पर रगड़ रगड़ कर उनका खड़ा कर रही थी। उनका लंड टाइट होने लगा। लोहे के रॉड जैसा खड़ा होकर उनका लंड मेरी मुह से बाहर आने लगा। सर को मेरी चूत चोदने की उत्तेजना होने लगी। उनके लंड का सुपारा गुलाबी हो चुका था। सर ने अपना लंड मेरी मुह से निकाला। मेरी साडी को उतारते हुए मेरे को पेटीकोट में कर दिया। उन्होंने मेरी पेटीकोट का नाडा खोल दिया। नाडा खुलते ही मै पैंटी में हो गई। पेटीकोट सरक कर नीचे गिर गयी।

उन्होंने मेरी चूत देखने के लिए मेरी पैंटी निकाल दी। मेरे को बिस्तर पर लिटाकर मेरी टांगों को फैला दिया। टांगो को फैलाते ही मेरी चूत दिखने लगी। चेहरे से भी ज्यादा खूबसूरत मेरी चूत लग रही थी। सर मेरी चूत को देखकर अपना लंड हिलाकर जीभ लपलपा रहे थे। मेरी चूत पर काले रंग की खाल उभरी हुई थी। उन्होंने मेरी चूत का रस चखने के लिए अपना मुह मेरी चूत में लगा दिया। जीभ लगा कर मेरी चूत चाटने लगें। चूत चटवाने में तो मेरे को बहोत मजा आ रहा था। मै “उ उ उ उ उ……अ अ अ अ अ आ आ आ आ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” सिसकारी भर रही थी। मेरी चूत के दाने को काट काट कर मेरे को बहोत ही उत्तेजित कर रहे थे। मै चुदने को तड़प रही थी। मैं उन्हें लंड डालने को कहने लगी।

मै: सर मेरी चूत में अब अपना लंड घुसा दो। फाड़ दो मेरी चूत!! आज मेरी चूत गर्मी को शांत कर दो! और न तड़पाओ मेरी जान!

जोश में मेरे को पता ही नही चल रहा था मै बोल क्या रही हूँ, सर भी ऐसे शब्दों को सुनकर उत्तेजित हो गये। उन्होंने अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया। मै अब कंट्रोल नहीं कर पा रही थी। बिस्तर के चादर को मै हाथो से समेटते हुए दबा रही थी। सर मेरी गर्म चूत में अपना लंड घुसाने लगे। उनके मोटे लंड का टोपा मेरी चूत धक्कम धक्का मार कर किसी अंदर कर दिया। मै जोर से “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ…… अ आ आ आ आ….” की चीख निकाल रही थी। उन्होंने धक्के पर धक्का मार के पूरा लंड मेरी चूत के अंदर घुसा दिया। वो अपनी कमर उठा उठा कर लंड अंदर बाहर करने लगे। मेरी चूत में उनका 7 इंच का लंड घुसा हुआ था। मै बहुत ही बेकरारी से उनका लंड घुसवा रही थी। मेरी तड़प को कुछ कम करने में उन्होंने मेरे को लगभग 5 मिनट तक जोरदार चुदाई करके मजा दिया।

दर्द से आराम मिलते ही मै उन्हें और जोर से चोदने को कहने लगी। मै भी अपनी गांड उठाकर जोर जोर से चुदाई करवानी शुरू कर दी. वो मेरे को बोल बोल के बहोत ही उत्तेजित करने लगे। वो मेरी गांड पर हाथ मार मार कर चोद रहे थे। मै “ सर जी!! और जोर से… और जोर से चोदो चोदो फाड़ डालो मेरी चूत” बोल बोल कर सारा माहौल ही जोशीला कर दिया। सर बिना रुके लगभग 20 मिनट तक मेरी टांगो को फैला कर चुदाई की। मै भी “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज के साथ अपनी गांड उठा कर चुदवा रही थी। मेरी चूत की चटनी बन रही थी। हिन्दी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम वो झड़ने वाले लग रहे थे। लेकिन उससे पहले ही उन्होंने अपना लंड तुरन्त ही निकाल कर चुदाई रोक दी। कुछ देर बाद मेरे को चोदने का पोजीशन चेंज करके कुतिया बना दिया। मेरी कमर पकड़ कर अपना लंड मेरी चूत में घुसाकर जोर जोर से चुदाई करने लगे। मेरी चूत जल्दी जल्दी की रगड़ बर्दाश्त न कर सकी। मैं जल्द ही झड़ गयी। मै “आऊ…..आऊ….हमम मम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज के साथ चुद रही थी। मेरी चूत की चटनी बनाकर उससे जूस निकलने लगी। कुछ ही पलों में सर भी झड़ने को हो गये। उन्होंने चुदाई की रफ़्तार और बढ़ाकर मेरी चूत का बुरा हाल कर दिया। उन्होंने अपना लंड मेरी चूत से निकाल लिया। सारा माल मक्खन की तरह हो गया। उनके लंड पर ढेर सारा माल लगा हुआ था। उनका लंड भी जबाब दे गया। वो अपना लंड मेरे मुह में ठूसकर जोर जोर से “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की आवाज के साथ स्खलित होने लगे। मेरा पूरा मुह उनके लंड के पानी से भर गया। मै उनके माल को पीकर शांत हो गयी। सर मेरे ऊपर नंगे ही कुछ देर तक लेटे रहे। उसके बाद एक बार मेरी और जम कर चुदाई की। आज भी वो मेरे को चोद कर अपनी पत्नी की याद मिटाते है। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज bukovsky2008.ru पर पढ़ते रहना. आप स्टोरी को शेयर भी करना.

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