मम्मी की चूत में गुलाबजामुन


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मम्मी का पल्लू अक्सर ऐसे ही गिर जाता था जैसे आज गिर रहा था. पापा के बूढ़े बॉस की नजर भी उस पल्लू के पीछे छिपे हुए वो बड़े संतरों को देखे बिना रह नहीं पाए. मम्मी और पापा की नजरें मिली और पापा ने अपने बॉस से आँख बचा के उन्हें आँख मार दी. वो एक इशारा था या फिर ऐसे कहें की माँ के लिए कॉम्प्लीमेंट था की वेल डन इसने बोबे देख लिए हैं.

कहानी के पहले पेरा को पढ़ के आप समझ ही गए होंगे की पापा एक ककोल्ड हैं जो खुद की बीवी का चारा डाल रहे थे. वैसे मैं भी इतना ध्यान से ये सब नहीं देखता. लेकिन एक दिन मैंने मम्मी और पापा को बात करते हुए सुन लिया था.

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मम्मी: लेकिन वो तो बहुत बूढा हैं सुनील?

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पापा: अरे बड़े काम की चीज हैं बूढ़ा हैं लेकिन, ऑफिस की जवान लड़कियों को फांस के बैठा हैं. मुझे पता चला हैं की वो भाभीचोद हैं. और तुम ढलती उम्र में भी किसी भाभी से कम हॉट थोड़ी ना लगती हो. बस वो आये लटके झटके दिखा देना. फिर मैं फोन करने के बहाने बहार जाऊं तो थोडा एड कर देना अपनी तरफ से.

मम्मी: वो तुम मेरे ऊपर छोड़ दो, लेकिन इस बार तो मेरा सोने का हार पक्का ना?

पापा: अरे बस इसको खुश कर दो और वो प्रोमोशन कर दे मेरा तो सोने के हार ही हार हैं मेरी जान, बूढ़े का मूड बना दो. और मैं देखना चाहता हूँ की कमलनाथ पांडे में दम कितना हैं साले में.

कमलनाथ पांडे मेरे पापा सुनील के बॉस मम्मी का नाम उमा हैं. पहले मम्मी के बारे में बता दूँ. माथे पर बड़ी बिंदी, गले में मंगलसूत्र जो उसके बूब्स के ऊपर चिपका होता हैं हमेशा स्पोर्ट्स ब्रा पहनती हैं ताकि बोबे का आकार एकदम सेक्सी और टाईट लगे. लेकिन अन्दर से उसके बूब्स पापा चोद के और लोगों से चुदवा के ढीले कर चुके हैं. मम्मी की गांड भी काफी बड़ी हैं और वो जानबूझ के उसको मटका के चलती हैं. उसकी पल्लू हमेशा गिरती रहती हैं. पापा के काफी दोस्त हमारे घर पर आते हैं.

शराब और कबाब की महफिले बहुत देखी हैं. लेकिन मम्मी शायद मेरे ना होने पर शबाब भी परोसती हैं उन लोगों के लिए. मम्मी पापा अक्सर ऊपर के कमरे में दोस्तों के साथ होते हैं इसलिए मैं ज्यादा कुछ देख नहीं पाया. एक बार बस दिलीप अंकल को देखा था जब मम्मी को हग किया था उन्होंने.

लेकिन स बार तो पापा के बूढ़े बॉस कमलनाथ के साथ माँ का काण्ड देखने का पूरा प्रबंध सा था. पापा अपनी ककोल्ड फेंटसी और प्रोमोशन के लिए माँ को चारा बना रहे थे. और मम्मी बस सेक्स के लिए.

कमलनाथ ने मम्मी के संतरे देख लिए उसके आगे. पापा ने मम्मी को नजरोसे इशारा कर दिया की बहुत खूब.

फिर पापा ने अपना फोन निकाल के ऐसे एक्टिंग की जैसे वो वाईब्रेट हो रहा था. और वो बोले, सर आप नाश्ता कीजिये मेरे बहन्दोई का कॉल आ गया.

अब कमरे में मम्मी और पापा के बॉस ही थे. वैसे मै सही जगह छिप के उन दोनों को देख रहा था वो उन्हें पता नहीं था.

पापा के जाने के बाद मम्मी उठी और समोसे की प्लेट से एक समोसा उठा के कमलनाथ की प्लेट में रखने लगी. उन्होंने हाथ बिच में रख दिया और बोले नहीं नहीं बहुत हो गया.

मम्मी ने जबरन समोसा रखा और बोली, आप जैसा मजबूत आदमी भला एक समोसा तो ले ही सकता हैं. फिर वो समोसे की प्लेट को रख के बॉस के पास ही बैठ गई. और उसने कहा, सुनील ने बताया मुझे की आप बड़े शर्मीले हैं और खायेंगे नहीं इसलिए मैंने कहा अब मेरे घर आये हैं इसलिए मैं खिलाऊँगी ही खिलाऊँगी.

फिर वो एकदम सेक्सी ढंग से कमलनाथ को देख के बोली, क्यूँ आप खायेंगे ना?

कमलनाथ की क्या हालत हुई होगी उसका मैं अंदाजा ही लगा सकता हूँ बस. फिर मम्मी ने गुलाबजामुन की कटोरी उठाई. कमलनाथ ने कहा नहीं नहीं!

अरे नहीं नहीं कैसे मैं अपने हाथ से आप को खिलाती हूँ! ऐसा कह के मम्मी उठी और स्पून में एक जामुन भर के बॉस को खिलाने लगी. उसका पल्लू फिर से निचे हो गया था. और आधे बूब्स जैसे बहार निकल आये थे. आज मम्मी ने ब्रा ही नहीं पहनी थी!!!

कमलनाथ अनाथ हो गया था जैसे माँ की चूचियां देख के. मम्मी ने जामुन खिला के कहा, कैसे लगे मेरे जामुन?

वो बूढा बोला, आप का तो सब कुछ एकदम मस्त हैं!

मम्मी ने उसकी जांघ पर हाथ मारा और बोली, आप तो बड़े नोटी हो जी!

कमलनाथ की साँसे उखड़ चुकी थी और उसका लंड खड़ा हो गया था माँ के हाथ लगाने से! मम्मी ने देखा की काम हो रहा हैं तो उसने पल्लू को ठीक करने के बहाने फिर से कमलनाथ से आँखे मिलाई और शर्माने की एक्टिंग करने लगी.

कमलनाथ भी ठरकी ही था. वो बोला, आप सच में बहुत सुंदर हो, सुनील इस लकी मेन!

काहे के लकी मेन सर, पिछले डेढ़ साल से घुटनों का दर्द हैं कमर भी बार बार पकड के बैठ जाते हैं! माँ ने अपनी तरकश से एक और तीर छोड़ा.

कमलनाथ ने कहा, फिर तो आप को तकलीफ होती होगी ना!

माँ ने कहा आप समझते ही हो वो तो.

और ऐसा कह के माँ ने बूढ़े की जांघ पर हाथ रख के कहा, और जामुन लेंगे आप,

अब की वो ठरकी कमलनाथ भी बोला, हां लेकिन आप को ही खिलाना पड़ेगा.

माँ बोली: अरे मेरा बस चले तो पूरा मुहं में दे दूँ आप के.

वो बूढा बोला, मन तो मेरा भी करता हैं की आप के मुहं में पूरा दे दूँ!

माँ ने कहा, पहले मैं देती हूँ फिर आप दे देना कोई बात नहीं.

बूढ़े ने कहा, सुनील आ गया तो.

माँ बोली, उन्हें मैं कह दूंगी एक कौना पकड के बैठने को, उन्होने तो ऐसे प्यार से दिया नहीं आप दे रहे हैं फिर कहा से रोकेंगे वो!

माँ ने उसे गुलाबजामुन खिलाया और अब की बार भी उसने अपने बूब्स उसे दिखाए.फिर कमलनाथ ने उठ के माँ को अपने हाथ से ही गुलाबजामुन खिलाया. माँ ने उसके हाथ की उँगलियों को चूसा चाशनी को चाटने के बहाने से. मम्मी तब उस बूढ़े की आँखों में आँखे मिला के देख रही थी.

मम्मी ने कुछ सेंकड के लिए ऊँगली को चूसा. बूढ़े ने भी एक ऊँगली माँ के मुहं में ही रहने दी जिसे माँ ने खूब चुसी. सच में मेरी माँ ने उस बूढ़े के लंड में बहार ला के रख दी थी.

तभी पापा के कदमो की आवाज आई और कमलनाथ ने जल्दी से उंगली निकाल ली मम्मी के मुहं से. पापा ने अंदर आ के कहा, बॉस सोरी मेरे बहन्दोई को याह रेलवे स्टेशन पर कुछ जरुरी सामान देने के लिए मुझे अभी जाना होगा.

बॉस कुछ कहता उसके पहले माँ ने कहा, अरे आप जाओ आराम से आधे घंटे तक बॉस को मैं नाश्ता करवा लेती हूँ.

पापा बोले, सामान रस्ते से लेना हैं इसलिए लेट भी हो. लेकिन मैं वापस आने से पहले फोन करता हूँ तब तक तुम बॉस का ध्यान रखना!

और पापा फट से वहां से निकल गए. मैं जानता था की पापा भी छिप के माँ का काण्ड ही देखने वाले थे क्यूंकि फोन तो कभी आया ही नहीं था. पापा के जाते ही कमलनाथ ने कहा, अब तो मैं आप के मुहं में पूरा दूंगा.

दे दीजिये ना सुनील तो अब आराम से आयेंगे, फिर मुहं खोलिए ना! वो बोला!

मम्मी ने मुहं खोला और बॉस ने एक गुलाबजामुन खिलाया.

माँ ने चबाते हुए कहा, अच्छा आप जामुन के लिए कह रहे थे?

कमलनाथ हंस पड़ा, तुम्हे क्या चाहिए?

कुछ नहीं!

ये तो नहीं चाहिए ना! ये कह के उस बूढ़े ने जल्दी से अपनी ज़िप खोली और उसका लंड ताड़ से बहार आ गया. माँ ने अपने हाथ को मुहं पर रख दिया. जिसमे थोड़ी एक्टिंग सी थी. लेकिन एक बात थी की उस बूढ़े के लंड में आज भी पॉवर साफ़ दिख रहा था जैसे किसी जवान लड़के का लंड हो!

सर ये क्या हैं!!!

बॉस ने कहा: वही जो सुनील तुम्हे नहीं दे पाता हैं!

बाप रे इतना बड़ा और मोटा, नहीं नहीं किसी ने देख लिया तो?

माँ नाटक कर रही थी! लेकिन बॉस ने कहा, अरे अब कौन आएगा सुनील आने से पहले फोन करेंगा ऐसा खुद ही तो बोल के गया हैं अभी.  चलो मैं तुम्हे आज असली गुलाबजामुन खिलाता हूँ.

और ये कह के उसने अपनी पतलून को खड़े हो के निकाल दिया. और कटोरी में अभी भी कुछ दो तिन गुलाबजामुन पड़े हुए थे. उसने एक गुलाबजामुन को अपने लंड पर रखा चाशनी के साथ. लंड के ऊपर से चाशनी निचे टपक रही थी. बॉस ने मम्मी को कहा, खाओ मुहं में ले के!

माँ ने भी मुहं खोल ही दिया. और बॉस ने गुलाबजामुन और लंड के सुपाडे को अन्दर दे दिया. माँ ने सुपाडे को किस किया और वो गुलाबजामुन खाने लगी. गुलाबजामुन फिनिश करने के बाद माँ ने आधा लंड मुहं में ले के चूसा.

बूढ़े कमलनाथ ने शर्ट और बनियान निकाल दी. फिर वो खड़ा हुआ और माँ के पल्लू को हटा के ब्लाउज के ऊपर से से बूब्स को मसलने लगा और बोला, आप के बोबे बड़े ही धांसू हैं!

आप का लंड भी कम धांसू नहीं हैं.

बॉस ने कहा मुझे चूसने हैं.

माँ ने कहा, हेल्प योरसेल्फ सर.

बॉस ने माँ के बटन खोले और वो माँ के मम्मो को मसलने और चूसने लगा. माँ ने कहा अब मैं गुलाबजामुन खिलाती हूँ.

ये कह के उसने एक गुलाबजामुन लिया और अपने दोनों बूब्स पर उसकी चाशनी लगाईं. और फिर दोनों बूब्स के सेंटर में उसे रख दिया. वो लेटी हुई थी. कमलनाथ उसके ऊपर आया और पहले उसने जामुन खाया और फिर सब चाशनी वो चाट गया. फिर वो बोला एक आखरी पड़ा हैं वो मैं स्पेशियल जगह पर रख के खाऊंगा.

ऐसे कहते हुए उसने पहले माँ की जांघो को सहलाया और फिर उसके पेटीकोट के नाड़े को खोल दिया. माँ तो रंडी ही बनी हुई थी. उसने अपने हाथ से पेटीकोट को खिंच के फेका साइड पर. उसकी पेंटी के ऊपर पानी के दाग बने हुए था. माँ की चूत सच में एकदम गीली हो गई थी उस वक्त. और उस बूढ़े ने भी वो देख लिया था. मम्मी की पेंटी में हाथ डाल के उसने उसे खिंच दिया और नंगी क्लीन शेव्ड चूत को देख के जैसे पगला ही गया वो.

मम्मी जानती थी की बॉस को कहा रख के गुलाबजामुन खाना था. उसने अपने हाथ से ही गुलाबजामुन को चूत में ले लिया. और फिर कमलनाथ ने अपने मुहं से चाट के उसे खा लिया. फिर उसने कटोरी में बची हुई सब चाशनी को मम्मी की चूत पर ही डाल दी और उसे चाटने लगा. मम्मी ने उसके बाल पकडे और नोंचते हुए वो उसे अपनी चूत पर दबा रही थी.

ओह सर अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह आः मजा आआ रहाआआअ हैं अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह आःह्ह वाः!

मम्मी की सिसकियां बड़ी ही मादक थी. फिर बॉस ने अपने लंड को एक हाथ से पकड़ के चूत पर लगाया. मम्मी ने ऊपर अपने दोनों बूब्स को हाथ से टाईट किया. और निचे सर ने लंड अन्दर घुसा दिया था तब तक तो. फिर वो ऊपर माँ के बूब्स को चूसने लगा. बोबे चूसते हुए वो चूत को चोद रहा था. और मम्मी ऐसे अह्ह्ह अहह कर रही थी जिस से बॉस को और भी नशा चढ़े चोदने का.

दोनों ने 10 मिनिट ऐसे ही मिशनरी पोज़ में सम्भोग किया. और फिर कमलनाथ ने मम्मी को घोड़ी बना दिया. पीछे से उसने माँ की चूत में तिन ऊँगली डाल दी. और हिलाने लगा उँगलियों को वो. फिर वो निचे झुका और चूत को चाटने लगा. चूत को चाट के फिर उसें मम्मी की चूत में अपना लंड डाला.

अब वो मम्मी के शोल्डर को पकड़ के आगे पीछे कर रहा था. माँ भी अपनी फैली हुई गांड को एकदम जोर जोर से आगे पीछे कर के चुदवा रही थी. दोनों के बदन के ऊपर खूब सारा पसीना आ गया था.और कुछ देर में कमलनाथ हांफ गया. मम्मी ने कहा, अब मैं आप के ऊपर आती हूँ सर.

सर को निचे लिटा के अब मम्मी ने एक हाथ से उनका कन्धा पकड़ा. और फिर वो लंड को सटीक सेट कर के उसके ऊपर बैठ गई.. वो ऊपर निचे होने लगी और मैं देख रहा था की कमलनाथ का लंड उसकी चूत में आगे पीछे हो रहा था.

इस पोज में भी दोनों ने करीब 10 मिनिट सेक्स किया. और तभी मैंने देखा की माँ की चूत में से पानी निकल पड़ा लंड के ऊपर. बॉस ने माँ को जकड़ लिया और उसके बूब्स चूसते हुए एकदम फास्ट फास्ट चोदने लगे. एक मिनिट में उनका पानी भी माँ की चूत में छुट गया. वो दोनों खड़े हुए. माँ ने बाथरूम में सर के लंड को अपने हाथ से धो दिया और अपनी चूत भी धो ली उसने. फिर वो बहार आये और मम्मी ने कहा, चलो थोडा नाश्ता कर लो सुनील भी आते ही होंगे.

मम्मी ने उन्हें स्नेक की प्लेट दी. सर ने मम्मी के बूब्स दबाये और बोली, सुनील का टेंशन मत लो मैं उसे प्रमोशन दे के काम में बीजी कार दूंगा बस मुझसे मिलती रहना तुम!

मम्मी ने सर की जांघ पर हाथ रख के कहा, आप का लंड जब खड़ा हो मैं अपनी चूत खोल दूंगी सर!

और तभी माँ के फोन की घंटी बजी, पापा का ही कॉल था. वो बोले मैं पांच मिनिट में आ जाऊँगा रस्ते में हूँ.

पांच मिनिट के बाद पापा आये और बॉस भी चले गए कुछ देर में.

फिर पापा आये तो मम्मी को बोले, वाह रे देखा बूढ़े ने आधा घंटा कैसे पेला तुझे?

मम्मी ने कहा, वो तो ठीक हैं लेकिन मेरे सोने का हार कब ला रहे हो?

पापा ने कहा, सच?

मम्मी ने कहा, हां मुझेतो ऐसा था की सामने से प्रोमोशन की बात छेड़नी पड़ेगी, लेकिन उसने ही कहा की मैं सुनील का प्रमोशन कर के उसे बीजी कर दूंगा!

पापा ने मम्मी को किस किया और बोले, बूढ़ा करोडपति हैं, उसे खुश करेगी तो हीरे के हार पहनेगीमेरी रानी!!!

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