माँ की सहेली मेरे लंड की प्यासी हुई


Click to this video!
loading...

हेलो दोस्तों मेरा सुमित हे और मैं इंदौर से हूं. मैं अभी एक गवर्नमेंट कंपनी में परचेस मैनेजर की जॉब कर रहा हूं. मेरी उम्र ३६ साल है और मेरी बोडी एथलीट टाइप की हे में रोज जिम करता हु, मेरी यह कहानी मेरे मॉम की फ्रेंड स्मिता आंटी के साथ मेरा जो अनुभव है वह मैं शेयर कर रहा हूं. स्टोरी पढ़ने के बाद अपने विचार मुझे बताएं, और कोई लड़की, भाभी, आंटी सेक्स चैट करना चाहती है और सेक्स करना चाहती है, तो मेंल जरुर करे.

मेरी मॉम एक क्लब की मेम्बर है, जीसमें बहुत सारी औरतें हैं और उनमें से एक हे स्मिता आंटी जो की बहुत खूबसूरत और सेक्सी लेडी है, उनकी उम्र करीब ४३ साल है पर वह दिखने में ३० की लगती है. उनकी फिगर का साइज ३६-२८-३६ है, और वह मेरी मॉम की क्लोज फ्रेंड है. तो अक्सर वो हमारे घर पर आया करती है. मैं जब भी उसे देखता तो मेरे चेहरे पर अलग सी चमक आ जाती थी. मैं कई बार मुट्ठ भी मारता था उनको देखने के बाद..  लेकिन मैं उनको कहने से डरता था. उनका घर हमारे घर से एक किलोमीटर की दूरी पर था.

loading...

एक दिन जब मैं शाम को जॉब से घर आया तो मेरी मम्मी ने बोला कि स्मिता आंटी के घर पर एक बेग देने जाना है. तो मैंने कहा ठीक है. तो मैं फ्रेश हुआ और मेरी मॉम ने मुझे बेग दिया और मैं बैग लेकर चला गया.. करीब ५ मिनट बाद में उन के घर पर पहुंचा गया और मैंने डोर बेल बजाई, तो कोई नहीं आया. तो मैंने फिर दो बार बेल बजाई तो दरवाजा खुला तो मैंने आंटी को देखा. और मैं उनको देखता ही रह गया. उस टाइम वह सिर्फ गाउन में थी और वह बाथरुम से बाहर निकली थी बदन गीला था और मैं उनको देखने के बाद कंट्रोल नहीं कर पाया लेकिन डर भी लग रहा था कि कभी मोम को ना बता दे..

loading...

 फिर आंटी ने मुझे अंदर बुलाया तो मैंने आंटी को बैग दिया और मैं उनको देखने लगा. उनका गिला बदन और सेक्सी फिगर साफ साफ दिख रहा था और मैंने नोटिस किया की आंटी ने ब्रा भी नहीं पहनी थी तो मैं उन के बूब्स को घूर रहा था. शायद आंटी ने भी इस बात को नोटिस किया कि मैं उनके बूब्स को घुर रहा हूं.. फिर आंटी ने मुझे कोफ़ी के लिए कहा और मैं सोफे पर बैठ गया, आंटी किचन में कोफी लेने के लिए चली गई. मैं इंतजार में बैठ कर टीवी देखने लगा. थोड़ी देर बाद आंटी आई और मेरे साथ बैठ कर कॉफी पीने लगी.. हम दोनों काफी पी रहे थे और टीवी देख रहे थे. और मेरी नजरे बार बार उनके बूब पर चली जाती थी. तो आंटी ने मुझे पूछ लिया कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है कि नहीं? तो मैंने की नहीं आंटी.. पर आप क्यों ऐसा पूछ रही हो?

 तो आंटी ने बोला की में कब से देख रही हूं तू मेरी फिगर को बार बार देख रहा है और मजे ले रहा है. तो मैंने घबरा गया और आंटी को बोला कि ऐसा कुछ नहीं है.. मेरी नजर वहा चली जाती है और मैं कुछ समझ नहीं रहा हूं.. तो आंटी ने कहा कि क्या मैं तुम्हें पसंद हूं? तो मेने हां बोला और कहा कि मुझे आप बहुत अच्छी लगती हो, आपकी फिगर एकदम मस्त और सेक्सी है. मैं जब भी तुम्हे देखता हूं तो मैं अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पाता और मुझे कुछ होने लगता है. तो आंटी ने कहा कि ऐसा है तो तुमने पहले क्यों नहीं बताया? तो मैंने बोला कि मैं डर रहा था कि कहीं आप मेरी मॉम को बता देंगे तो.

फिर आंटी धीरे धीरे मेरे पास आने लगी और मेरे पैर पर हाथ फेरने लगी तो मैं समझ गया कि आंटी भी मुझसे चुदना चाहती है, तो मैंने आंटी को कस के पकड़ा कर किस करने लगा तो आंटी भी मेरा साथ देने लगी. हम एक दूसरे को कस के किस कर रहे थे और पूरा मजा ले रहे थे. तभी आंटी ने हाथ को पकड़ा और अपने बूब्स पर रख दिया तो मैंने आंटी के बूब को जोर से दबाने लगा और मसलने लगा. आंटी की सांसे तेज होने लगी और और जोर जोर से मेरे होठों को चूमने लगी और मेरे पेंट के ऊपर जल्दी मेरा लंड को सहलाने लगी. आंटी की एक भूखी शेरनी की तरह मेरे पूरे बदन का मजा ले रही थी..

 फिर उसने मुझे इशारा किया की चलो हम बेडरूम में चलते हैं तो हम बेडरूम में गए और आंटी ने मुझे बेड पर बैठाया और मेरे पेंट और मेरे अंडरवियर को निकाला और वह नीचे बैठ गई और मेरे लंड को सहलाने लगी.. फिर धीरे धीरे किस करने लगी और चूसने लगी, वह एक प्रोफेशनल रंडी की तरह मेरे लंड को चूस रही थी और मैंने भी उनका गाउन निकाला और उनके बूब्स को दबाने लगा, कभी कभी में बूब को बाईट भी कर रहा था, फिर उसने मुझे बेड पर सुला दिया और मेरे लंड पर आकर अपनी चूत को रगड़ने लगी..

उनकी सिसकिया तेज हो रही थी और वह अजीब सी आवाजे निकाल रही थी.. उसने धीरे धीरे लंड  को चूत में लेना स्टार्ट किया. मैं उनके बूब्स को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा और उनकी निपल को बाइट करने लगा. उसने एक ही झटके में मेरा आधा लंड उन की चूत में ले लिया और चिल्लाने लगी, मुझे बोली साले भड़वे तूझसे चुदवाने के लिए कब से तड़प रही हु. मैंने भी कहा की साली रंडी में भी तुझे चोदने के लिए बेताब था, और कई बार तुझे देखने के बाद मुठ भी मारता था, और आंटी मेरे लंड के ऊपर बैठकर ऊपर नीचे होने लगी और उछल-उछलकर चुदवाने लगी.. उसने मेरा पूरा लंड चूत में ले लिया और मजे लेने लगी. उनकी टाइट चूत को चोदने का मजा ही कुछ और आ रहा था.

फिर मैंने उनको घोड़ी बनाया और पीछे से उनकी चूत के अंदर लंड डाल दिया और उसे आगे पीछे करके चोदने लगा, और उनकी गांड पर थप्पड़ मारने लगा. उनकी चूत का हाल बेहाल हो गया था और वह दो बार जड़ चुकी थी. फिर मैंने उनको सीधा लेटा दिया और उनके नीचे तकिया रखा और उनकी चूत में लंड डाला और जोर जोर से धक्के मारने लगा.. उनकी आवाज से पूरा रूम गूंज रहा था और वह अहह उऔ ये इई उऔ इई उऔ हां इई उऔ कर के अजिब सी आवाजे निकाल रही थी.

उनकी आवाज सुनकर मुझ में और भी जोश आ जाता  और मैं उनको जोर जोर से धक्के मारता था. २५ मिनट की चुदाई के बाद मेरा निकलने वाला था तो मैंने उनके बूब्स को कस कर पकड़ा और दबाने लगा, और जोर जोर से धक्के मार कर चोदने लगा. और मेरा पानी उन की चूत में छोड़ दिया. लास्ट टाइम वाली फिलिंग एकदम अलग थी और मेने उनको चोदने का मेरा सपना पूरा किया. और हम दोनों ने मजे से इंजॉय किया और जब भी मौका मिलता है तो इंजॉय करते हैं.

Share this Story:
loading...

Warning: This site is just for fun fictional SexyStories | To use this website, you must be over 18 years of age


Online porn video at mobile phone