पडोसी लड़के को अपनी गांड दिखा कर उसका लंड खड़ा की

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हाय फ्रेंड्स मेरा नाम निमिका है। मेरी उम्र 37 साल है। बड़े लोग भाभी और छोटे मेरे को आँटी कहते हैं। मै रामनगर में रहती हूँ। मेरी जवानी को बच्चे बड़े बूढ़े सारे ताड़ते रहते हैं। मेरे को चोदने की हर कोई ख्वाहिशें बुनता रहता है। लेकिंन मेरी चूत को अभी कुछ ही मर्दो ने चोद कर उसका भरपूर मजा लिया है। मेरे को देखने के बाद हर कोई मेरी चूत पाने के लिए तड़पने लगता है। घर में उसने वाले रिश्तेदार मेरे गोल गोल मम्मे को घूरते रहते हैं। मेरे पतिदेव भी कुछ कम नहीं है। शादी के इतने दिन बाद भी वो रात भर मेरे को चोदा करते हैं। मेरे को चोदते चोदते उनकी हड्डी पसली एक हो गयी हैं। लेकिन फिर भी पूरी रात मेरी चूत का वीर्यपान करने को तैयार रहते हैं। उनका मौसम भी बहुत ही जल्दी बन जाता है। रात बार अपना मोटा डंडा जैसा लंड डाले पूरी रात बिस्तर हिलाते रहते हैं।

घर पर सिर्फ हम ही दोनों रहते हैं। मै सिर्फ एक बच्चे की माँ हूँ। अपने बच्चे को दिल्ली की एक स्कूल में एडमिशन दिला दी हूँ। वो वही रहकर पढ़ाई करता है। मै अकेले ही घर पर बोर हो जाती हूँ। मेरे गाँव वाली जमीन के मामले में कुछ विवाद छिड़ी हुई थी। जिससे मेरे पतिदेव को गांव जाना पड़ा। मै घर पर अकेले ही बैठी बैठी सीरियल देखती नहीं तो घर के काम काज में लगी रहती थीं। दिन तो किसी तरह गुजर जाता लेकिन रात में चुदने की बहुत तङप होने लगती थी। मेरा गाँव मेरे यहां से 180 किलों मीटर दूर था। पतिदेव भी मामला निपटा कर आने वाले थे। एक दो दिन किसी तरह से गुजर गया। लेकिन अब दिन काटना मेरे हो बहुत ही भारी पड़ रहा था। एक दिन बैठी मैं सब्जी काट रही थी। तभी मेरे पड़ोस का एक लड़का आया। वो लोवर पहने हुए था। उसका नाम आशीष था।

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मेरे मोहल्ले में मेरे घर ही इनवर्टर था। लाइट तो सबके यहां थीं। एक दिन लाइट नहीं आईं थी। वो अपना फोन चार्ज करने के लिए मेरे घर आया हुआ था। देखने में काफी बड़ा था। उसकी उम्र 22 साल रही होगी। लेकिन उसके गाल पर घनी दाढ़ी मूछे आ गयी थी। देखने में एक जवान मर्द लग रहा था। पहले मैने उसे कई बार देखा था। लेकिन पतिदेव के लंड से मै संतुष्ट रहती थी। इसीलिए और किसी के बारे में सोचा भी नहीं था। वो अपना फोन चार्जिंग पर लगा गया। लेकिन वहाँ से चला गया। मेरे को देखकर वो इतना उत्तेजित हो गया कि छत पर जाकर मुठ मारने लगा। मैंने इसे ऐसा करते हुए अपने छत से देखा था। शाम को वो अपना फोन निकालने के लिए वापस आया। मैंने बहुत ही हॉट और सेक्सी कपड़ा पहन लिया। जिससे वो मेरी तरफ जल्दी ही आकर्षित हो जाए। उस दिन मैंने साडी पहनी हुई थी। लेकिन छोटे पतली पतली पट्टी वाली ब्लाउज पहन कर बैठी हुई थी। जिसमे से मेरे आधे मम्मे दिख रहे थे। वो आते ही मेरे से अपना फोन निकालने को कहने लगा।हिन्दी पोर्न स्टोरीज डॉटकॉम

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“आंटी मेरा फोन निकाल दो! चार्ज हो गया होगा” आशीष ने कहा
“अरे बैठो आशीष आज मैं अकेली ही हूँ! थोड़ी बात करते हैं फिर चले जाना” मैंने कहा

तभी उसकी नजर मेरे गोरे गोरे गोल मटोल मम्मे पर पड़ी। वो बार बार घूर घूर के उसे देख रहा था। उसका फोन लेकर आ गयी। फोन ऑन करते ही मैसेज की बौछार होने लगी।

“कितनी गर्लफ्रेंड है जो इतना मैसेज आ रहा है” मैंने कहा
इतना कहकर उसका फोन वापस छीन लिया। वो पहले तो बहुत हिचकिचाया। लेकिन फिर मना न कर सका। मैंने उससे किसी को न बताने का वादा किया हुआ था। वो बहुत ही ज्यादा घबराया हुआ था। उसकी गर्लफ्रेंड का ही मैसेज था। बार बार वो अपने पास बुला रही थी।
“ये तुम्हे बार बार अपने पास ही बुलाती है या कुछ करती भी है साथ में!” मैने कहा
वो शरमा गया। और अपना सर नीचे करके अपने चेहरे को ढकने की कोशिश करने लगा। उसका लंड देखतें हुए उसको स्पर्श किया। मैने जैसे ही उसके गले को छूकर उसका सिर ऊपर उठाया। वो मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखने लगा।

“इतनी गर्लफ्रेंड है तो तुम तो अब तक सब कुछ सीख चुके होंगे” मैने कहा
“नहीं अभी तक मैंने किसी लड़की को हाथ तक नही लगाया। मेरे को पता ही नहीं चलता की मैं क्या करूँ इसके साथ! इसिसलिए अब तक सिर्फ बात ही करके काम चला रहा हूँ” आशीष ने कहा

मेरे को जानकर बहुत अजीब लगा। साला गर्लफ्रेंड इतनी है और इसे काम करना नहीं आता है। उसका लंड भी मेरे को कुछ कम नहीं लग रहा था। हाइट और बॉडी को देखकर उसका लंड काफी भारी लगता था। ऐसा मै मन ही मन कल्पना लेरा रही थी।
“तेरे को कुछ नही आता है। तो परेशान होने की कोई बात नहीं है। तुम चाहो तो तुम सब सीख सकते हो” मैंने कहा
उसके बाद उसका फोन लिया और उसमे ब्लू फिल्म लगाकर उसके साथ ही बैठकर कर देखने लगी।

“आंटी पता तो ये मेरे को भी लेकिन पहली बार मेरे को करने में बहुत अजीब लग रहा है। इसका मजा कैसे होता है” आशीष ने कहा
“बेटा मजा लेने के लिए तो कुछ हाथ पांव चलाना पड़ता हैं” मैंने कहा
मै उसको हॉट सेक्सी बातो को सुनाकर उसका मौसम बना रही थी। जल्द ही उसका मौसम बन गया।
“आंटी अब कोई मिल जाए तो मैं चोद दूंगा उसे” आशीष ने कहा
“चल तू पहले मेरे को चोद के दिखा” मैंने कहा

वो सुनते ही चौंक सा गया। उसने मेरे को पकड़ लिया। और प्यार से चिपकाते हुए बात करने लगा।
“तुम्ही ने मेरे को क्लास दी है। और प्रैक्टिकल भी तुम्ही दे दोगी! थैंक यू….थैंक यू सो मच आंटी” आशीष ने कहा
फिर मैंने उसे चिपका लिया। वो मेरे को सहलाने लगा। मेरे को वो बहुत ही आसानी से अपने गोद मे भरकर अपने जांघ पर बिठा लिया।
“क्यों आंटी मै शुरूवात करना सीख गया” उसने कहा
“हाँ करता जा! देखती हूँ तू कितना सीखा है मेरे बताने पर” मैने कहा
इतना कहते ही वो मेरे से लिपटने लगा।
“आंटी तुम तो सबका लंड खड़ा करा देती हो। मेरे को भी तुम्हे चोदने का मन कर रहा था” आशीष ने कहा

साडी ब्लाउज में मै कुछ ज्यादा ही हॉट लग रही थी। मै उसे अपने साथ लेकर अपने रूम में चली गयी। मेरे को उसने अपनी बाहों में भर के बिस्तर पर पटक दिया। मेरे होंठो को फिर एक बार जोर जोर से चूसने लगा। मेरी सिसकारियां निकल रही थी। होंठ की जबरदस्त चुसाई से मेरी मुह से “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…”, की सिसकारी निकल रही थी। दो दिन के बाद के सेक्स का आनंद ही कुछ और था। मेरे होंठो को बारी बारी पीकर मजा ले रहा था। मै भी उसका भरपूर साथ दे रही थी। मेरे होंठो का सारा रस पीकर वो मेरे को बहुत ही गर्म कर दिया। वो मेरे गले को चूम कर दूध की तरफ बढ़ रहा था। मेरी ब्लाउज का एक एक बटन निकाल कर ब्रा को खोलने लगा।हिन्दी पोर्न स्टोरीज डॉटकॉम. उसे भी निकाल कर मेरे दोनों दूध को हाथ में भरकर जोर जोर से भरपूर शक्ति लगाकर दबाने लगा। मेरी चूंचियो के काले निप्पल को चुटकी से पकड़ कर खींचते हुए मजा ले रहा था। कुछ देर तक बूब्स को दबाया उसके बाद मेरे काले निप्पल को काट काट कर पीने लगा। उसका दांत मेरे बूब्स के निप्पलों में गड़ रहा था। मेरी साँसे तेज हो रही थी। मैंने भी कुछ देर तक उसको अपना दूध पिलाया। मेरी मुह से “……अई…अई….अई……अई….इसस् स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाज निकल रही थी।

“चूसो और चूसो! काट डाल मेरे इस दूध को! पी और जोर से पी आशीष! सी… सी…” मै कह कर उसे अपना दूध पिला रही थी। उसका सर मै अपने दूध से चिपकाए हुए थी। वो जोर जोर से मेरे दूध को दांतों से काटने लगा। मेरे को लगा अभी ये अनाड़ी है साला काट भहु सकता है मेरे निप्पल को! उसके बाद मैंने उससे छुड़ाकर अपने को अलग करके उसका पैंट निकाला मेरे को उसका लंड देखने की बड़ी बेशबरी से इन्तजार था। उसके अंडरबियर को पैंट सहित निकाल दिया। मेरे को उसका लंड देखकर बडी हैरानी होने लगी। आशीष का लंड तो मेरे हसबैंड के लंड से कुछ हद तक और भी बड़ा लग रहा था। मैंने झट से उसे पकड़कर मुठ मार कर हिलाने लगी। वो धीरे धीरे टाइट होता जा रहा था। उसका लंड खड़ा हो गया।

लंड के गुलाबी टोपे को अपने मुह में रखकर चूसने लगी। मै उसके लंड को डंडी पर लगी आइसक्रीम की तरह चाट रही थी। मेरे को देख देख के आशीष का लंड और भी ज्यादा टाइट हो गया।

“आंटी!! you are so great!!” suck me hard सी सी सी…. हा हा…” आशीष कह रहा था। जिससे मेरी भी उत्तेजना बढ़ रही थी। उसे भी बड़ा जोश आ रहा था वो भी तेज से साँसे लेकर सूं…सूं…., सूँ….. इसस्स..की आवाज निकाल रहा था। उसने अपने लंड को मेरे से छुड़ाया। मैंने खुद ही चुदने के लिए अपनी साडी को उतार के पेटीकोट के नाड़े को खोलने लगी। नाडा खुलते ही मेरी चूत पैंटी में कैद हुई दिखने लगी। रसभरी चूत को चटाने के लिए मैं बिस्तर पर बैठ गयी।

आशीष नीचे ही बैठ कर मेरी पैंटी को निकाल दिया। मेरी टांगो को फैलाकर उसने चूत का दर्शन किया। मेरी चूत को देखकर उसके भी मुह में पानी आ गया। मेरी चूत को वो रसमलाई की तरह चाट चाट कर मजा ले रहा था। मेरी चूत खाल को दांतो से खीच खींचकर चूस रहा था।

“…उंह हूँ…हूँ…मेरे लंड के राजा!! अछे से चाटो मेरी रसीली चूत को!! हूँ…हमम अहह्ह् ह…अई…अई…” मै कहकर उसका मुह अपनी चूत में दबा रही थी।चूत के दाने को काटते ही मेरी चूत में आग लग जाती थी। मैं अपनी चूत को “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज के साथ चटा रही थी। उसने अचानक से अपना लंड मेरी चूत पर रख कर रगड़ना शुरू किया। मेरी चूत गर्म हो चुकी थी। इतने में आशीष ने अपना लंड मेरी चूत के छेद पर लगा दिया। मेरी चूत में जोर से धक्का मार कर पूरा लंड अंदर घुसा दिया। मै जोर से आवाज निकाल दी। मेरे पति की तरह उसका भी लंड घुसकर मेरी चीखे निकलवा दी। मेरे को आज चुदने का भरपूर मजा मिल रहा था। आशीष मेरे को किस करते हुए अपनी कमर उठा उठा कर चोद रहा था।

“और जोर से चोदो!!! मेरे राजा बड़े दिनों के बाद ये मजा मिला है। फाड़ डालो! और जोर से चोदो! मेरे राजा “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज मै निकलने लगी।

उसके लंड ने मेरे चूत को जबरदस्त रगड़ देना शुरू किया। मेरे को लगने लगा आज मेरे को ये मार ही आज मार ही डालेगा। मैं चिल्लाती रही लेकिन वो अपनी धुन में मस्त था। वो जड़ तक अपना लंड डालकर मेरी चुदाई कर रहा था। कुछ देर में ही वो थक कर बैठ गया। मै उसके लोहे की सलाखों जैसे लंड पर अपनी चूत रख कर बैठ गयी। मेरी चूत में उसका पूरा लंड समाहित हो गया। मैं आशीष के लंड पर उछल उछल कर चुदने लगी। “ओह्ह ओह्ह ओह सी सी सी fuck me hard विकास!!” की आवाज से पूरा कमरा गूँज रहा था। हिन्दी पोर्न स्टोरीज डॉटकॉम मै धीरे धीरे कुछ ज्यादा ही उत्तेजित होने लगी। मेरी चूत से माल निकलने वाला था। मै जोर जोर से “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज निकालते हुए झड़ गयी। उसका लंड मेरे माल से भीग गया। उसने भी अपनी कमर उठा उठा कर मेरे को और ज्यादा स्पीड से चोदना शुरू किया। उसका लंड तेजी से मेरी चूत में जल्दी जल्दी अंदर बाहर कर रहा था। जिससे मेरी चूत की रगड़ से वो भी झड़ गया। मेरी चूत में अपना गरमा गरम माल निकाल कर मेरी चूत को भर दिया है। अपने लंड को मेरी चूत से उसने निकाल लिया।
“आज तो मजा आ गया! मेरी चूत को फाड़कर तुमने मेरे बताये हुए काम को बहुत अच्छे से कर दिखाया” मैंने कहा

उसके बाद उसने अपना कपड़ा पहना। अपना फोन लेकर चला गया। मेरे को चोदने का बहाना निकाल कर मेरे घर आकर वो मेरे को चोद कर मजा लूटता।

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