दोस्त की माँ को दोपहर में चोदा, घर पर कोई नहीं था


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यह कहानी है मेरे दोस्त शैलेश जो की गुजराती है उसकी मां और मेरी.. वह मुंबई (अंधेरी) में रहती है, उनका नाम है पूजा उमर हे ४० और फिगर है ४०-४२-४०. मुझे उनकी गांड ज्यादा पसंद है, आप जानते ही होंगे कि गुजराती आंटी कितनी सेक्सी होती है. उनके पति की खुद की कपड़ों की दुकान है, इसलिए वह ज्यादातर टाइम दुकान पर ही रहते हैं. मैं आपका ज्यादा टाइम ना वेस्ट करते हुए स्टोरी पर आता हूं. यह कहानी पिछले महीने की है संडे का दिन था.

पूजा आंटी और उनका लड़का ही घर में थे, मैं कुछ काम के लिए अंधेरी गया हुआ था तो सोचा कि उनको मिलूं, बहुत दिन हो गए हैं. तो मैं उनके घर दोपहर को गया गर्मी ज्यादा थी मैंने ३/४  पहनी थी और टी शर्ट पहना था, जब मैंने बेल बजाई तो आंटी ने दरवाजा खोला. उस वक्त मस्त लग रही थी, काले रंग की साड़ी और  ब्लाउज वह भी साइज से कम का और डीप लो कट का, उसमे से उनके मम्में आधे से ज्यादा दिख रहे थे, मैं उनको ही देख रहा था.

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आंटी – क्या हुआ अंदर नहीं आना है क्या सेंडी?

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मैं – (होश में आ कर) वो हा क्यों नाहह हाआया आंटी.

आंटी – बेटा, बैठो मैं तुम्हारे लिए कुछ ठंडा लाती हूं.

और कहते ही वह किचन में चली गई, मैं उनके ही देख रहा था, उनकी गांड मस्त हील रही थी, ऐसा लग रहा था कि अभी जाऊं और गांड को खूब चोदूं. मैं तो पहले से ही उनको को चोदने का सपना देख रहा था, पर नसीब नहीं था. मैं वही हॉल में बैठा टीवी देख रहा था.

आंटी जब ठंडा लेकर आई, तो मैं देखता ही रह गया. आंटी ने चेंज किया था, उन्होंने एक ट्रांसपरेंट गाउन पहना था. गला एकदम डीप वाला था. जिससे आंटी के मम्मे दिख रहे थे.

जब आंटी मुझे पानी देने के लिए झुकी तो मैं देखता ही रह गया, उनके मम्मे मुझे साफ दिखाई दे रहे थे, उन्होंने काली ब्रा पहनी थी, पर वह छोटी थी जिस से उनके मम्मे आधे से ज्यादा दिख रहे थे, और उनकी मम्मो के बीच के दरार ज्यादा दिख रही थी, उनके मम्मो के बीच की दरार तो क्या मस्त लग रही थी? मैं बस वही देख रहा था, मस्त सीन था. और मैं गर्म होने लगा. आंटी ने मुझे ठंडा दिया और मेरे बगल में आकर बैठ गई, और मुझे बातें करने लगी.

आंटी – क्या सेंडी, कैसे चल रहा है?

मैं – अच्छा आंटी..

आंटी – मम्मी पापा कैसे हैं?

मैं – ठीक हे, और आप कैसी हैं?

आंटी – मैं जैसे दिख रही हूं वैसी हूं और उनका चेहरा उदास हो गया.

मैं – क्या हुआ आंटी आप उदास क्यों हो? अंकल से झगड़ा हो गया क्या?

आंटी – नहीं, कुछ नहीं बस ऐसे ही.

मैं – नहीं, कुछ तो हुआ है आप मुझसे कुछ छुपा रही हो.

आंटी – सेंडी तेरे अंकल मुझे..

मैं – हां आंटी आपसे क्या?

आंटी – वह ना मुझे टाइम नहीं देते, सारा दिन वह दुकान पर ही रहते हैं. सिर्फ रात को खाना खाने आते हैं और सो जाते हैं.

मैं – अच्छा यह बात है तो आप भी उनके साथ जाया करो दुकान पर, आपका टाइम पास ही भी हो जाएगा.

आंटी – नहीं मुझे अच्छा नहीं लगता और मैं वहां बोर हो जाऊंगी, अच्छा तुम बैठो मैं तुम्हारे लिए कुछ स्नैक्स लाती हूं, और वह किचन में चली गई मैं उधर टीवी  देख रहा था.

कुछ देर बाद आंटी आई और मेरे से सटक के बैठी और अब उनके बोलने का ढंग अचानक चेंज हो गया था. और वह मुझसे कुछ ज्यादा ही सटक के बैठी थी और उनके चेहरे पर स्माइल दिख रही थी, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था.

आंटी – सैंडी मैं तुमसे एक बात पूछूं? सच बताना..

मैं – हां आंटी, क्यों नहीं. पूछो ना जो पूछना है.

आंटी – क्या तुम सेक्सी स्टोरी लिखते हो?

मैं – नहीं आःह आम्म, आंटी आपको किसने कहा?

आंटी – कौन क्यूं बताएगा? मैंने खुद पढ़ी है तुम्हारी स्टोरी, देखो सच बताओ.

मैं – आंटी आप किसी को नहीं बताना प्लीज, हां मैं लिखता हूं. क्योंकि मुझे अच्छा लगता है एक्सपीरियंस शेयर करना.

आंटी – अब आंटी मुझे और सटक के बैठी और अपना एक हाथ मेरी जांघ पर रखा और सहलाने लगी और बोली.

आंटी – तुम्हें बड़ी उम्र की औरते पसंद है ना?

मैं – हां आंटी.

आंटी – उनमें तुम को ज्यादातर गांड पसंद है ना वह भी बड़ी वाली?

मैं – (सुनकर चौंक गया आंटी सीधे सीधे गंदी बातें करने लगी मैंने सोचा क्यों ना मैं भी आंटी को थोड़ा गर्म करूं तो वह चुदवाने को तैयार हो जाएगी) हां आंटी, मुझे उनकी मोटी और भरी हुई गांड पसंद है. आंटी मेरी बात सुनकर खुश हो गई और अपना हाथ धीरे धीरे मेरी जांघ से ऊपर सरकाने लगी, मुझे अच्छा लगने लगा था अब आंटी का हाथ मेरे लंड को टच कर रहा था, और मेरा लंड खड़ा हो रहा था.

आंटी – और क्या अच्छा लगता है तुम्हें?

मैं – मुझे उनके मम्में को दबाना अच्छा लगता है और उनका दूध पीना और उनके मम्में की चूची जो बड़ी हो तो और ज्यादा मजा आता है, और कहते ही मैंने अपनी जिभ को अपने होठों पर फेरने लगा.

आंटी अब थोड़ा गर्म हो रही थी और मेरी बातों को सुनकर वह अपने हाथ से अपनी जांघों को सहलाने लगी और मेरे लंड को भी सहलाने लगी.

आंटी – और क्या?

मैं – मुझे उनकी फूली हुई चूत को चाटने में बड़ा मजा आता है.

में – क्या आंटी अंकल ने कभी आप की चूत को चाटा है?

आंटी – नहीं वह तो कितने दिनों से मुझसे..

मैं – हां आंटी आपसे क्या?

आंटी – हट बेशर्म कही का, मुझे शर्म आती है.

मैं – अब क्यों शर्मा रही हो आंटी? जब मेरे लंड को पकड़ने में शर्मा नहीं रही थी तो अब क्यों शर्मा रही हो? देखो ना आपने क्या किया है? आपके हाथ लगाते ही मेरा लंड खड़ा हो गया है, और कहते ही मे उनके हाथ को और जोर से मेरे लंड पर दबाने लगा और पूछा बताओ ना आंटी, अंकल आपको कितने दिनों से क्या?

आंटी – हां बताती हूं, उन्होंने मुझे कितने दिनों से चोदा नहीं है.

आंटी अब गर्म हो गई थी और अब अपने हाथ मेरे लंड पर जोर शोर से रगड़ने लगी, अब मैं भी उनकी जांघ को सहलाने लगा, आंटी ने अपनी आंखें बंद की और जोर जोर से सांस लेने लगी. मुझे बड़ा मजा आ रहा था कुछ देर में उनकी जांगो को सहला रहा था और आंटी जोर जोर से सांसे ले रही थी.

फिर मैं धीरे से उनके मम्में पर हाथ फेरने लगा, क्या मस्त और सॉफ्ट मम्मे थे उनके? उनके निप्पल हार्ड हो चुके थे, आंटी अभी भी आंखें बंद करके मजा ले रही थी, और मैं अपने हाथों से उनके जांघो को और मम्मो को सहला रहा था, कुछ देर सहलाने के बाद आंटी को बर्दाश्त नहीं हो रहा था, आंटी खुद ही मेरे हाथ अपनी चूत पर फेरने लगी, मैं समझ गया आंटी पूरी गर्म हो गई है.

मैं – आंटी, कभी अंकल ने आपके मम्मो को चूसा है? और कहते ही मैं उनके मम्मो को गाउन के ऊपर से ही चूमने लगा, ऐसे किया है क्या आंटी ह्म्म्म?

आंटी – अह्ह्ह श्ह्ह्हा यस्श्श्स ओह्ह हहह अम्म्म नहीं, उन्होंने कभी मेरी चूची को ऐसे चूसा नहीं है.

मैं – और आंटी आपके निप्पल तो बहुत बड़े हैं मैं देख सकता हूं और कहते ही मैंने उनके गाउन के आगे के बटन खोले और गाउन के अंदर हाथ डालने लगा, वह क्या मस्त हा मजा आ रहा था.

आंटी – हऊओह ओह अहह औऊ अम्म्म सेंडी हां बड़ा मजा आ रहा है ओह्ह्ह तुम तो बड़े शैतान हो, पूछते हो और जवाब मिलने से पहले ही निप्पल को दबाने लगते हो, हांह्ह्ह्ह और आहह इईई ओह्ह्ह्ह और दबाओ और जोर से दबा, मजा आ मिल रहा है..

कुछ देर में उनके मम्मो को दबा रहा था और मैं उनकी गाउन निकालने लगा.

आंटी – अब क्या नंगा करेगा अपनी आंटी को, बेशर्म?

मैं – हा आंटी, गाउन निकलूंगा तो ही खजाना दिखेगा, और मजा भी आएगा, और कहते ही मैंने उनका गाउन निकाल दिया, अब आंटी सिर्फ मेरे सामने काली ट्रांसपरंट ब्रा और पेंटी में थी, क्या कमाल की लग रही थी?

आंटी – कर दिया ना आधा नंगा? बेशर्म. अभी क्या करना है मुझे भी बता दे.

मैं – आपको कुछ नहीं करना है, जो करना है मैं करुंगा. आपको तो बस मजा लेना है. और कहते ही मैं उनके लिप्स को किस करने लगा. क्या मस्त लिप्स हैं आपके? क्या सुबह कुछ मीठा खाया था क्या? इतने मीठे लग रहे हे आआह्ह हहह बहुत मजा आ रहा हे.

आंटी – हट नालायक.. कुछ तो नहीं खाया, बस चाय पी है और तेरे भी तो होठ मस्त है ह्ह्हः ऊऊ अह्ह्ह ओह्ह अह्ह्ह औऊ मुह्ह्ह्ह  आह्ह्ह किस मी सेंडी..

मैं – क्या आंटी अंकल ने कभी किस किया क्या आपको?

आंटी – नहीं रे.. उनको तो करना ही नहीं आता.

मैं – तो आप सिखाने का ना उनको किस करना.. और सिर्फ यहां नहीं इधर भी करना सिखाने का कहते ही मैं उनकी चूत को छेड़ने लगा.

आंटी – अहह उऔउ ओह्ह हहह क्या कर रहे हो सेंडी.. वहां पर किस करने की जगह है क्या? और तुमने की हे तो तुम ही सिखाओ ना कैसे करते हैं वहां पर किस..

मैं – वहां कहां आंटी?

आंटी – हट नालायक, सब मुझसे ही बुलवाएगा क्या और कहते ही मेरे गाल पर एक हल्का सा चांटा मारा.

मैं – अब शर्मा क्यों रही हो बताओ ना आंटी.

आंटी – ओह्ह्ह  बताती हूं बाबा, तुम बड़े जिद्दी हो. वहां यानी यहां याने चूत पर.

मैं – क्या आंटी कहां पर?

आंटी – चूत चूत चूत अब खुश हो गए? कहते ही मुझे अपने नजदीक बुलाया और मुझे किस करने लगी बड़ी जोर जोर से करने लगी.. जैसे कभी किस किया नहीं हो. कुछ देर बाद मैंने अपनी जीभ उनके मुंह में डाल दी, उसे चूसने लगा. वह मजे से किस करने लगी.

कुछ देर किस करने के बाद में धीरे धीरे के उनके गले पर किस करने लगा और नीचे किस करने लगा. अब मैं उनके मम्मो को ब्रा के ऊपर से ही किस करने लगा, आंटी का शरीर कांपने लगा था और आंटी ज्यादा गर्म होने लगी.

मैं – आंटी आपके मम्में बहुत ही बड़े हैं कहते ही मैं उन्हें ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा और एक जोरदार पिंच किया..

आंटी – आउच क्या कर रहा है? आराम से कर ना.. दूखता है.. हां तुझे बड़े मम्में अच्छे लगते हैं ना, इसलिए बढ़ाए हैं, क्योंकि तुझसे मजा ले सकूं कहते ही मेरे सर को अपने मम्मो के ऊपर दबा और बोलने लगी खा जा सैंडी, कब से इन्हें किसी ने हाथ तक नहीं लगाया है, खूब निचोड़ इन्हें दबाआआ जोर से दबाआआ.

आह्ह अह्ह्ह ओह्ह हहह बहुत मजा आ रहा है, तेरे अंकल तो मुझ में इंटरेस्ट ही नहीं लेते आह्ह औऊ और आअऊ ऊह्ह आज मेरी इच्छा पूरी कर दे सेंडी जोर से और जोर से कर अहहह ईग हहह अय्या स्स्स्स देख क्या रहा है?

मैं – आंटी अभी तो आप चिल्लाई ना जब मैंने आपको जोर से आपके मम्में पर पिंच किया और अभी आप बोल रही हो दबा और जोर से खाआया जाआआ.

आंटी – क्या करूं तेरा हाथ भी ऐसा है कि दबवाने का मन कर रहा है और कहते ही मेरे हाथों पर अपने हाथ रखकर अपने मम्मों को दबाने लगी.

कुछ देर मम्में दबाने के बाद मैंने उनकी ब्रा को निकाल दिया और उनके नंगे मम्मो को धीरे से दबाने लगा, क्या मस्त दिख रहे थे. क्या साइज है आंटी आपके मम्मो की? कहते ही मैं उनके मम्मी को धीरे से चाटने लगा, धीरे धीरे में उनके मम्मो को चूसने लगा, क्या मस्त स्वाद था उनका? और उनके निप्पल भी कड़क हो रहे थे, और बड़े लग रहे थे. मैं तो उन्हें खा रहा था और आंटी सिसकियां भर रही थी.

हां और चुस सेंडि बड़ा मजा आ रहा है, तो बहुत मस्त चूसता है, आनंद मिल रहा है आह्ह्ह दबा जोर से दबा अहहह ईस तरह बड़बड़ा रही थी, और मेरे लंड को सहला रही थी. करीब १० मिनट में उनके मम्मो का रस पी रहा था, अब मैं धीरे धीरे उनके मम्मो से नीचे किस कर रहा था, नाभि पर किस किया. और फिर मैं उनकी जांघो को चूसने लगा, आंटी मछली की तरह तड़प रही थी. और मेरे सर में उंगली घुमा रही थी.

उनकी चूत पानी छोड़ रही थी इसलिए उनकी पैंटी गीली हो गई थी, आंटी के पानी की खुशबू मुझे और ज्यादा गर्म कर रही थी, कुछ देर में आंटी की पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत को चूसने लगा, आह्ह उऔउ ओह्ह हहह उऔ मा आऔऊ ओऊ इई और चूस आह्ह अय्स्स्स इस तरह आंटी आवाज निकाल रही थी. अब मैंने आंटी की पैंटी को निकाल दिया, अब आंटी मेरे सामने पूरी नंगी थी और मैं उनकी नंगी चूत को देखने लगा, क्या मस्त बालों से भरी हुई चूत थी? और उसके ऊपर चूत का रस था. वाह क्या मस्त लग रहा था, तभी आंटी ने मुझे चाटा मारा और कहां.

आंटी – कर दिया ना मुझे पूरा नंगा, बेशर्म और क्या देख रहा है? जो देखना था वह देख लिया ना, और फिर से मेरे गाल पर चांटा मारा.

मैं – क्या मस्त चीज है आपकी आंटी?

आंटी – हट बेशर्म, यह क्या चीज है??

मैं – तो क्या है आंटी?

आंटी – चूत है, मुझे पता है कि तुम मुझे  बुलवाएगा, फिर मैं उनके चूत पर किस करने लगा, क्या मस्त मजा आ रहा था? उनकी चूत चूसने में,, सेंडी मार डाला.. क्या यह कर रहा है? मजा आ गया और चुस जोर से मेरे राज… कहां था इतने दिन.. मैं तो मरी जा रही हूं.. चूस और चुस आह्ह औउ ओओओ में निकाल रही हूं और मेरे को सर अपनी चूत पर दबाने लगी, कुछ देर बाद आंटी जड़ गई और ढेर सारा पानी मेरे मुंह पर छोड़ दिया और हांफने लगी.

आंटी – बड़ा मजा आया सेंडी.

मैं – अभी मजा बाकी है, और मैं उनके सर को मेरे लंड पर सरकाने लगा..

आंटी – मैं तुम्हारा चूसु क्या, मुझे नहीं आता है.

मैं – जैसे मैंने आपकी चूत को चूसा वैसे ही चूसना है, कहते ही मैंने अपना लंड  उनके लिप्स पर रगड़ने लगा.

आंटी को अब चूसने में मजा आ रहा था, इसलिए वह मजे से चूस रही थी. और मेरी ओर सेक्सी नजरों से देख रही थी, अचानक आंटी उठी और सोफे पर पैर फैला कर सोई और बोली चल दे डाल अब नहीं रहा जाता है मुझसे और मिटा दे सारी गर्मी मेरी चूत की, प्लीज सेंडी चोद नाआआअ… मैं समझ गया और मैंने झट से मेरे लंड  का सुपाड़ा उनकी चूत के मुह पर रगड़ने लगा

मेने एक जोर का धक्का मारा तो मेरा लंड उनकी चूत में आधा चला गया आह्ह ईई  मर गई रे.. आराम से डाल ना.. बहुत दिनों के बाद चुदवा रही हूं.. रूक के डाल दर्द हो रहा है. आंटी दर्द होगा तो ही ज्यादा मजा आएगा कहा और मैंने और जोर का धक्का मारा तो मेरा सारा का सारा लंड उनकी चूत में चला गया आंटी जोर से चिल्लाई धीरे चोद बोला ना हरामी..

दर्द होता है ना, मैं कहां भाग रही हूं? हाय फाड़ दी रे मेरी चूत रे, मैं कुछ देर ऐसे ही था, फिर आंटी का दर्द कम हो गया तो आंटी अपनी गांड उठा कर लंड को अंदर लेने लगी, और बोली सैंडी अब मार झटका जोर से, चोद आज आंटी को मिटा दे सारी गर्मी मेरी. और मार चोद ना और जोर से डाल नाआया मार मार जोर जोर से मार.

और जोर से मार क्या लंड है और जोर से मार चोद  अपनी फ्रेंड की मम्मी को जोर जोर से.. बहुत मजा आ रहा है. जोर जोर से लंड डाल ना चूत में..

और कहते ही जड़ गई, आंटी को करीब ३० मिनट तक चोदा उस टाइम तक आंटी तीन बार झड़ चुकी थी, और मैं जड़ा ही नहीं था. मुझे उनकी गांड मारनी थी, क्योंकि मुझे बड़ी गांड पसंद है. मैंने आंटी के कान में बोला आंटी मुझे आपका पीछे वाला खजाना चुराना है चुराऊ क्या? और मैं उनकी गांड को सहलाने लगा

आंटी हां ले ले, तुझे तो सबसे प्यारा लगता है ना, जो चाहिए ले ले. आज से मैं तेरी गुलाम हू, और कहते ही मैंने उनको डॉगी स्टाइल में होने को कहा, और मेरे लंड को उनकी गांड के छेद में लगाया, और धक्का मारा, गांड का होल छोटा था तो इसलिए सिर्फ सूपड़ा ही अंदर चला गया.. आंटी बोली आराम से करना. गांड है चूत नहीं समझे.. नहीं तो कुत्ते की तरह डालेगा और मुझे दर्द होगा.. और फिर मैंने अपने लंड  को थोड़ा गीला किया और उनकी गांड में थूका और फिर लंड को निशाने पर रखा और धक्का मारा.. इस बार आधा लंड चला गया, आंटी चिल्लाई ओह्ह्ह माआआ फट गई गांड निकाल, नहीं मरवानी मुझे… मार डाला रे… मैं कुछ देर रुका और फिर धीरे धीरे चोदने लगा.. अब उसे मजा आने लगा आंटी अपनी गांड चलाने लगे और मेरे लंड को ज्यादा अंदर लेने लगी.

मार और जोर से मार दबा ओह्ह अह्ह्ह बड़ा मजा आ रहा है,  अपनी दोस्त की मां की गांड मार..  कितने दिनों से चुदवाना चाहती है.. मार मार जोर से मार.. च दोस्त आह्ह औउ ओह्ह हहह अम्म ओह हहह अब मेरा निकलने वाला है सेंडि और कहते  ही वह झड़ गई, उसके कुछ ही सेकंड बाद मैं भी उनकी गांड में झड़ गया.

आंटी – बड़ा मजा दिया तूने आज मेरा सपना पूरा हो गया.

मैं – मेरा भी सपना पूरा हो गया आंटी, मैं कब से आपको चोदना चाहता था.

आंटी – अब जब भी मन करे चले आना.

और मुझे जोर से किस करने लगी, जब मैंने घड़ी देखी तो उसमें शाम के ४  बजे थे मैं फ्रेश हो गया और अपने घर आ गया.

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