दोस्त के घर पर और ट्रेन में बीवी को चोदा

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ये बात तब की हे जब मैं अपनी वाइफ के साथ पूवर, केरल की ट्रिप के लिए जा रहा था. हमारा बच्चा भी हे. लेकिन उसके बाद भी मेरी वाइफ ने अपने फिगर को एकदम सही मेंटेन कर रखा हे.

हम ट्रेन से केरल जा रहे थे. ट्रेन इ कुछ नहीं हुआ और हम आराम से हमारे रिसोर्ट पर पहुँच गए. वहां पर हमने खूब एन्जॉय किया. और फिर आखरी दिन को हम दोनों ने फुल बॉडी मसाज का मज़ा लिया. मुझे एक मर्द ने और मेरी वाइफ को एक औरत ने मसाज दिया था. ओइल मसाज के बाद हम दोनों ने ही स्टीम बात भी लिया. और इसके बाद तो हमारा मूड बनना ही था!

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रिसोर्ट से चेकआउट करने के बाद हम पुवर के पास ही एक फ्रेंड के प्लेस पर चले गए. हमने वहां पर मस्त लंच किया और फिर दोस्त ने हमें आराम करने के लिए एक बेडरूम दिखाया. और वहां पर सही मौका था बीवी के साथ मजे करने का. अंदर जा के हम कुछ देर के लिए सो गए. और हमारे बच्चे के सोने के बाद हमारी शैतानी चालू हो गई.

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मैं अपनी वाइफ के बदन के साथ खेलने लगा था. उसने तब कैसुअल जींस और टी शर्ट पहनी हुई थी. मैं धीरे से अपने हाथ को उसके पेट के ऊपर ले गया टी शर्ट के ऊपर से ही. उसने मेरे हाथ को ये कह के पकड लिया की हम किसी और के घर में हे इसलिए यहाँ शैतानी मत करो. वो किसी और के घर में चुदाई से थोड़ी शरमा रही थी. लेकिन मेरे दिमाग में चोदने का चस्का चढ़ा हुआ था इसलिए मैं फिर रुक नहीं सका.

मैंने उसे अपनेपास खिंच लिया और उसके बदन को हाथ से सहलाने लगा. मेरी बीवी को ये बड़ा अच्छा लगता हे. ऐसा करने से उसके बदन में भी गर्मी बढ़ने लगी थी और वो अब मुझे कोआपरेट कर रही थी. मैंने उसके हाथ को ऊपर कर के उसकी टी शर्ट को निकाल फेंका. वाऊ वो अन्दर एकदम सेक्सी लग रही थी. हम धीरे धीरे हम दोनों के अन्दर की फिलिंग को जगा रहे थे. मैंने अपनी वाइफ के बेली बटन को किस किया और उसे ऊँगली से हिलाने भी लगा. उसकी टी शर्ट को पूरा निकाल के फेंक दिया मैंने. और फिर मेरे हाथ में उसके ज्युसी बूब्स आ चुके थे. मैं बूब्स को दबाते हुए उसके ज्युसी लिप्स को चूस रहा था. बाप रे ये सब करने में कितना मजा आ रहा था मुझे!

अब वो भी जैसे भूल चुकी थी की हम कहाँ पर थे और उसका भी मूड बन चूका था मजे से मेरा लंड लेने के लिए. वो मेरे और भी करीब आया के मुझे एकदम वाइल्ड किसिंग कर रही थी. इसी दौरान मैंने भी अपने कपडे निकाल दिए थे और मैं पूरा न्यूड हो चूका था. हम एक दुसरे से एकदमकस के चिपक रहे थे. मैंने उसकी जींस को खिंच लिया और वो अब सिर्फ ब्रा और पेंटी के अन्दर थी. हम दोनों अभी भी किस कर रहे थे, मेरा एक हाथ उस वक्त मेरी वाइफ की चूत पर और दूसरा उसके बूब्स के ऊपर था.

फिर मैंने उसको बेड के ऊपर लिटा दिया और उसके बाकी के कपडे निकाल के उसे पूरा नंगा कर दिया. कोई दरवाजे के ऊपर दस्तक ना दे दे उसका डर हम दोनों के जहन में था. मैं उसके ऊपर चढ़ के उसकी चूत चोदने के लिए बढ़ा. लेकिन उसने मुझे कहा की वो मेरे ऊपर राइड कर के चुदवाना चाहती थी. मैंने उसे अपने ऊपर बिठा दिया. वो मेरी बॉडी को फिल कर रही थी. मुझे पुरे बदन के ऊपर झुक झुक के किस कर रही थी और मैं उसकी चूत को टीज कर रहा था. मैंने अपने लंड को उसकी चूत की फांको के ऊपर घिसा.

अब मैंने लंड को सही एंगल से उसकी चूत पर लगा दिया और उसने भी बॉडी को सही ढंग से मेरे ऊपर ला के अपनी चूत में मेरा लंड ले लिया. उसकी चूत एकदम गीली थी और लंड बिना किसी परेशानी के आराम से अन्दर घुस भी गया. वो अपने बूब्स को हिलाते हुए उछल उछल के मेरे लंड से चुदने लगी थी.

करीब 15 मिनिट तक उसने ऐसे बूब्स को हिला हिला के अपनी चूत को मेरे लंड से चुदवाया. फिर मैंने उसको अपने गले से चिपका लिया क्यूंकि मैं झड़ने की कगार पर खड़ा हुआ था. मेरी वाइफ चूत में नही लेकिन अपने बूब्स के ऊपर माल लेना चाहती थी. मैंने लंड को निकाल के अपना माल उसके बूब्स के ऊपर स्प्रे कर दिया. हम दोनों को ही शांति मिल चुकी थी.

फिर हम दोनों ने साथ में बात लिया करीब 20 मिनिट तक और फिर एक दुसरे से चिपक के घंटा भर सो गए. दरवाजे के ऊपर नोक हुई तब हमारी नींद उडी. हमें ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पर भी जाना था.

मेरे दोस्त की कार से हम स्टेशन पर गए. हमारी रिटर्न जर्नी इस एक्सप्रेस ट्रेन में थी जिसके केवल 2 स्टॉप ही थे. ट्रेन के अन्दर उस दिन कम ही लोग थे. हमारा टू टियर एसी का बुकिंग था और पूरी बोगी में मुस्किल से 10 लोग थे उस वक्त.

हमने रात के 9 बजे ट्रेन बोर्ड की थी. दोपहर को अच्छे सेक्स और नींद की वजह से अभी हम दोनों को नींद नहीं आ रही थी. मेरे दिमाग में एक शैतानी ख्याल कब से कुलबुला रहा था. मैं बीवी को इस रिस्की जगह में चोदने का मूड बना बैठा था. लेकिन मैं ये भी जानता था की मेरे इस खुराफाती आइडिया से वो कभी अग्री नहीं करनेवाली थी!

इसलिए मैंने पहले वेट किया की बोगी के सब लोग सो जाए. मेरा बच्चा भी करीब 10 बजे सो चूका था. करीब सवा दस बजे मैंने वाइफ को उठाया और उसको अपने करीब बुला लिया. वो थोड़ी सरप्राइज लग रही थी. लेकिन वो मेरे पास आ गई. हमने बच्चे को एकदम सही सुला दिया और फिर हमने अपनी नोटी रात के काम चालु कर दिए.

वो ट्रेन में अपने कपडे उतार के नंगे होने में थोडा कतरा सी रही थी. उसको लगता था की यहाँ कोई भी आ के हमें पकड़ सकता था. उसकी बात सही थी इसलिए मैंने कपडे निकाले बिना ही फॉर-प्ले चालू कर दिया. मैं उसके बदन का हर सॉफ्ट हिस्सा अपने हाथ से मसल रहा था जैसे उसके बूब्स, गाल, जांघ और गांड को. हम दोनों मस्त किस कर के एक दुसरे को अपने थूंक का सवाद भी ले दे रहे थे.

मैंने अपनी और उसकी जींस को निचे कर दिया थोडा. मेरा लंड बहार निकाल के मैंने वाइफ के हाथ में पकड़ा दिया और वो उसके साथ ख़ुशी से खेलने भी लगी. पहले उसने मेरे लंड को मस्ती से हिलाया और फिर निचे झुक के उसे अपने मुहं में भी ले लिया. वहां पर हमें कोई भी काण्ड करते हुए देख सकता था. और इस डर और रोमांच के साथ में सेक्स करने का अपना अलग ही मजा आ रहा था. बीवी ने मेरे लंड को मस्त सक कर के और हिला हिला के उसे एकदम कडक कर दिया था.  फिर मैंने उसको सिट पर बिठा के उसकी टांगो को चौड़ा करवा दिया. जैसे मैंने सोचा था वैसे ही वो एकदम गीली हो गई थी और उसकी चूत से पानी निकलता हुआ दिख रहा था.

अब मैंने बिना कोई टाइम वेस्ट किये अपने लंड को उसकी गीली चूत में घुसा दिया. और मैं अपनी कमर को हिला के उसकी चूत को चोदने लगा. वो हलकी हलकी मोअन कर रही थी. मुझे डर भी था की कही कोई हमारी मोअनिंग को सुन न ले. मैंने उसे अपने ऊपर ले लिया और उसकी कमर के ऊपर और गांड के ऊपर हाथ घुमा के मैं उसको चोद रहा था. वो भी मेरे चेस्ट पर अपने बूब्स को घिसते हुए और कमर को हिला हिला के चुदने का मजा लुट रही थी,

मैंने कुछ 15 17 मिनिट तक उसे जम के चोदा. और फिर मैं उसके चूत के बाल के ऊपर ही अपने माल को चोदने लगा. हम दोनों ही खुश और संतुष्ट थे इस चुदाई के बाद. पब्ल्कि प्लेस में चुदाई करना वो भी बिना पकडे गए एक अलग ही फेंटसी थी. और इस फेंटसी को पूरा करने के बाद मुझे आराम और सुकून की नींद आ गई.

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