दिहाड़ी मजदूर ने माँ को चोदा


Click to Download this video!
loading...

हाई दोस्तों मेरा नाम विक्रम आहूजा है. और मैं दिल्ली में रहता हु. आज मैं आप को अपनी सगी माँ की सेक्स कहानी बताने के लिए आया है. ये कहानी आज से कुछ दिन पहले की ही है. मेरी माँ को मेरे एक वर्कर ने मस्त चोदा उसकी ये कहानी है. कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आप को मेरी माँ के बारे में बता देता हु. जैसे की मैंने बोला की मेरा नाम विक्रम है. और मैं दिल्ली की एक मिडल क्लास फेमली को बिलोंग करता हूँ. मेरे पापा एक कांट्रेक्टर है. और मेरी माँ हाउसवाइफ है. माँ का नाम सपना है. माँ का साइज़ एवरेज है ना मोटी ना ही दुबली. माँ का बदन ऐसा है की उसको देख के किसी का लंड भी खड़ा हो जाए. माँ की उम्र अभी 46 साल की है और उसका फिगर 34 32 36 का है.

मैं और पापा हमारा काम देखते है और मैं अक्सर उनकी साईट पर जाता हु, कुछ दिन पहले की बात है मेरी माँ ने मेरे को बोला की एसी में कुछ प्रॉब्लम है. मैंने देखा तो पता चला की एसी के पास काफी धुल जमी हुई थी. और मैं समज गया की धुल मिटटी की वजह से ही शायद एसी की कुलिंग में प्रोब्लेम आ रही होगी. पापा ने कहा की राजू को बोल दो वो साफ़ सफाई कर देगा. राजू पापा की साईट पर ही काम करता है. वो एक दिहाड़ी आदमी है जो बिहार से बिलोंग करता है लेकिन अपनी रोजी रोटी के लिए यहाँ दिल्ली में आया हुआ है. वो मजाकिया आदमी है और उसकी उम्र करीब 24 साल की है. राजू को पापा ऐसे घर के काम के लिए भेजते थे क्यूंकि उसके ऊपर घर में सब को ट्रस्ट था. अगले ही दिन पापा ने उसे मोर्निंग में हमारे घर पर बुला लिया. पापा ने उसे काम समझा दिया और फिर मैं और पापा साईट के लिए निकल पड़े. आधे रस्ते ही पहुंचे थे की मेरे एक दोस्त का कॉल आया. उसकी शादी थी और उसने कहा की चल शोपिंग करने चलते है. मैंने पापा को बोला पापा मैं थोडा जा के आता हूँ. पापा बोले जल्दी आ जाना. मैंने कहा ठीक है. पापा को साईट पर उतार के मैं कार ले के वापस आ गया. मैंने देखा की माँ अपने कमरे में थी. और राजू भी वही था. मैं वापस आया था ये बात उन्हें पता नहीं थी. मैंने अपने कमरे में ऊपर गया और वापस आया. मैं माँ को बोलने के लिए गया की मैं मार्किट की तरफ जा रहा हूँ अगर उसे कुछ चाहिए तो. तब मैंने राजू की आवाज सुनी की आंटी सही पकड़ो न बहुत हिला रही हो. मैंने देखा की राजू अंदर टेबल पर चढ़ के एसी के वायर पकड के सफाई कर रहा था. और माँ निचे टेबल पकड़ी हुई थी . bukovsky2008.ru

loading...

माँ ने उस वक्त एक सेक्सी मेक्सी पहनी हुई थी. और राजू एसी साफ़ करते हुए बार बार ऊपर से देख रहा था. मेरे को ये सब थोड़ा अजीब सा लगा. पहले मेरा मन हुआ की उसको बोलूं की साले सीधे से काम कर अपना. लेकिन फिर मैं चुपचाप वहीँ पर खड़े हुए देखने लगा. अचानक राजू ने अपने कपडे को जानबूझ के निचे गिरा दिया. और फिर वो माँ को बोला आंटी वो कपडा दीजिये निचे गिर गया है. माँ जब कपडा लेने के लिए निचे झुकी तो राजू ने अपने लंड को सहलाया. माँ ने उसके हाथ में कपड़ा दे दिया. और फिर वो माँ को देखते हुए वापस एसी की सफाई करने लगा. और फिर राजू ने एसी को साफ़ कर दिया. और माँ को बोला मैं निचे उतर रहा हूँ टेबल सही पकड़ना. और फिर साले ने निचे उतरते वक्त जानबूझ के अपने बदन को माँ के बूब्स से टकरा दिया. और फिर उसने निचे गिरने की एक्टिंग की और माँ को अपनी बाहों में भर लिया. मेरे मन में हुआ की ये साला जरुर माँ के साथ कुछ करेगा. मैंने अपने मोबाइल को निकाल के दोस्त को मेसेज किया की आज साईट पर काम ज्यादा है इसलिए आज नहीं जा सकते कल चलेंगे. bukovsky2008.ru

loading...

राजू अभी भी माँ की बाहों में ही था. फिर वो दूर हट के बोला सोरी आंटी टेबल फिसल रहा था इसलिए मैं आप के ऊपर आ गया. माँ हंस रही थी तो उसने बोला आप हंस क्यूँ रही हो. तो माँ ने बोला की इतने दिन से तू घर के काम के लिए आता है. और सिर्फ देख देख के ही खुश होता है. चल आज तेरा हाथ तो लगा कम से कम इसलिए मैं हंस पड़ी! माँ के मुहं से ये सब सुन के मैं तो एकदम ही शोक हो गया! और ये बात को सुन के राजू को भी कम शोक नहीं लगा था. उसने बोला आंटी. तभी माँ ने उसके होंठो पर अपनी एक ऊँगली रख के कहा आंटी जब हम दोनों के सिवा कोई और हो तब, और जब हम दोनों साथ में हो तो मेरे को सिर्फ सपना बोलो राज! राजू ने हंस के कहा ठीक है सपना! फिर माँ ने जो बोला वो और भी शोकिंग था. माँ ने बोला मैं तो जब भी तू आता था तो तेरे को ये सब दिखाती थी. लेकिन आज जा के तेरे अंदर की हिम्मत जागी और तूने मेरे को टच किया!

और फिर माँ ने राजू को गले लगा लिया. माँ को हग करते हुए राजू ने अपने हाथ से उसके चुंचे दबाये और बोला सपना मैं तो कब से चाहता था की ये सब करूँ लेकिन बहुत डर लगता था मेरे को. आज बहुत समय के बाद मेरे भी हिम्मत हुई. और फिर वो और मेरी मच्योर माँ दोनों एक दुसरे को किस करने लगे. 10 मिनिट तक वो ऐसे ही एक दुसरे को किस करते रहे. और साथ में वो माँ के बूब्स को भी दबा रहा था जोर जोर से. माँ भी कम चुदासी नहीं लग रही थी. वो भी उसका फुल साथ दे रही थी. फिर राजू ने माँ की मेक्सी को उतार दिया. माँ ने निचे ब्रा नहीं पहनी थी. सिर्फ पेंटी पहनी हुई थी. राजू ने बोला क्या बात है सपना कुछ पहनती नहीं हो क्या अपने आम के ऊपर? माँ ने उसके बालों में हाथ फेरते हुए कहा पागल जब जब तू घर आता है तो मैं ऐसे ही होती हूँ की तू कुछ देख के करे! राजू ने माँ के चुंचे मुहं में ले के चुसना चालू कर दिया. और ओ उन्हें दबाने लगा. थोड़ी देर तक ऐसे करने के बाद अब उसने माँ से अपने कपडे उतारने के लिए बोला माँ ने उसके सारे कपडे एक ही मिनिट में उतार दिते. और राजू अब मेरी माँ के सामने नंगा खड़ा हुआ था. और उसका लंड माँ को सलामी दे रहा था खड़ा हो के! माँ ने राजू के लंड को अपने कब्जे में ले लिया और उसे हिलाने लगी.

और इस मजदुर राजू ने अब माँ की पेंटी में हाथ डाल के उसे हिलाना चालू कर दिया. माँ के मुहं से अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह ह्ह्ह्हह ह्ह्ह्ह निकल पड़ा. राजू ने माँ को बेड पर लिटा दिया और एक ही झटके में माँ की टांगो को ऊपर कर के उसकी पेंटी को उतार दी. और माँ की चूत को देख के वो बड़ा खुश हो गया. उसने माँ की चूत में ऊँगली डाली और उसे अंदर बहार करने लगा. bukovsky2008.ru

मेरी माँ बस मचल रही थी और उसके मुहं से सिसकियों पर सिसकियाँ निकल रही थी. और माँ ने उसके लंड को हिलाना चालू कर दिया था. राजू का लंड पूरा खड़ा हो के करीब 7 इंच का हो गया था और माँ उसको बोली राजू तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है. राजू को फिर अपने ऊपर खिंच के माँ ने उसके कान में कहा जल्दी से इसे मेरे अंदर डाल दो!

राजू भी शायद मेरी मा की हालत को समझ गया था. ओ बोला सपना मेरी जान अभी तो तू जान बनी है मेरी, पहले मेरी रंडी बन जा फिर मैं तेरी चुदाई करूँगा!

मेरी माँ ये सुन के जरा भी शोक नहीं हुई और हंस के बोली, उसके लिए मेरे को क्या करना होगा वो तो बता दे? राजू ने अपने देसी लोडे को माँ के मुहं के आगे फडफडा दिया और बोला कुछ खास नहीं पहले उसे मुहं में ले ले चल!

माँ ने पहले तो उसे ब्लोव्जोब के लिए मना कर दिया की मैं ये सब नहीं करती हूँ! राजू ने माँ के माथे को पकड़ा और अपने लंड की तरफ खिंच के बोला, करता तो मैं भी बहुत कुछ नहीं हूँ, जो मेरा लंड नहीं चूसता है उसकी चूत को मैं नहीं चोदता हूँ!

और ऐसे चुदाई का लालच दे के माँ के मुहं में उसने अपना लंड दे दिया. राजू के लंड से बदबू आ रही थी तो माँ ने बोला अरे इसमें से तो बास आ रही है

राजू ने फिर से लंड को माँ के मुहं में दे दिया और बोला साली इस में से भले ही बदबू आ रही है लेकिन तुझे उसको चुसना ही पड़ेगा. और फिर पुरे का पूरा लंड उसने माँ के मुहं में जबरन घुसा दिया. और वो माँ के मुहं को चोदने लगा. करीब 10 मिनिट तक ऐसे करने के बाद माँ के मुहं में ही ओ झड़ गया और बोला साली रंडी सारा पानी पी ले अब. माँ ने बहुत कोशिश की मुहं से लंड को बहार कर देने की. लेकिन पूरा मुठ पिलाने से पहले राजू ने लंड को बहार निकाला ही नहीं. और फिर लंड को चटवा के साफ़ भी कराया उसने. और फिर लंड को मुहं से निकाल के राजू माँ की चूत में ऊँगली करने लगा. और फिर उसने माँ की चूत को पूरा खोल के चाटा. माँ तो पूरी की पूरी मचल सी गई थी. ओ राजू के सर को पकड के अपनी चूत पर दबा रही थी.

फिर राजू ने माँ के साथ 69 पोजीशन बनाई और माँ ने अब की बार लंड को बड़े मजे से चूसा. राजू के लंड को उसने फिर से एकदम खड़ा कर दिया था. राजू ने बोला रंडी कन्डोम है या ऐसे ही भर दूँ तेरी भोसड़ी को. माँ ने कहा रुको और बेड के निचे से माँ ने कंडोम का पेकेट निकाला. माँ ने अपने हाथ से उसके लंड को कंडोम पहना दिया और राजू फिर माँ की चूत के पास आ गया. bukovsky2008.ru

उसने लंड को एकदम हलके से माँ की चूत के ऊपर रख दिया. माँ की चूत तब एकदम गीली थी और लंड एक ही बार में अंदर चला गया. माँ दर्द से चिल्ला पड़ी राजू मार दिया साले आराम से कर जान लेगा क्या मेरी! ये सुन के राजू को और भी जोश सा चढ़ गया और वो जोर जोर से धक्के देने लगा.

और ओ माँ की चूत को चोदते हुए बूब्स दबा रहा था और किस कर रहा था. माँ की चूत को ओ ऐसे कस कस के चोद रहा था की कमरे से पच पच और माँ की आहों के अलावा किसी और की आवाज नहीं आ रही थी!

ऑलमोस्ट 10 मिनिट तक उसने माँ को ऐसे ही जोर जोर से चोदा. और फिर वो झड़ने पर हुआ तो उसने अपनी स्पीड को और भी तेज कर दी. और माँ भी तब तक शायद झड चुकी थी. और राजू भी माँ की चूत में ही झड़ पड़ा. माँ को चोद चोद के उसने शांत कर दिया था. राजू ने अब अपना लंड निकाला और माँ को बोला साफ़ कर दे उसे अपने मुहं से!

माँ ने बड़े ही प्यार से मुहं में ले के साफ़ कर दिया और उसे स्माइल दे के बोली आज कितने सालों के बाद मेरे को चुदाई का असली मजा आया है!

ये लाइन ने मेरे को पिगला दिया. मुझे लगा की शायद माँ को भी सेक्स की जरूरत है! एक पल के लिए मुझे लगा की उसने कुछ गलत नहीं किया अपनी आग को शांत कर के! मैं वापस साईट पर जाने के लिए घर से निकल गया!  bukovsky2008.ru

Share this Story:
loading...

Warning: This site is just for fun fictional SexyStories | To use this website, you must be over 18 years of age


Online porn video at mobile phone