दिल्ही वाली तलाकशुदा आंटी की चुदाई

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हेलो दोस्तों,मेरा नाम प्रेम हे, और मेरी ऐज २६ इयर्स है. ये चुदाई स्टोरी तब की जब में दिल्ली जॉब करता था. में डेली मेट्रो ट्रेन से ट्रेवल करता था. ट्रेवलिंग के टाइम में यही सोचता था, कोई लड़की या आंटी मेरे साइड में बैठ जाये, उस टाइम मेरा बेडलक चल रहा था.

फिर एक दीन एक स्मार्ट इस आंटी मेरे साइड में आकर बैठ गयी. वो बदखल मोड़ से चडी थी. उसकी ऐज २९ के अराउंड थी. और में उसकी तरफ देख रहा, शायद वो फेसबुक पर किसी लड़की से चेट कर रही थी.

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थोड़े टाइम बाद ट्रेन में भीड़ हो गयी. अब में आंटी से बिलकुल चिपक के बैठ गया. मेरा एक हाथ उनकी चुचियो को टच हो रहा था. मुझे डर लग रहा था, लेकिन आंटी ने कुछ नही बोला. में धीरे धीरे अपने हाथ से उनकी चुचियो को सहला रहा था. आंटी ने तभी कुछ नही बोला. थोड़े टाइम बाद आंटी ने मुझे बोला, क्या आपके पास चार्जर है. और में हमेशा अपने पास चार्जर रखता था.

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मेने आंटी को चार्जर निकाल के दे दिया. वो मुझे पूछने लगी, आपको कोन से स्टॉप पर उतरना है. मेने उनको बताया मुझे हौज़ खास जाना है. आंटी ने बोला में भी वही जॉब करती हु. मेने उनको बोला, लेकिन आंटी मेने आपको पहले कभी देखा नही. आंटी ने बताया.

वो डेली लेडीज कोच से ट्रावेल करती है. लेकिन आज वो थोडा लेट हो गई इसलिए, आंटी ने पूछा क्या आप फेसबुक पर हो. मेने कहा हा, उन्होंने मुझे फेसबुक पर सर्च किया. और मेरे सामने रिक्वेस्ट सेंड की. थोड़ी टाइम बाद हमारा स्टेशन आ गया. और हम बात करते हुआ, अपने अपने ऑफिस चले गये.

मेने शामको घर जा के अपनी फेसबुक ओपन की, और आंटी के पिक्स देखने लगा. आंटी तब ऑनलाइन नही थी. मेने हाय का मेसेज लिख कर सेंड कर दिया. और फेसबुक लॉगआउट कर दी. और फिर रात को करीब १० बजे मेने फेसबुक ओपन की, तो देखा की आंटी का मेसेज आया हुआ था की ११ बजे बात करती हु. अभी थोडा बिजी हु, मेने ओके लिख कर सेंड कर दिया. और ११ बजे का वेट करने लगा. और ११ बजे आंटी का मेसेज आया.

आंटी : हेलो जी क्या हो रहा है.

में : कुछ नही आपके मेसेज का वेट कर रहा था.

आंटी : क्यों झूढ बोल रहे हो, आप अपनी गर्ल फ्रेंड से बात कर रहे हो.

में : आपकी कसम आंटी ऐसा कुछ  नही है. कोई गर्ल फ्रेंड नही है.

आंटी : और हा अनु नाम हे मेरा आंटी नही.

में : ओके अनु, और बताओ क्या हो रहा है. आपके हस्बैंड क्या कर रहे है?

आंटी : वो मेरे पास नही रहते, हमारा डाइवोर्स हो गया है.

में : ओह्ह सॉरी अनु

आंटी : कोई बात नही, आप बताओ, आपकी कोई गर्ल फ्रेंड, क्यों नही है, सब कुछ ओके तो है.

में : हाहाहा ऐसा कुछ नही है. सब ओके है बस, कभी कोई लड़की पटाने की कोशिश नही की.

में और आंटी ऐसे ही रात के २ बजे तक करते रहे. और आंटी ने मुझे अपना फोन नंबर भी सेंड किया. और बोला सुबह घर से निकलो तो कॉल कर लेना. में जब नेक्स्ट डे घर से निकला तो मेने आंटी को कॉल किया. आंटी ने बताया की वो मेट्रो स्टेशन पर उनका वेट कर रही है. में स्टेशन पर पहुचा, आंटी भी वही पर थी.

मेने आंटी को हेलो बोला, और हम ट्रेन का वेट करने लगे. मेने आंटी से पूछा, आपके साथ और कोन कोन रहता है. आंटी ने बताया वो अपने मोम डेड के साथ रहती है. मेने उनको पूछा, आपका डिवोर्स क्यों हुआ. आंटी ये सुनकर उदास हो गयी. उन्हों ने बताया की उनका किसी और के साथ अफेयर था, इसलिए उन्होंने मुझे कभी रात को टच तक नही किया. वो मुझे प्यार नही करते थे. इसलिए हमारा डिवोर्स हुआ. मे उनको बोला कोई नही आंटी आप टेंशन मत लो.

करीब ७ मिनिट बाद ट्रेन आ गयी. में और आंटी एक साथ बैठ गये. और करीब ५ स्टेशन के बाद ट्रेन में बहुत रश हो गया. में आंटी के साथ बिलकुल चिपक के बैठ गया. और मेरा एक हाथ आंटी की चुचियो को टच कर रहा था.

लेकिन आंटी ने कुछ नही बोला. वैसे भी में आंटी की बातो से समज गया था की आंटी चुदवाना चाहती है. में धीरे धीरे आंटी की चुचियो को हाथ से सहला रहा था. मेरा लंड भी टाइट हो गया. आंटी की नजर बार बार मेरे लंड की तरफ जा रही थी. लेकिन आंटी ने कुछ नही बोला, और हमारा स्टेशन आ गया. में और आंटी अपने अपने ऑफिस चले गये. रात को १० बजे जब हम फेसबुक पर बात करे थे, तो आंटी ने मुझे पूछा की आप ट्रेन में क्या कर रहे थे. में ये सुनकर अचानक थम गया. मेने बोला कुछ नही, वो भीड़ ज्यादा थी ट्रेन में इसलिए हाथ लग गया.

मेने आंटी को सॉरी बोला. आंटी ने कहा कोई बात नही. अगर तुम चाहो तो हम ये सब अकेले में कर सकते है. में ये सुनकर हेरान रह गया. मेने पूछा क्या? आंटी ने बोला, ओह्ह्ह इतना नादान मत बनो. में सेक्स की बात कर रही हु. मेने हा बोल दिया. और मेने पूछा, लेकिन ये सब हम करेंगे कहा. आंटी ने बताया. कल हम ऑफिस नही जायेंगे. वही दिल्ही में कोई रूम ले लेंगे. मेने उनको हां बोला दिया. और ऑफ लाइन हो गया. सारी रात में आंटी को चोदने के सपने देखता रहा.

अगले दिन आंटी मुझे स्टेशन पर मिली. तभी २ मिनिट बाद ट्रेन आ गयी. और हम न्यू दिल्ही स्टेशन के पास पहुच गये. और करीब ११ बजे हमने वहा एक रूम लिया. और अंदर चले गये. मेने डोर लोक किया. और आंटी ने अपना बेग बेड पर डाल दिया. और मुझे चिपक गयी. में बोला, इतनी जल्दी क्या है? सारा दिन पड़ा हुआ है. आंटी मेरे लिप्स पर किस करने लगी. और फिर मुझसे भी रुका नही गया. में भी उसको किस कर रहा था. आंटी की मोटी मोटी चुचिया मुझे महसूस हो रही थी.

में हाथो से उनकी चुचिया दबाने लगा. आंटी ने मेरी शर्ट उतार दी. मेने आंटी के कपड़े निकाल दिए. और उनकी चुचियो को चूस रहा था. आंटी आआआ हाहाहा आआआ ओह्ह्ह और जोर से दबाओ. और जोर से मेरी प्यास बुजा दो. में बहुत दिन से प्यासी हु. मेने आंटी की पेंटी भी उतार दी. और उनकी चूत को चूसने लगा. और वो जोर से आआआआ हाहाहा ओह्ह्ह्हह ह्म्म्मम्म आआआ चिला रही थी.

उनकी चूत चूसने के बाद मेने अपना लंड उनके मुह में दाल दिया. और आंटी मेरे लंड को कुल्फी की तरह चूस रही थी. मेने उनको नीचे लेटा दिया.  और अपना लंड उनकी चूत में डालने लगा. आंटी चिला रही थी, आराम से डालो, दर्द हो रहा है. मेने धीरे धीरे लंड अंदर डाल दिया. और जोर जोर से जटके मरने लगा. और वो आआआ हाहाह आआ ओह्ह्ह्हह और करो चिला रही थी. में उनको चोदता रहा. और करीब २० मिनिट के बाद मेरा सारा कम निकल गया.

और उस मेने आंटी को २ बार चोदा. और फिर हम वही डेली वाले टाइम पर घर पहुच गये. जब भी हमारा मन होता है हम रूम लेकर चुदाई करते है.

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