कॉलेज की खूबसूरत सीनियर लड़की की चुदाई


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कॉलेज की खूबसूरत सीनियर लड़की की चुदाई,, हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अथर्व है। मै चेन्नई में रहता हूँ। मेरे को सेक्स में बहोत मजा आता है। मेरी आकर्षक पर्सनालिटी को देखकर लड़कियों की चूत में खुजली होने लगती है। मेरे को अपने से ज्यादा उम्र की लड़कियों को चोदने में मजा आता है। मैं अभी 22 साल का हूँ। दाढ़ी रखने की वजह से मेरी उम्र कुछ ज्यादा ही लगती है। कॉलेज की मेरे क्लास की लड़कियों के साथ साथ मुझसे सीनियर लड़कियां भी चुदने को तैयार रहती है। मेरे को एक लड़की बहोत पसंद थी। वो मेरे कॉलेज की सीनियर थी। लगभग वो मेरे से 2 या 3 साल की बड़ी रही होंगी। मेरे को उसका बॉडी फिगर बड़ा ही जबरदस्त लगता था। उसको देखते ही मेरा लंड मिसाइल की तरह खड़ा हो जाता था।

एक कोचिंग में वो कंप्यूटर का क्लास देती थी। उसका नाम आयशा था। उसी कोचिंग सेंटर में कंप्यूटर पढ़ा के अपना खर्चा भी निकाल लेती थी। मेरे बगल वाले क्लास में जब भी वो पढ़ाने आती थी तो मैं उसे ही ताड़ता रहता था। आयशा के दोनों लटके हुए बूब्स मेरे को बहोत ही मस्त लग रहे थे। वो भी मेरे को हमेशा घूरती रहती थी। मेरे कॉलेज की सारी लडकियां मेरे को देख कर लाइन मारती थी। लेकिन मेरे को तो बस आयशा का ही चेहरा दिखने लगा। मेरे को तो उनकी चूत चोदने की प्यास लगी थी। मै हमेशा उसके ही बारे में सोचा करता था। जब भी उनकी याद आती मुठ मार कर अपने को शांत करता था। फ्रेंड्स ऐसा करते मेरे को महीनों गुजर गए। एक दिन मैं मार्केट में कपड़ा खरीदने गया हुआ था। कपडे की दुकान पर भाव ताव के चक्कर में मेरे को टाइम लग गया।

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इतनी देर में मैंने आयशा को देखा। वो मेरी तरफ आ रही थी। मेरे को देखकर वो हल्की सी स्माइल दी। उसने उस दिन जीन्स और टी शर्ट पहन रखा था। जीन्स में उनकी गांड फूली हुई दिख रही थी। होंठो पर लाल लाल लिपस्टिक लगाए बड़ी ही आकर्षक दिख रही थी। बालो को खोले हुए ब्राउन रंग की जैकेट के चैन खोले हुए मटकती हुई मेरे पास आई। वहाँ के सारे दुकानदार अपनी दुकान पर ही खड़े होकर आयशा को ही ताड़ने लगे। वो मेरे से आकर हाय.. बोली। सारे दुकान वालो के पांव तले जमीन खिसक गयी। मै भी किसी तरह से खुद को कंट्रोल कर रहा था। मेरा तो मन करता था। अभी के अभी किसी किनारे ले जाकर चोद दूं।

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आयशा: क्या खरीद रहे हो अथर्व??
मै: कुछ नही आयशा जी! ठंडी आ गयी है तो जैकेट खरीदने आया था। समझ में ही नहीं आ रहा कौन सा लूं!
आयशा: देखो तुम मेरे को आयशा जी ना बोला करो! मै तुमसे एक सिर्फ दो साल की सीनियर हूँ।
मैं: तो फिर क्या कहूँ?
आयशा: मेरे को तुम आयशा कहोगे ओके! हम फ्रेंड है।

मै तो मन ही मन बहोत ही खुश हो गया। मेरी मुह से आयशा नाम निकल ही नहीं रहा था। किसी तरह से मैने डरते हुए बोला।
मै: आयशा बताओ कौन सी जैकेट खरीदे!

वो मेरे को एक एक जैकेट चेक करके देखने लगी। सारे लोगो को लग रहा था मैं उसका बॉयफ्रेंड हूँ। मेरे को भी बहोत ही अच्छा लग रहा था। सारे लोगो का घूरना मेरे को भी अच्छा नहीं लग रहा था। आयशा ने मेरे लिए एक जैकेट पसन्द किया। मैं जल्दी से लेकर वहाँ से चल दिया। मेरे घर की तरफ ही उसका भी घर था। हम दोनो लोग रास्ते में बात करते हुए चलने लगे। मेरी नजर बार बार आयशा की टी शर्ट में उभरे हुए बूब्स पर जा रही थी। वो मेरी नजरों को समझ रही थी। मेरे से वो कॉलेज के बारे में बात कर रही थी। आयशा से मेरी धीरे धीरे फ्रेंडशिप गहरी होती जा रही थी। मेरे से वो हर बाते शेयर करने लगी।

आयशा: जब तुम जैकेट खरीद रहे थे तो दुकानदारों की नजरों को देखा था?
मै: नहीं देखा था। कोई देख रहा था हमे क्या?
आयशा: सारे लोगो को यही लग रहा था कि मैं तुम्हारी गर्लफ़्रेंड हूँ।
मै: पागल हो गयी हो क्या? कहाँ तुम इतनी स्मार्ट और कहाँ मै इस तरह! ऐसा सोच के भी वो लोग खुद की बेइज्जती कर रहे थे।
आयशा: तुम भी किसी से कम नहीं हो। कॉलेज की सारी लडकियां तुम पर फ़िदा है। अब तक तो तुम्हारी कई सारी गर्लफ्रेंड बन चुकी होंगी?

मै: ऐसा कुछ नहीं है। मेरे को कोई पसन्द ही नहीं आता इसीलिए मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड आज तक नहीं है।
आयशा: कोई दिल में बस गयी है क्या? हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम
मै: हाँ जबसे उसको कॉलेज के ग्राउंड में पहली बार देखा तब से अब तक उसी को अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता हूँ।

आयशा को बुरा लग रहा था। वो मेरे से ढेर सारे सवाल पूंछने लगी। मैंने सारे सवालों का जबाब दिया। वो मेरे को घूर रही थी। वो जानने को बड़ी उत्सुक लग रही थी। कौन है मेरी गर्लफ्रेंड?? जिसे मै इतना चाहता हूँ। बार बार मेरे से एक ही सवाल बड़ी दुःख के साथ पूँछ रही थी। एक जगह रुक के सब बताने के लिए खड़ा हो गया। आयशा मेरे बोलने का ही इन्तजार कर रही थी। मैंने उसे सब कुछ बता दिया। वो चौंक गयी।

मै: अगर तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड हो तो कोई बात नहीं!
आयशा मेरे से चिपकते हुए बोली “मेरे को तुमसे यही सुनना था” हम लोग एक दूसरे का फोन नम्बर लेकर अपने अपने घर चले गए। धीरे धीरे बात आगे बढ़ी। मेरा मामला किस पर जाकर अटका था।

मेरे को किस से आगे चुदाई तक ले जाने के लिए एक महीना लग गया। ठंडी का मौसम ख़त्म होने को हो गया। मेरा मौसम बन चुका था। किसी तरह से मेरे को आयशा को अपने घर पर बुला कर चोदना था। फ़रवरी लग चुकी थी। शादी विवाह का सीजन आ गया। मम्मी पापा मामा के घर गए हुए थे। वो कुछ दिन पहले ही गए थे। मैं शादी में नहीं गया। दादा जी घर पर थे। वो दोपहर को खाना खाने के बाद मार्केट में घूमने जाया करते थे। रात के 8 बजे तक कही वो वापस भी आते थे। आज भी मेरे को वो याद है जिस दिन मैंने आयशा की जवानी का रस चूसा था। उस दिन दादा के घर से बाहर जाते ही मैंने आयशा को अपने घर पर बुला लिया। आयशा को देखते ही मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया। घर के अंदर मै उसे उठा कर ही ले आया। बरामदे के दरवाजे को बंद करके अंदर अपने रूम में लेकर आ गया। मैंने उसके आने की ख़ुशी में पहले से ही बिस्तर को सही कर दिया था।

कमरे को परफ्यूम छिड़क के बिल्कुल बना दिया थाथा। आयशा से मैंने न हेल्लो न हाय किया, बस उससे चिपक कर किस करने लगा। आयशा आज फिर से वही ड्रेस पहन कर आई थी। जिसमे मैंने उसे पहली बार अपनी दिल की बात बताई थी। मेरा मन तो तभी चोदने को था। लेकिन आज आयशा खुद चलकर चुदवाने को आयी हुई थी। आज पहली नार मैं उसे इतमियान से अपनी बाहों में भर के किस कर रहा था। मेरा तो मौसम पहले से ही बना था। आयशा का भी चुदने का मौसम धीरे धीरे बन रहा था। उसने उस दिन लाल रंग की लिपस्टिक लगायी हुई थी। मैने उसके होंठ को चूस चूस कर होंठो की लाली को मिटाकर गुलाबी कर दिया। आयशा के होंठ तो गुलाब की पंखुडियों जैसी दिखने लगी। मैने आयशा के बूब्स को आज पहली बार किस करते हुए छुआ था। मैंने दोनों हाथों से उसके बड़े बड़े गोल गोल मम्मो को दबाकर मजा लेना शुरू किया। आयशा की सांस तेज होने लगी।

वो सिसकारियां भरने लगी। जोर जोर से सिसकना स्टार्ट कर दी। मैने उसकी टी शर्ट को निकाल कर उसे ब्रा में ला दिया। उसके चमकते हुए दूध जैसे गोरे मम्मो पर काले रंग की ब्रा बहोत ही मस्त लग रही थी। आयशा का मूड चुदने को बन चुका था। उसने खुद ही अपने हाथों से ब्रा निकाल दी। मेरे सामने वो ब्रा को हाथो में पकड़े खड़ी थी। मैं उसके दूध को अपने हाथों से पकड़ कर पीने लगा। आयशा ने मेरे को अपने दूध में दबा दिया। मैं उसके निप्पल को काट काट कर पीने लगा। वो जोर जोर से “……अई…अ ई….अई……अई….इसस्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाज निकाल कर मेरे को दूध पिला रही थी।

मैंने उसके दूध को पीना छोड़ दिया। उसकी जीन्स को निकाल कर उसे पैंटी में कर दिया। उसके बाद मैंने अपना कपड़ा निकाल कर अपना लंड आयशा के हाथों में दे दिया। वो मेरे लंड को सहला कर चूसने लगी। मेरा लंड तेजी से खड़ा हो गया। कुछ देर तक उसको लंड चुसाने के बाद मैंने उसे बिस्तर पर लिटा कर प्यार करने लगा। उसके बदन पर हाथ फेरते हुए उसकी पैंटी को निकाल दिया। आयशा की चिकनी चूत का दर्शन उसकी टांगो को फैलाकर करने लगा। आयशा मेरे को अपनी गांड उठा कर चूत चटवाने लगी। मै चूत चाटने के साथ साथ उसके दाने को भी काट रहा था। दाने को काटते ही मेरे को अपनी चूत में दबा कर “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….”की आवाज निकाल रही थी। आयशा भी चुदने को तड़पने लगी। मेरा लंड तो पहले से ही बेकाबू था। मै आयशा के ऊपर हाथ फेरते हुए अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा। उसकी चूत लाल लाल हो गयी थी।

आयशा: डाल दो मेरी जान! अपना लंड मेरी चूत में, इंतजार मत करो!!

मैंने सुनते ही अपना लंड उसकी चूत से सटाया और धक्का मार दिया। उसकी चूत में मेरा लंड घुस ही नहीं रहा था। मैंने बार बार कोशिश की और आख़िरकार अपने लंड का टोपा घुसा ही दिया। टोपे के घुसते ही वो जोर जोर से “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की चीख निकाल दी। मैंने अपना पूरा लंड धीरे धीरे करके पूरा घुसा दिया। वो चीखती रहीं। मैंने पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। पूरा लंड घुसाकर उसकी चुदाई कर रहा था। वो जोर जोर से चिल्ला कर मेरे से चुदवा रही थी। मैंने उसकी चूत पर कमर उठा उठा कर चोदना शुरू किया। पूरा लंड घुसा कर उसकी चूत की चुदाई कर मजा लेने लगा। कुछ देर बाद उसने अपनी गांड उठाकर चुदवा रही थी। लपा लप उसकी चूत में मेरा लंड अंदर बाहर होने लगा।
मशीन की तरह उसकी जल्दी जल्दी चुदाई कर रहा था। उसकी चूंचियो को दबा दबा कर खूब मजे से चोद रहा था। मैंने लगभग 10 मिनट तक ऐसी शानदार चुदाई की। मैंने पोजीशन बदला। मैंने आयशा को बिस्तर से नीचे उतार दिया। उसको झुकाकर मैंने अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। अपनी कर आगे पीछे करके फिर एक बार जोरदार चुदाई करनी शुरू कर दी। वो जोर जोर से “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज के साथ चुद रही थी। चुदने की की हच हच की आवाज उसकी चूत से निकलने लगी। मैंने उसकी कमर पकड़ कर जोर जोर से अपना लंड पेलना शुरू किया। आयशा के गोल बड़े मम्मे नीचे लटक कर झूल रहे थे। उसने अपनी एक हाथ से एक दूध को पकड़ कर दबाने लगी। हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम

मेरा भी फूल मौसम बना हुआ था। मै जोर जोर से अपना लंड उसकी चूत में डाल कर उसकी चीखे निकलवा रहा था। मेरे चोदने को स्पीड बढती ही जा रही थी। जोरदार की रगड़ से आयशा की चूत सह न सकी। वो कुछ ही पलों में चिल्लाती हुई झड़ गयी। मेरा लंड उसकी चूत के माल से फिसलंकार और जोर जोर से अंदर बाहर होने लगा। लंड ने उसके माल को भी चूत में रगड़ रगड़ कर मक्खन की तरह गाढ़ा बना दिया। आयशा मजे ले ले कर चुदवा रही थी। मैंने कुछ देर बाद अपना लंड और तेजी से घुसाने लगा। उसकी आवाज और तेज हो गयी। मेरी गाडी खूब तेजी से चलने लगी। वो भी कमर मटका कर चुदवाने लगी। मेरा लंड भी अपनी माल का त्याग करने वाला हो गया। मैंने चुदाई और तेज करके उसकी चूत में ही अपना माल गिरा दिया। मेरा माल उसकी चूत में गिरते ही वो जान गयी। सारा माल गिराने के बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाला। मेरा माल आयशा की चूत से पहले तो तेजी से निकला उसके बाद बूँद बूँद करके गिरने लगा। आयशा अपनी अंगुलियां लगाकर मेरा माल चाट कर साफ़ कर दी। मैंने अपना लंड आयशा की मुह में लगा दिया। आयशा मेरे लंड पर लगे माल को चाट कर साफ़ कर दी। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज bukovsky2008.ru पर पढ़ते रहना. आप स्टोरी को शेयर भी करना.

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