कंप्यूटर लेब में मिस नेहा को ठोका


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बात तब की हे जब मैं 12 वी कक्षा में था. मेरी उम्र 19 साल की थी तब. मेरी क्लास टीचर का नाम मिस नेहा था. और वो हमें कंप्यूटर भी पढ़ाती थी. उसकी बोदी नार्मल थी. लेकिन उसके बूब्स यानि की चूचियां एकदम बड़ी बड़ी थी. मैं रोज उन्के बारे में सोचता था. वो सेक्स की देवी थी.

एक दिन मैं अपने प्रोजेक्ट के लिए कंप्यूटर लेब में बैठा था और नेहा मिस भी वही पर थी. वो अपनी साडी को ठीक कर रही थी. उसकी बूब्स में खुजली आ रही थी शायद!

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तब मैंने उसकी जवानी के जाम को अपनी आँखों से पी लिया. मैं उसके बूब्स को देख रहा था वो उसे भी पता था. वो थोड़ी एंग्री हो गई और मुझे बोली, गेट आउट हो जाओ यहाँ से और किसी को बोलना मत.

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मैं वहां से निकल तो गया लेकिन मिस के बूब्स का वो नजारा मेरे लंड को झंझोड़ गया था और वो नजारा मेरी आँखों से हट ही नहीं रहा था जैसे! फिर इसी वजह से यानी की मिस के खयालो की वजह से मेरी पढ़ाई के ऊपर असर होने लगा था. मैं कंसिस्टेंट कम मार्क्स ले के आने लगा था और फेल भी होने लगा था. मिस ने मुझे एक दिन कंप्यूटर लेब में समझाने के लिए बुलाया.

लेकिन उस दिन भी मेरी आँखे उसके बड़े बूब्स के ऊपर चली गई. नेहा मिस ने मुझे डांट के वहां से निकाल दिया. उस दिन तो मेरा दिमाग एकदम खराब था और मैंने बाथरूम में जा के अपने लंड को हिला के शांत कर दिया.

नेहा मिस मुझे घिन नजरों से देखती थी. और ये घिन कुछ दिन और चली. लेकिन फिर एक दिन ऐसा आया की सब कुछ बदल गया हम दोनों के बिच में.

अगस्त का महिना था. स्कुल का टाइम ख़त्म हो गया था. सब फ्रेंड्स निकल चुके थे. लेकिन मैं अपने एक टीचर को मिलने के लिए स्टाफ रूम में गाया जहा पर सब 12 वी के टीचर्स बैठते थे. स्टाफ रूम में कोई नहीं था तो मैंने सोचा की लाओ लेब में देख लूँ. क्यूंकि टीचर्स लोग भी पीसी यूज़ करने के लिए कंप्यूटर लेब में जाते थे.

नेहा मिस वही पर थी लेकिन उन्होंने मुझे नहीं देखा था. मैं जैसे ही आगे बढ़ा तो मैंने देखा की वो अपने बूब्स को दबा के मोअन कर रही थी. उसकी मोअनिंग को सुनते ही मेरा तो लंड खड़ा हो गया.

जब मैं नजदीक पहुंचा तो मैंने देखा की नेहा मेडम ने अपनी चूत के ऊपर एक बड़ा मार्कर पेन दबाया हुआ था और वो उस से मजे ले रही थी. वो मार्कर को चूत पर घिस के हस्तमैथुन का मजा ले रही थी. मैंने उसे देख के कहा, मिस!!!

उसने मेरी आवाज सुनी तो उसकी गांड जैसे फट के हाथ में आ गई. उसने मेरी तरफ देखा तो पसीना आ गया उसे और घबरा भी गई. और मार्कर पेन अभी भी उसकी चूत के ऊपर ही रखा हुआ था. मैंने ऐसे एक्टिंग की जैसे मुझे कुछ पता ही नहीं हे. वो मुझे देख रही थी और मेरा लंड तप चूका था. मैंने अपनी पेंट से लंड को बहार निकाल के उसे दिखाया. मेरे लंड को देख के वो बोली, ये क्या कर रहे हो?

मैंने कहा, आप को मार्कर की नहीं इस चमड़ी  की जरूरत हे मेडम!

मेडम ने मेरे लंड को देखा, वो एक 6 इंच का नुकीला  था जिसे देख के नेहा के मुह में पानी आ गया. वो बोली, ये बहार क्यूँ निकाला हे?

वैसे वो पूछ रही थी लेकिन उसके चहरे के ऊपर लंड को देख के जैसे एक अजीब सी ख़ुशी आ चुकी थी. मैं उसके पास गया और उसकी साडी के ऊपर से ही उसके बूब्स को पकड़ लिए. वो मोअन कर गई. उसकी निपल्स कडक थी और बूब्स भी एकदम सॉफ्ट थे. मैंने कहा, कितने दिनों से आप के बूब्स ने मेरी नींद उड़ा  के रखी थी मिस!

मैंने अपने खड़े लंड को मेडम के हाथ में पकड़ा दिया. वो मेरे लंड को मसलने लगी और बोली, तुम बड़े नोटी हो.

मैंने कहा, चूस दो इसे मेडम बहुत दिनों से इसे परेशान किया हे आप ने.

वो बोली, जाओ पहले डोर को अंदर से बंद कर के आओ!

मैं डोर बंद कर के वापस आया तो नेहा मेडम ने अपनी चूचियां बहार निकाल दी थी और उसके बड़े निपल्स एकदम काले थे, उन्हें देख के मैं उन्हें चूसने की इच्छा को दबा नहीं सका. मैंने निचे झुक के उन्हें चूसा. मैं मेडम की दोनों जांघो के बिच में बैठा हुआ था. मेडम के मुहं से एक आह निकल गई. मैंने दोनों बूब्स को अपने हाथ में लिया और वन बाय वन चूसने लगा उनको.

मेडम की जांघ के ऊपर एक हाथ रखा तो उसकी चिकनी चमड़ी की वजह से मेरे लंड में जैसे आग लग गई.

मैंने अपने लंड को हाथ से हिलाया और नेहा मिस के मुहं के सामने रख के कहा, कम ओन सक इट डार्लिंग.

नेहा मिस ने अपने कानो के ऊपर आई लट को हाथ से हटाया और मेरे लोडे को चूसने लगी. उसने आधे लंड को अपने मुहं में भर के उसे चूसने लगी थी. नेहा मिस लंड को हिला भी रही थी साथ में.

अब मैं बेताब था मेडम की चूत को चोदने के लिए. मैंने कहा. मेडम चलो ना अब अपनी मुनिया मुझे दे दो.

वो बोली, वाह भाई मुझे चटाया और तुम नहीं चाटोगे मेरी?

मेडम ये कह के अपनी चूत को खोल के बैठ गई कंप्यूटर के टेबल के ऊपर. उसने अपनी पेंटी को निकाल दी और अपनी हेयरवाली चूत को फैला दी. मैंने उसकी चूत में मुहं डाला. उसके अंदर से पसीने की और चूत के पानी की स्मेल आ रही थी. मार्कर पेन ने पहले से ही चूत को गिला कर दिया था.

नेहा मिस की चूत को और उसके दाने को थोडा चाट के फिर मैंने अंदर छेद में ऊँगली डाली. नेहा मिस की लम्बी आह निकल पड़ी. मैंने अपनी दो ऊँगली एक साथ उसकी चूत में डाल दी. वो तडप रही थी और मस्ती में उछल रही थी.

पांच मिनिट तक मैं उसकी चूत को चूसता रहा. और फिर वो बोली, चलो अब डाल दो मेरी चूत में अपने डंडे को.

मैंने नेहा मिस को टेबल के ऊपर एक पाँव रखवा के कुतिया बनाया. उनका दूसरा पाँव निचे था जमीन के उपर. मेडम की मस्त गांड मेरे सामने थी. मैंने अपने लंड के ऊपर थूंक लगा के उसे मेडम की गीली चूत में डाला. मेडम ने एक आह निकाली और मेरा लंड मजे से अन्दर घुस गया. मैंने बूब्स पकडे और उन्होंने नोंचने लगा.

मेडम अपनी कमर को मोशन देने लगी थी. और मेरा लोडा मैं उसकी चूत में अन्दर बहार करने लगा था. और मैं उसके बूब्स को एकदम बेदर्दी ढंग से दबा रहा था. मेडम अह्ह्ह अह्ह्ह ओह अहह यस फक मी हार्ड अह्ह्ह्ह अवाऊ आया वाऊ व्हाट आ डिक यु हेव.

मैंने मेडम के बाल पकड लिए और उन्हें खिंच के उसे कस कस के पेलने लगा. मेडम की चूत के रस बहार आ गया पांच मिनिट की चुदाई में ही. और वो एकदम मस्ती के मूड में थी. मेरा भी होने को था. मैंने कहा, कहाँ निकालू मेरा रस.

वो बोली, अंदर ही निकालो मेरी जान बहुत दिनों से किसी का नहीं लिया अन्दर.

मेडम की गांड के ऊपर स्पेंक करते हुए मैं अन्दर ही झड़ गया. और वो भी चूत को टाईट कर के सब रस को खा गई अपनी चूत से!

नेहा मिस और मैंने चुदाई के बाद कपडे पहने. वो बोली, मैं पहले निकलती हूँ तुम कुछ देर के बाद निकलना ताकि वॉचमैन को डाउट ना हो.

मैंने उसके बूब्स फिर से दबाये और उसने मेरे लंड को पकड़ के कहा, बड़ा ही मस्त हे ये.

और जाते हुए वो मूड के बोली, क्या मैं तुम्हे अपने घर बुलाऊंगी तो आओगे?

मैंने कहा, आप की चूत के लिए तो मैं जहन्नम में भी आऊंगा मिस!

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