भूत को चूत देकर खुश की


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नमस्ते दोस्तों उम्मीद है सभी चुतो को लंड और सभी लंड को चूत का साथ मिल रहा है. और मेरी तो प्रार्थना ही यही होती है की चूत को लंड और लंड को चूत चोदने को मिलता रहे. आज मैं आप के लिए एक अलग ही प्रकार की चुदाई की कहानी ले के आई हूँ. मेरी एक सहेली है जो गाँव में रहती थी. हम दोनों के बिच में काफी क्लोज फ्रेडशिप थी. एक ही कोलेज में हम दोनों ने एडमिशन लिया था. एक साथ ही हम दोनों ने जवानी की दहलीज पर कदम रखा था. हम दोनों के बिच में सीक्रेट जैसा कुछ नहीं था. हम दोनों ने अपनी लाइफ की पहली ब्ल्यू फिल्म भी एक साथ मिल के ही देखी थी. एक साथ ही हमने लड़के पटाये और एक साथ ही चुदाई का काम भी चालु किया था. हम दोनों को एक दुसरे की नस नस का पता था आप कह सकते हो. वो जिस गाँव से थी वो एकदम गरीब और पिछड़ा हुआ था. और वहां दिन में तो शायद ही लाईट होती थी. और रात में भी अक्सर घंटो भर लाईट गुल रहती थी. और गर्मी में तो ऑलमोस्ट हर कोई बहार ही बिस्तर लगा के सोता था. और नहाने के लिए भी बहार तालाब पर जाते थे. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 

मुझे खुद को भी बहार नहाने में बड़ा मजा आता है. तालाब बिलकुल गाँव से बहार था. और वहां पर कोई मर्द नहीं होते थे सिर्फ औरतें ही होती थी. मैं और मेरी फ्रेंड दोनों तो बिलकुल नंगी हो के खूब नहाती थी. वैसे हम दोनों को ये पता था की गांव के कुछ लड़के हमें तालाब के पास की झाड़ियों से छिप के देखते थे. कभी कभी अगर कोई और हमें देखता ना हो तो हम तालाब में ही एक दुसरे के बूब्स दबाते थे और चूत में ऊँगली भी कर लेते थे. बाकि सब ठीक था और हमारे अपने मजे थे. लेकिन मैं बहार सोती नहीं थी. पता नहीं क्यूँ लेकिन मैं बहुत छोटी थी तभी से मुझे भूतों से बहुत डर लगता था. और गाँव में अँधेरे में मेरा ये डर 10 गुना हो जाता था. मेरी सहेली जानती थी इसलिए उसने घर का एक कमरा मेरे लिए ही खाली करवा दिया था. ओर कमरा उसके घर के पीछे के हिस्से में था. और वो कमरा एक तरफ तालाब वाले रस्ते पर ही खुलता था. और तालाब की वजह से ठंडी ठंडी हवा आती रहती थी. मेरे को छोड़ के बाकी सभी लोग बहार ही सोते थे. मेरी फ्रेंड एक नम्बर की चुदक्कड है. और गाँव के भी कुछ लडको के साथ उसके फिजिकल रिलेशन है. और अक्सर वो रात में घर वालों से छिप के उनके लंड लेने जाती थी. अक्सर वो एक लड़के को मेरे कमरे में ले के आती थी तालाब वाल रस्ते से और मेरे कमरे में ही दोनों मेरे सामने ही सेक्स करते थे. वो लड़का मेरी फ्रेंड को सच्चा प्यार करता था ऐसा मेरी फ्रेंड ने बोला था. इसलिए मैंने कभी उस लड़के का लंड लेने के लिए मेरी फ्रेंड को नहीं बोला. वैसे मैंने गाँव में किसी को अपनी चूत दी भी नहीं थी. क्यूंकि मुझे किसी गंवार लड़के से नहीं चुदवाना था जो सिर्फ मिशनरी पोज में चुदाई करना जानते है. एक रात को मेरी सहेली मेरे पास सोने का बहाना बना के मेरे कमरे में एक लड़के का लंड लेनेवाली थी. उसने मेरे को बोला की मेरा एक फ्रेंड है जो तेरी चुदाई करना चाहता हैं. मैंने कहा नहीं रे मेरे को किसी गाँव के लड़के का नहीं लेना है, पता नहीं उन्हें चोदना भी आता है की नहीं. मेरी फ्रेंड ने मेरे को बहुत कहा लेकिन मैं सेक्स के लिए नहीं मानी. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 

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दुसरे दिन जब हम नाहा के लौट रहे थे तो एक बहोत ही स्मार्ट लड़का हमें रास्ते में मिला. उसने मेरी सहेली से बात की पर मेरी तरफ तो उसने देखा भी नहीं. मुझे बुरा तो बहुत लगा. पर मैंने वापस आके पूछा की लड़का कौन है? तो वो कहने लगी की है कोई गाँव का गंवार तुझे क्या मतलब उस से. मैंने बहोत पूछा तो कहा की वो हमारे सरपंच जी का लड़का है जो शहर में पढ़ाई करता है. मैंने कहा यार काफी स्मार्ट लगता हैं इसके साथ मेरी बात करवा दे. और मैंने मेरी फ्रेंड को कहा की इसके साथ चुदाई में भी मजा आयेगा. वो बोली ये तो मुश्किल है. मैंने कहा अरे तू जो कहेगी वो करुँगी मैं इस लड़के के लिए. मेरी फ्रेंड हंस के बोली हमारा तालाब हैं ना वहां एक पीपल का पेड़ है. उसके ऊपर एक भूत है अगर वो तेरे से खुश हो गया तो तू जो चाहे वो तुम्हारे पास में आ जाएगा. मैंने कहा अरे नहीं बाबा मुझे भूतों से बड़ा डर लगता है. तू उसको बोल देना. वो मेरी दोस्त कहने लगी की उसे तो गांव की देहाती लडकियां ही पसनद हे और वो शहर की लड़कियों को लाइक नहीं करता है. और मैं कितना भी कहूँगी वो नहीं मानेगा. और फिर तो डेली वो मेरी सहेली के साथ मेरे सामने बात करता था. और साला वो मेरे सामने एक नजर उठा के देखता भी नहीं था. मैंने अपनी लाइफ में बहुत लड़के देखे है जो लड़की की एक झलक के लिए पागल होते है. लेकिन ये साला मेरी जवानी से उभरी हुई चूचियां और थिरकती हुई गांड को भी नजरअंदाज कर देता था. और लड़की की एक आदत होती है की जो उसे घास नहीं डालता है वो उसको ही पसंद करती है. मेरी भी हालत वही हो चली थी. वो जितना मुझे नजरअंदाज करता था मैं उतनी ही सिद्दत से उसके लंड को अपने अंदर लेने के लिए बहावली हो रही थी. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 

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और ये बात अब मुझे उतनी सताने लगी थी की आखिर मैंने अपनी सहेली की वो भुत को प्रसन्न करने वाली बात मान ही ली. मैंने पूछा वो पीपल वाले भुत को कैसे खुश करना है वो बता. वो बोली जब सब सो जायेंगे उसके बाद मैं तेरे को बताउंगी. मैं अब रात का ही इंतज़ार कर रही थी. जब सब सो गए तो वो मेरे पास आई. और उसके पास एक चटाई थी. वो मेरे को बोली चलो मेरे साथ. तालाब के पास पहुँच के उसने मेरे को बोला जा नाहा के आ तालाब में. मैंने कहा अरे पानी ठंडा होगा. वो बोली जा न जल्दी कर. मैं कपडे उतार के नहाने चली गई. एक गोता लगा के मैं बहार आई. मैंने वापस आ के देखा तो वहां पर ना ही मेरी सहेली थी और ना ही मेरे कपडे! मैंने उसे आवाज लगाईं तो मेरी सहेली की आवाज आई की तू अब उस पेड़ के पास में बैठ जा. तुम्हें किसी और को चोदते हुए देख के भुत से कहना होगा की तुम्हें भी ऐसे चुदवाना है वो सरपंच के लड़के के साथ. अगर भुत खुश हुआ तो तो जैसे चाहोगी वैसे चुदवा सकती हो. पर पहले वो एक बार चेक करेगा शायद. और उसने कहा की बस तुम उसके अलावा कुछ और नहीं कहना और उसकी आवाज आते ही अपनी आँखे बंद कर लेना. अगर तुमने कुछ और बात की या अपनी आँखे खोली तो उस लड़के का लंड कभी भी नहीं ले पाओगी. मैंने पलट कर देखा तो वो नंगी उसी चटाई के ऊपर चुद रही थी. वो लड़का जो उसके ऊपर था वो उसको जोर जोर से चोद रहा था. क्या बला का हेंडसम लड़का था और उन दोनों का सेक्स देख के तो मेरी चूत भी पानी पानी होने लगी थी. वो उसे लिटा के, बैठा के, पीछे से वैसे हर तरह से चोद रहा था. मैंने भुत से कहा मुझे भी सरपंच के लड़के से ऐसे ही चुदना है. कुछ देर रुकने के बाद एक आवाज आई, लेट जाओ! 

मैं भी अपनी आँखे बंद कर के लेट गई. थोड़ी देर में मुझे लगा की कोई भीमकाय आदमी मेरे ऊपर झुका हुआ था पर डर की वजह से मैंने अपनी आँखे नहीं खोली. उसने मेरे बोबे काटे, और उन्हें खूब जोर जोर से दबाया. मेरी गीली चूत में ऊँगली डाल डाल के मेरा एकदम बुरा हाल कर दिया. फिर उसने अपना लौड़ा मेरी चूत में एक ही झटके में डाल दिया. मेरी तो चीख ही निकल गई. ऐसा लगा जैसे सच में किसी घोड़े के लंड से मेरी चुदाई हो रही थी. इतना बड़ा और मोटा लंड जो लोहे के जैसा कडक भी था. मैं तो चीख भी नहीं पाई. बहोत देर तक वो मुझे चोदता रहा. और फिर थोड़ी देर में मुझे भी अच्छा लगे लगा. मैंने भी उचक उचक के चुदवा लिया. फिर वो एकदम से कही गायब हो गया. मेरी सहेली ने कहा उठो और घर चलो सुबह होने को है. मैंने कहा की वो खुश तो हुआ होगा ना? तो मेरी सहेली कहने लगी की पता चलेगा अगर वो पट गया तो, वरना कल फिर आना पड़ेगा हम को यहाँ. मैं मान गई. पर उस लड़के ने आज भी मेरी तरफ देखा भी नहीं. फिर रात को मैंने वही किया. वही आवाज आई, इस बार मैं तैयार थी उस मोटे लौड़े के लिए. पर इस बार जैसे कोई दुबला पतला छोटी उम्र का लड़का मेरे को चोद रहा था. उसने मेरे को घुटनों के बल खड़ा कर के मेरी गांड में ऊँगली डाली. फिर अपने लौड़ा रख के अंदर पेल दिया. मेरी गांड अब तक कुंवारी ही थी इसलिए मेरी तो जान ही निकल गई. आँखों से आंसू भी निकल पड़े. पर चुपचाप मैंने गांड मरवा ली अपनी. जी भर के चोदने के बाद भुत चला गया. मैं घर आ गई, अगले दिन वो लड़का मुझे देख के स्माइल दे रहा था और कहने लगा रात को तालाब पर मिलना मेरे को. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 

मैं तो ख़ुशी से पागल हो रही थी. मैं बिलकुल बन थन के रात को उसके लिए तालाब पर गई और उसका वेट करने लगी. वो आया और आते ही मेरे को चूमने लगा. मेरे बोबे मसलने लगा. मैं यही तो चाहती थी. उसने मेरे सारे कपडे खोल के मुझे नंगा कर दिया. फिर वो खुद भी नंगा हो गया. हम दनो एक दुसरे को चूम रहे थे. फिर हमने 69 पोजीशन में आ के एक दुसरे को प्यार किया. मैं उसका लोडा चूसने लगी और वो मेरी चूत को अपनी जीभ से चोदने लगा. थोड़ी देर बाद हम से रहा नहीं गया और उसने ऊपर आ के मेरी चूत में अपना लौड़ा पेल दिया. क्या खूब चोदा उसने मुझे. मैं तो बस सब कुछ भूल के चुदाई के मजे ले रही थी. हम दोनों मस्त चुदाई के बाद साथ में ही झड़ भी गए. वो मेरे बोबे से खेलता हुआ लेटा था. मैंने उसे कहा की तुमसे चुदने के लिए मुझे बहोतो को पटाना पड़ा. वो बोला कैसे? मैंने उसे सब कहानी बताई अपने भूतों से चुदने की. वो  बोला सच कहूँ तो गाँव में लेडिज ये बात करती है लेकिन मेरे को यकीन नहीं होता इस पर. मैंने हंस के कहा तेरी गांड मारने का भुत को सौक हो तो आज रात तू भी चटाई ले के आ जाना यहाँ पर!   हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 

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