बेटे के दोस्त से चुदवाने के लिए उसको अपनी गांड दिखाई


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हेल्लो दोस्तों, मै गीता तिवारी आप सभी का bukovsky2008.ru में स्वागत करती हूँ। मै जौनपुर की रहने वाली हूँ, मेरी उम्र 27 और मेरी शादी भी हो चुकी है। मेरे पति एक सरकारी जॉब करते है और मेरे एक 10 साल का लड़का भी है। लेकिन अब भी मै दिखने में बहुत हॉट और काफी सेक्सी हूँ। क्योकि मैं अपने आप को बहुत फिट रखती हूँ। मेरा रंग काफी गोरा और मेरा बदन तो बहुत ही कोमल है। मेरी चूची तो बहुत ही हॉट और रसीली है जिसकी वजह से मैं अपनी चूची को बहुत पसंद है और मैं अपनी चूची को खूब मसलती हूँ जब मैं जोश में होती हूँ। और मेरी चूत तो बहुत ही मस्त और काफी बड़ी है। लेकिन मेरी चूत पहले से ढीली हो गई अहि क्योकि मेरे पति मेरी खूब चुदाई करते है। मेरे पति मेरी चूची और चूत के दीवाने है जिसकी वजह से मेरे पति मुझे जल्दी छोड़ते ही नही है। वो हमेशा मेरे पास रहना चाहते है लेकिन जॉब की वजह से उनको जाना पड़ता है। मेरी शादी होने के बाद से मैंने केवल अपने पति से ही चुदवाया है और उनका लंड खा कर मैं थक चुकी हूँ लेकिन मेरे पति बहुत ही ज्पोसिले और चुदक्कड है जिसकी वजह से मुझको उनसे चुदवाना ही पड़ता है।

जब मैं 18 साल की हुई थी तब मैंने पहली बर चुदाई का आनंद उठाया था। और उसके बाद फिर मेरी चूत को मेरे बॉयफ्रेंड ने बहुत दिनों तक चोदा। मेरी उसके साथ की चुदाई बहुत गजब की थी। लेकिन मेरी शादी के बाद मैं अपने ससुराल में रहने लगी और जिससे मुझे केवल एक लंड चुदने का मज़ा लेना पड़ रहा था।
कुछ दिन पहले की बात है, मेरे घर के बगल वाले घर में एक लड़का रहने आया था। वो देखने में बहुत ही सुंदर और जवान था। जब मैंने पहली बार उसको देखा तो मैंने सोचा अगर इसके साथ चुदवाने को मिल जाये तो मज़ा आ जाये। लेकिन ये बहुत ही मुस्किल था। मेरा बेटा रोहित बहुत ही बदमास और शैतान था वो हमेशा खेल कूद में लगा रहता था। उसको वीडियो गेम बहुत पसंद था। वो हमेशा अपने दोस्तों के साथ गेम खेला करता था।
एक दिन वो खेलने के लिए बाहर गया हुआ था और जब वो आया तो उसके साथ में बगल वाला लड़का भी आया। रोहित ने मुझसे कहा – मम्मी ये राहुल भैया है मैं इनके साथ में गेम खेलने जा रहा हूँ। मैंने रोहित से कहा – ठीक जाओ खेलो जब भूख लगे तो खाना खा लेना। मैं बात तो रोहित से कर रही थी लेकिन मेरी नज़र राहुल के ऊपर थी। उसको देखने के बाद मेरे मन में उसके साथ चुदाई की बात आने लगती थी। उस दिन वो पहली बार मेरे घर आया था। वो दोनों गेम खेल रहे थे कुछ देर बाद मैं उनके लिए जूस ले गई और एक ग्लास दिया और दुसरे ग्लास को राहुल को देते समय मैंने उसके हाथ को छुआ। कुछ देर बाद मैंने रोहित से पूछा – बेटा तुम तो छोटे हो और ये बड़े है तो तुम्हारी दोस्ती इनसे कैसे हो गई। राहुल ने कहा – मैं घर में पढ़ कर थक गया था तो बाहर घूम रहा था और ये गेम की बात कर रहा था। मा मन भी गेम खेलने को कर रहा था क्योकि कुछ साल पहले मैं भी इसे खेला करता था। तो मैंने उससे कहा – ठीक जब मन हो तो आ गया करो इसके साथ खेलने के लिए।

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धीरे धीरे समय बिता और राहुल रोज मेरे घर आने लगा, और मेरा मन तो बहुत दिनों से उससे चुदवाने को था। लेकिन मैं कैसे उससे कहती कि क्या तुम मेरी चुदाई करोगे। एक दिन वो रोहित के साथ में खेल रहा था और कुछ देर बाद मैं उनके पास गई और मैंने राहुल से कहा जरा यहाँ आना किचन मेरी मदत कर दो वो सामान उतारने में। राहुल किचन में आ गया मैंने उससे कहा – वहां से वो सामान उतर दो उसने कोसिक की लेकिन नही उतार पाया। मैंने उससे कहा अगर तुम मुझे उठा सको तो मैं उतार सकती हूँ। पहले तो उसने कुछ देर सोचा और फिर उसने मुझे अपने दोनों हाथो से पकड़ कर उठा दिया, उसके हाथ मेरे गांड पर थी जिससे मैं तो जोश में आ गई थी। कुछ देर बाद उसने मुझे उतारा। मैंने देखा उसका भी लंड खड़ा हो गया था। और वो अपने हाथ से अपने लंड को दबाने की कोसिस कर रहा था। उस दिन तो वो चला गया लेकिन जब वो दुसरे दिन आया तो वो मुझे बहुत बुरी नज़र से देख रहा था ऐसा लग रहा था वो मुझे चोदने के लिए ही आया है।
पहले तो कुछ देर उसने रोहित के साथ में खेला और फिर टॉयलेट के बहाने से मेरे पास आया और उसने मुझसे कहा – आप मुझे दे दो। मुझे ऐसा लगा जैसे वो मुझसे चूत मांग रहा है लेकिन उसने पानी माँगा था। उसको पानी देने के बाद उमें अपना काम करने लगी। पानी पिने के बाद उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरी चूची को दबाते हुए मुझसे कहा – आप बहुत हॉट लग रही है और आप को देखने के बाद मैं आपने आक को रोक नही पाया। मैं आप चोदना चाहता हूँ। पहले तो मैं जान कर उसका बिरोध कर रही थी लेकिन कुछ देर बाद मैंने भी उससे कह दिया ठीक है लेकिन तुम यहीं रुको मैं पहले रोहित को बाहर भेज दूँ फिर तुम मुझे चोद लेना। bukovsky2008.ru
मैं रोहित के पास गई और उससे कहा तुम्हारे राहुल भैया गए और तुम भी बाहर जाओ खेलो।
रोहित के जाने के बाद मैंने दरवाज़ा बंद कर लिया और फिर राहुल को लेकर बेड रूम में चली गई उससे चुदवाने के लिए।
उसने मुझे अपनी गोदी में उठा कर मुझे किस करते हुए बेड पर बिठा दिया और मेरे पुरे बदन को सहलते हुए मेरे कपड़ो को निकालने लगा और कुछ देर में मेरे कपड़ो को निकाल कर और पाने कपड़ो को भी निकाल दिया। उसने अपने हाथ को मेरे ब्रा से सहलाते हुए मेरे पूरे बदन को स्पर्श कर रहा था और जिससे मैं उतेजित हो रही थी। और कुछ देर बाद उसने मेरे हाथ को चुमते हुए मेरे बदन को चूमने लगा और फिर कुछ देर बाद उसने मेरे कान को चुमते हुए मेरे गाल को भी चुमने लगा। कुछ देर के बाद उसने मेरे होठ को अपने हाथो से छूते हुए मेरे होठ को चुमने लगा और मेरे होठ को पीने लगा। वो मेरे होठ को ऐसे पी रहा था जैसे बहुत दिनों से उस किस नही मिली है और वो किस के भूख में मेरे होठो को बड़ी तेजी से पी रहा था। कुछ देर बाद मैं भी उसके होठो को पीने लगी और अपने हाथ को उसके बदन पर फेरने लगी। वो मेरे निचले होठो को पीते हुएअपनी जीभ भी मेरे मुह में डाल देता और मैं भी उसके जीभ को पीते हुए अपने जीभ को उसके मुह में डाल देती। ऐसा ही बहुत देर तक चलता रहा।

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बहुत देर तक उसने मेरे होठ को पीते हुए के बाद राहुल ने मेरे पीठ पर अपने हाथ को सहलाते हुए मेरे ब्रा को धीरे से खोल दिया और मेरे ब्रा को निकाल दिया। मेरे ब्रा को निकलने के बाद वो मेरे दोनों बड़ी, गोरी और चमकती हुई चूचियों को निहारते हुए उसने मेरी चूची के निप्पल को पकड लिया और मेरी चूची को अपने हाथो से मसलने लगा। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था । वो मेरे मम्मो को अपने दोनों हाथो से दबा रहा था और मेरी चूची को खीच रहा था जिससे मैंने धीरे धीरे मदहोश होकर सिसकने लगी थी।
कुछ देर मेरी चूची को दबाने के बाद उसने मेरी चूची को चुमने लगा और फिर मेरे निप्पल को चुमते हुए उसने मेरे चूची को अपने मुह के अंदर ले लिया और मेरी चूची को पीने लगा। वो मेरे मम्मो को पीते हुए काफी खुश लग रहा था और मुझे भी ख़ुशी मिल रही थी। क्योकि मैं थक चुकी थी एक आदमी से चुद चुद कर। राहुल बहुत देर तक मेरी चूची को पीते हुए मेरी निप्पल को चुस्त रहा और कभी कभी ज्यादा जोश मेरे मम्मो को पीते समय उसका दांत मेरी चूची में चुभ जाते थे जिससे मेरे मुह से चीख निकल जाती थी।
मेरे मम्मो को पीने के बाद उसने बड़ी जोश में मेरे पैरो को चुमते हुए मेरी चूत को पैंटी के ऊपर से ही चाटने लगा और अपनी नाक को मेरी चूत में डालने लगा। कुछ देर बाद उसने मेरी पैंटी को भी निकाल दिया और फिर मेरे उसने मेरी चिकनी जांघ को सहलाते हुए अपने मुह को मेरी चूत में लगा कर मेरी चूत को पीने लगा। जब राहुल मेरी चूत पी रहा तो मुझे बहुत मज़ा आने लगा था लेकिन कुछ देर के बद्द जब वो मेरी चूत को चाटते हुए मेरी चूत को अपने मुह से अपनी तरफ खीचने लगा तो मैं जोश से पागल होने लगी और मचलते हुए मैंने अपने मम्मो को मसलने लगी। कुछ देर वह्गी काम बार बार करने से मेरी चूत से बड़ी तेजी से पानी निकलने लगा। जब मेरी चूत से पानी निकला तो मुझे इतना तनाव हो रहा थ की मैं तो पागल हो रही थी लेकिन पानी निकलने के बाद मुझे आराम मिली ही थी

लेकिन मैंने देखा राहुल अपने मोटे से लंड को अपने हाथो में लिए हुए अपनी गोली को सहला रहा है और मेरी चूदाई करने वाला है। उसके लंड को देखने के बाद मैं खुश हो गई क्योकि बहुत दिनों के बाद मुझे दूसरा लंड मिल रहा था। कुछ देर बाद उसने अपने लंड को मेरी चूत से लगाने लगा और फिर उसने अपने लंड को मेरी चूत के उपरी दरार में डालने लगा जिससे मुझे काफी मज़ा आ रहा था। लेकिन कुछ देर बाद जब पहली बार उसने अपने लंड को मेरी चूत में डाला तो मैं तो पीछे की तरह हो खिसकने लगी क्योकि उसका लंड मेरी पति के लंड से भी मोटा था और मेरी चूत में बिलकुल फिट था। उसने फिर से अपने लंड की मेरी चूत में लगा कर मेरी चुदाई करने लगा। उसने मेरे दोनों जन्घो को अपने हाथ से पकड कर मेरी चूत में अपने लंड को धक्का दे दे कर दाल रहा था जिससे मैंने और भोई ज्यादा मचलने लगी थी। उसका लंड मेरी चूत में बहुत ही टाईट था जिससे मेरी चूत में दर्द होने लगी थी। इतने सालो से चुदने पर मुझे इतना दर्द नही हुआ था जितना उसके लंड से हो रहा था। कुछ देर मेरी चुदाई करने के बाद उसने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और फिर वो बेड से निचे उतर गया और मुझे अपनी तरफ खीच कर फिर से अपने लंड को मेरी चूत लगा कर मेरी चुदाई करने लगा। उसका मतो लंड मेरी चूत को धक्के दे दे कर फाड़ने की कोशिस कर रहा था और मैं अपनि फुद्दी और मम्मो को मसलते हुए जोर जोर से … आआअह्हह्ह…. ऊऊऊ …..ऊँ… ऊँ…. ऊँ ….. उनहूँ उनहूँ…..इसस्स्स्स्स्स्स्स्……उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह…..उंह उंह उंह हूँ…. हूँ.. हूँ। हमममम अहह्ह्ह्हह …… ओह ओह्ह मम्मी आह आह्ह्ह बहुत दर्द हो रहा है आह्ह आःह उहं उहं उन्ह….. करते हुए चीख रहती थी लेकिन बहुत देर तक ये चीख निकलती रही और फिर कुछ देर बाद उसने अपने लंड को बाहर निकाल कर अपने लंड से अपने वार्य को मेरे पेट पर गिरा दिया।
उस दिन की चुदाई के बाद वो मेरे घर मेरे बेटे के साथ खेलने नही मेरी चुदाई करने आने लगा।

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