अंधेरे में बेटी की जगह माँ को चोदा


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हेलो दोस्तों, सारे रीडर्स को आशु का प्यार, मैं एक बार फिर हाजिर हूं अपने लाइफ में घटी एक अनोखी घटना लेकर. मगर उस से पहले मैं उन सबका थैंक्यू करना चाहता हूं जिन्होंने मेरी पिछली सारी कहानियों को इतना पसंद किया कि उनका प्यार मुझे ईमेल के जरिए मिला और मुझे एंकरेज किया और कहानी लिखने के लिए, इसलिए मैं अपने बिजी शेड्यूल में से टाइम निकालकर यह कहानी लिख रहा हूं. ऐसे ही मुझे प्यार देते रहिये मैं कभी आप लोगों को निराश नहीं करुंगा..

उस वक्त हम लोग गांव में रहते थे. आप लोगों को पता है या नहीं मैं नहीं जानता फिर भी मैं बताना चाहता हूं कि जो सारी सुविधाएं शहर में होती है वो सब गांव में नहीं होता, जैसे कि हर घर में बाथरूम या प्रॉपर इलेक्ट्रिसिटी..  हमारा एक बहुत छोटा सा गांव है और यहां अक्सर बरसात के दिनों में बिजली चली जाती है और ३-४ दिनों तक नहीं आती. यह जो घटना घटी वह उसी अंधेरे के कारण ही घटी थी.

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हमारे घर से ३ घर छोड़ कर एक परिवार रहते हैं, जिसमें तीन बेटियां और पति पत्नी रहते हैं. उस घर में जो पति है वह ५० साल का है और उनका नाम हरिप्रसाद है. पत्नी की उम्र ४८ साल की है उनका नाम राधा है. मे उन दोनों को दादा दादी बुलाता हूं और उनकी तीनों बेटियों को बुआजी बुलाता हूं. सबसे छोटी बेटी का नाम मंजू है वह २७ साल की है मंजू बूआ थोड़ी मोटी है क्योंकि वह रोज गर्भ निरोधक टेबलेट खाती है और रंग सांवला है. आज से एक साल पहले मैंने उनको और उनकी सहेली छाया को चोदना स्टार्ट किया था, मैं हर टाइम इन दोनों के पास होता था. इन दोनों को मेंने लेसबियन सेक्स करते पकड़ा था, वह दोनों नंगे हो कर एक दूसरे की चूत चाट रहे थे और उंगली डाल कर चोद रहे थे. मैं जैसे ही कमरे में घुसा तो यह देखकर मैं डर गया मगर यह दोनों सेक्स के नशे में चूर थे जिस कारण उन दोनों ने मिलकर मुझे  नंगा किया और मेरे लंड  को चूस कर खड़ा कर के बारी बारी से मुझसे चुदवाया. उस दिन के बाद में आज तक दोनों को चोदता आ रहा हूं लेकिन ८ महीने बाद छाया बुआ की शादी हो गई और वह अपने ससुराल चली गई. मगर जब भी अपने घर आती हैं तो मैं दोनों को मिलकर चोद देता हूं..

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छाया बुआ की शादी के बाद में सिर्फ मंजू बुआ को चोदता हूं और वह रोज रात को उन के घर में जा कर चोदता हूं कभी कभी दिन में भी अकेले देख कर चोदता हूं, ऐसा एक साल से हो रहा है. इस बारे में उनकी मां को भी पता है, मगर वह किसी से कुछ नहीं कहती, क्योंकि मैं जब एक दिन रात को मंजू बुआ को चोद के जा रहा था तो मैंने राधा दादी को उनकी मजली बेटी और दामाद को कमरे में चुदाई करते देखते हुए पकड़ा था..

वो उन के कमरे में खिड़की से झांक रही थी, दादी ने जैसे ही मुझे देखा तो वह डर गई, फिर मैंने उनसे कहा कि मैं किसी को नहीं बताऊंगा इस बारे में, मगर फिर भी वह डरती है, कि कहीं ये बात में किसी को ना बता दूं, उनके पति हर वक्त खेत में होते हैं वह एक छोटा सा मकान है, वह दादी को छोड़ कर बाकी सब औरतों की चुदाई करते हैं. उनके खेत में जितने भी औरत मजदूर काम करती हैं सब को चोदते हैं. इस कारण हरी दादाजी ने पिछले १५ सालों से अपनी पत्नी को चोदना तो दूर ठीक से देखा भी नहीं है.

तो इस तरह में रोज मंजू बुआ को चोदता था, उन के कमरे में टीवी और वीसीआर है जिसमें हम लोग ब्लू फिल्म देख देख के चुदाई करते हैं. हमें एक अनोखे स्टाइल में चुदाई करते थे. पहले बुआ जी मेरे लंड को चूस क लोहे की रोड जैसे खड़ा कर देती थी, फिर उसके बाद एक बडे जग में ढेर सारा तेल लेते थे, उस में वह मेरे लंड को डूबा देती थी और फिर दोनों हाथों से मेरे लंड को उस जग के अंदर मालिश करती थी. जिस से मेरा लंड और भी तन जाता था, ऐसा १० से १५ मिनट तक करती थी..

फिर मैं उनको बेड पर सुला देता और उनके चूत का मुंह खोलकर उस में तेल डाल देता और उस के बाद में फिर से अपने लंड को तेल में डूबा कर चूत में घुसाता था. चूत तो पहले से भी तेल से लबालब भरा होता था और मेरा लंड तेल में डुबाने के कारण वह भी तेल से भीग जाता था, फिर जब मैं धीरे से तेल भरी चूत में लंड  डालता था, तो घुसाते ही चूत में से पचक की आवाज निकलती थी, और मेरा लंड  एक बार में ही पूरा चूत में घुस जाता था, उस के बाद में चोदने लगता था..

तेल के कारण चुदाई के टाइम चूत में से ऐसी आवाजे निकलती के हम दोनों उसे सुनकर मदहोश हो जाते थे, इसी तरह जब में गांड में लंड घुसाता था तो उससे पहले गांड के छेद में उंगली डालकर तेल से लबालब भर देता था, और फिर लंड डालकर चोदता था, गांड मारते टाइम भी पचक पचक ऐसी ही आवाज गांड से निकलती थी.

मैं आप लोगों को बता नहीं सकता था कि उसे चोदने में कितना मजा आता था, उस वक्त  चुदाई का इतना अनुभव नहीं था तो उस टाइम में समझ नहीं पा रहा था ऐसे चोदने का मतलब. मगर चोदने में बहुत मजा आता था, यह आयडीया मेरा नहीं था वह बुआ जी का था. पता नहीं उनको ऐसी चुदाई के बारे में किसने बताया था. मगर आज मैं उस बात को समझ गया हूं कि ऐसे चोदने में मजा दुगना हो जाता है. मैं आप सब से भी यह कहना चाहता हूं कि ऐसे चोदकर या चुदवा कर देखिए कितना मजा आता है, उसके बाद मुझे बताना कि कैसा लगा.

एक दिन की बात है, जब मैं बुआ जी को रात में चोदने के बाद घर जाने लगा तो मुझे बुआ ने कहा कि दोपहर को घर में कोई नहीं होगा, तुम चुपके से चले आना. हम दोनों बहुत मस्ती करेंगे. मैंने उनकी बात मान ली और २ बजे उनके घर पहुंच गया. घर में सच में कोई नहीं था. इस कारण हम दोनों ने आराम से टीवी  पर ब्लू फिल्म देखा और उसी स्टाइल में बहुत देर तक चुदाई किया. मंजू बुआ ने मुझे रात को भी आने को कहा और फिर मैं वहां से चला गया. मेरे जाने के बाद उनके मामा जी आए और मंजू बुआ को लेकर अपने साथ चले गए. यह सब इतना जल्दी हुआ कि वह मुझे बता भी नहीं पाई, इसलिए मुझे पता नहीं था कि वह घर पर है या नहीं. और मैं रात को रोज की तरह उनके कमरे में घुस गया.

मंजूर बूआ दिन में सलवार कमीज पहनती है और रात को नाइटी पहन कर सोती है. उस दिन शाम को बारिश की वजह से लाइट चली गई थी, इस कारण उनके कमरे में भी अंधेरा था. मेने अंदर जाते ही दरवाजा बंद कर दिया, फिर मंजू बुआ के साइड में जाकर सो गया और उनको जोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया. बाहों में लेते ही मुझे लगा कि वह थोड़ी ज्यादा मोटी लग रही है.

तो मैंने पूछा कि क्या हुआ बुआ जी? अचानक इतनी मोटी कैसे हो गई? उन्होंने कुछ नहीं कहा तो मैंने उस बात पर ध्यान नहीं दिया. फिर मैं उनकी नाइटी के ऊपर से ही बूब्स को दबाने लगा था. आज चूची भी मुझे थोड़ी पतली और छोटी लगी क्योंकि मंजू बुआ के बूब्स बहुत बड़े बड़े और टाइट है, मगर मेरा ध्यान उस टाइम सिर्फ चोदने पर था, तो इन सब बातों को मैंने अनदेखा कर दिया. मुझे थोड़ा अजीब लगा कि आज में ही सब कुछ कर रहा हूं. बुआ जी तो चुपचाप पड़ी हुई है.

मैंने उनके नाइटी उतार दिया और उनको सीधा लिटा दिया उसके बाद में उनके ऊपर चढ़ गया और बुब को चूसने लगा, तो उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया. आज बुआ ने नहीं ब्रा पहना था और नहीं पेंटी पहनि थी तो मैंने पूछा फिर क्या हुआ बुआ जी? आज तो आप पहले से ही रेडी है चुदाई के लिए, इसलिए ब्रा और पैंटी खोल दी है. बूब्स चूसते मैंने हाथ चूत की तरफ बढ़ाया. जैसे ही मैंने चूत पे हाथ रखा तो मुझे बालों का एहसास हुआ, मैंने ठीक से हाथ लगाया तो देखा कि चूत में बहुत सारे बाल थे. मैं चौंक गया क्योंकि आज दोपहर जब मैंने उनको चोदा था तब चूत बिल्कुल साफ थी.

अचानक इतना सारा बाल चूत मैं कहां से आ गया, अब में डर गया के कौन है? जिस कारण मेरा लंड भी सिकुड़ गया. में तुरंत उन के ऊपर से उतर गया और पूछा के कौन हो आप? पर मुझे कोई जवाब नहीं मिला. तो मैंने जाकर झरोखा खोल दिया बाहर बहुत बारिश के साथ तेज बिजली भी चमक रही थी. उस बिजली के चमकने से मैं उनका मुंह देखा तो मैं देखता ही रह गया.

मैंने देखा कि अब में मंजू बूआ समझकर जिसे नंगा कर दिया था वह मंजू बुआ नहीं थी उसकी माँ और मेरी दादी है, मैं डर गया और वहां से जाने लगा. तो दादी ने मुझे आवाज दिया कि रुक जाओ. मैं रूक गया तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बेड पर बैठाया, मुझे इतना पता था कि इस बारे में किसी को नहीं कहेंगे. मगर मैंने कभी उन्हें चोदने का सोचा भी नहीं था. दादी ने कहा कि अधुरा काम छोड़ कर कहां जा रहे हो..

तो मैंने कहा कि मैं आपको कैसे चोद सकता हूं? आप मुझ से बहुत बड़ी है. इस पर उन्होंने कहा कि बडी हुई तो क्या हुआ? मैं अभी तो एक औरत हूं मेरी भी चूत है जिसमें तुम आराम से अपना लंड डाल कर चोद सकते हो. यह सुन कर मेरे होश उड़ गए क्योंकि इससे पहले मैंने कभी ४८ साल की औरत को चोदने के बारे में सोचा भी नहीं था, चोदना तो दूर की बात है.  यह मेरे उन दोस्तों को पता होगा जिन्होंने ऐसा सेक्स किया होगा. अब में कहानी पर आता हूं.

दादी की बात सुन कर मैंने कहा यह क्या कह रही है आप? यह सब ठीक नहीं है. आप तो शादीशुदा हैं जाकर अपने पति से चुदवाइए ना, इतना कह कर में जाने लगा तो वह मेरे पांव में गिर गई है गिडगिडाने लगी कि ऐसे मत जाओ बिना मुझे चोदे, फिर उन्होंने मुझे अपनी दुख भरी कहानी सुनाई. दादी ने कहा जब उनकी शादी हरि दादा के साथ हुई थी तो हरी दादा उन्हें बहुत चोदते थे, दिन भर में ५  बार और रात को तीन चार बार चोदते थे.

जब भी वह खेत में जाते थे मुझे अपने साथ लेकर जाते थे और वहां एक चार पाई थी उसके ऊपर सुलाकर चोदते थे, जिस कारण वह चारपाई भी चार दिनों में ही टूट गई थी. एक बार हम दोनों मेरी बहन की शादी में गए थे वह भी यह मुझे एक कमरे में ले जाकर चोदने लगे, उस वक्त बाहर शादी चल रही थी.

मगर हम लोग अंदर कमरे में चुदाई कर रहे थे, इस बीच मेरे पिताजी हमें बूलाने आ गए, तो अंदर से ही मैंने जवाब दिया कि आप जाइए हम आते हैं. क्योंकि तेरे दादाजी ज्यादा देर तक नहीं चोद सकते थे, बस १२-१५ मिनट चोदने के बाद ही उन का लंड  पानी छोड़ देता था.

मेरी बड़ी बेटी ८ महीने में ही पैदा हो गई थी. तब हमारी शादी को एक साल पूरा हुआ तो मैं दूसरी बार ३ महीने प्रेग्नेंट थी. इस बार जब मैंने दूसरी बेटी को जन्म दिया तो डॉक्टर ने कहा कि इसके बाद कम से कम २ साल तक कोई बच्चा नहीं होना चाहिए नहीं तो मेरी जान को खतरा हो सकता है, यह सुनते ही तेरे दादाजी दुखी हो गए.

फिर उसके बाद उन्होंने मुझे चोदना कम कर दिया. इस कारण वह बाहर की औरतों को चोदने लगे थे. कभी कभी अगर मन किया तो मुझे चोद देते. इस तरह मंजू पैदा हुई. उसके बाद तो वह महीने में एक बार मुझे चोद दे तो वह भी बहुत था. मगर पिछले १५ सालों से उन्होंने मुझे छुआ तक नहीं था. इस कारण में रोज चुदाई के लिए तरस गई हूं..

फिर जब दोनों बड़ी बेटियों की शादी हुई तो जब भी वह अपने पती के साथ आती थी तो रात को चुदाई करते हुए मैं उनको देखकर अपने आप को शांत कर लेती हूं, मगर अब तो वह भी देखने को नहीं मिलता. इसलिए मैं तुम्हें मंजू को चोदते हुए कभी कभी देखती थी. आज जब मंजू ने मुझे कहा कि मैं तुझे उसके जाने के बारे में बता दू, तो मेरे मन में ख्याल आया की इस बात का फायदा उठा कर मैं तुम से चुदवा लू और १५ सालों से प्यासी अपनी चूत की आग को बुझा दू. इसलिए मैं तुम्हारे पैर पड़ती हूं, मुझे चोदकर मेरी प्यास बुझा दो. तुम जो कहोगे मैं वह करूंगी. इसके लिए मैं तुम्हें रोज ५० रूपये दूंगी, मगर मुझे ऐसे छोड़ कर मत जाओ.

यह सुनकर मेरी आंखों में पानी आ गया, मैंने उनको कहा ऐसे मत बोलिए मुझे कोई पैसे नहीं चाहिए. अब मैं मंजू बूआ के साथ साथ आपको भी चोदूंगा. मगर बुआ जी गयी कहां है? तो दादी ने बताया कि उनको देखने कोई लड़का आने वाला है उनके भाई के घर पर इसलिए वह अपने मामा जी के घर गई है, २ दिन के बाद आ जाएगी, यह सुनकर में थोड़ा उदास हो गया.

क्योंकि अगर बुआ जी की शादी हो गई तो मैं कीसे चोदुंगा, मगर फिर मुझे याद आया कि अरे उसके लिए दादी है ना, जब तक कोई नहीं मिलती मैं उन को चोद लिया करूंगा. फिर मैंने दादी जी को बेड पर लेटा दिया और उनके बूब्स को चूसने लगा. अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. मगर मैंने चूत पर हाथ लगाया तो महसूस किया की दादी जी का चूत बालों से बिल्कुल ढका हुआ है.

मैंने बालों को हटाते हुए चूत के अंदर उंगली डाल दी तो दादी के मुंह से अहह औऊ इई हह्ह्ह ईई ममाआआ आवाज करने लगी. उन्होंने कहा यह क्या कर रहे हो? तो मैंने कहा आप देखती जाईए मैं क्या क्या करता हूं. मैंने उनकी चूत के दाने को जोर से रगड़ने लगा. तो दादी के मुंह से तेज आवाज ही निकलने लगी, १० मिनट  तक ऐसे करने के बाद जोर से चिल्लाने लगी और मेरे हाथ को चूत से दूर कर दिया और बेड पर तड़पने लगी.

मैं डर गया और पूछा क्या हुआ? इस पर दादी के सिसकिया निकालते निकालते जवाब दिया कि मेरा चूत बहुत जल रहा है, और उसमें से कुछ निकल रहा है. पता नहीं तुमने क्या किया? फिर मैंने चूत को हाथ से छुआ तो पता चला की दादी जड गई है, तो उस कारण चूत का मुह अपने आप खुल और बंद हो रहा था, और फिर से ढेर सारा गाढा पानी निकल रहा है.

मेने दादी से कहा कुछ नहीं हुआ, तुम जड गयी हो इसलिए तुम्हारी चूत में से यह पानी निकल रहा है उसके बाद दादी ने कहा मगर ऐसा तो पहले कभी नहीं हुआ था.. फिर आज क्यूं? मैंने कहा लगता है आज से पहले कभी आप जड़ी नहीं है, शायद दादा जी जब आप को चोदते थे तो कभी आप की चूत को ऐसे नहीं मसला है, फिर दादी ने कहा की चूत मसलने की बात कर रहा है

आज तक तेरे दादाजी ने मुझे कभी पूरा नंगा करके चोदा नहीं, यहां तक की उन्होंने कभी मेरी चुचियों को छुआ तक नहीं, मैंने आज तक कभी उनका लंड देखा नहीं और उन्होंने भी कभी मेरी चूत देखी ही नहीं है. यह सुनकर आप लोगों को शायद अजीब लग रहा होगा, मगर यह बात आज से १५-१६ साल पहले की है उस वक्त गांव में सभी मर्द धोती पहनते थे. जब भी वह किसी को चोदना चाहते तो धोती ऊपर कर के की चोद देते थे, तो इस कारण दादी ने भी कभी चुदाई का असली मजा लिया ही नहीं था.

दादी की चूत से सारा पानी निकल गया तो वह थोड़ी शांत हो गई. फिर मैंने कहा अब आप बैठ जाओ और मेरे लंड को मुंह में डालकर चुसो. पहले तो उन्होंने लंड  चूसने से मना किया. फिर मैंने कहा कि एक बार चूस कर देखो, अगर अच्छा नहीं लगा तो फिर कभी नहीं  कहूंगा. उसके बाद डरते हुए दादी ने मेरे लंड को हाथ में लिया और मुझे अपने मुंह में डालने लगी.

पहली बार मुंह में लिया तो उल्टी करने लगी फिर बार बार ऐसा करते करते उसने मेरे लंड को चूसना शुरू किया, उनको पता ही नहीं था कि लंड कैसे चूसते हैं? तो मैंने कहा आप एक काम करो. लंड को मुंह में रखो और आइसक्रीम की तरह चुसो. फिर दादी ने वैसा ही किया, वह सिर्फ लंड का पिंक हिस्सा मुंह में लिया और चूसने लगी, जब लंड चूस रही थी तो मुंह से आवाज निकलती थी. मुझे बहुत मजा आ रहा था.

जब मेरा लंड रेडी हो गया तो मैंने उन्हें बेड पर लेटा दिया और टांगों के बीच जाकर बैठ गया. फिर मैंने अंधेरे में चूत के छेद को हाथ से ढूंढ कर लंड को उसके मुंह पर रख दिया, उसके बाद मैं दादी के ऊपर सो गया और धीरे से लंड  को चूत में घुसाने लगा. दादी जी ने जितने दिन भी दादी को चोदा था उसमें चूत की धज्जियां उड़ा दी थी.

जिस कारण दादी की चूत फट गई थी मगर पिछले १५ सालों से नहीं चुदने के कारण चूत सिकुड़ गई थी, मैंने धक्का मारकर लंड को चूत में पूरा घुसा दिया, जब मेरा लंड चूत में घुस गया तो मैं तेज झटके मारने लगा. दादी के मुंह से अच्छा लग रहा है इतने सालो बाद लंड को चूत में लेकर आःह अय्य्य सस ससु उस ऊसू सुसुसू स्सीई ससम्म सीई ऐसी आवाज आ रही थी. अरे वा बेटा तू तो बड़े अच्छे से चोदता हे बिल्कुल मर्दों की तरह.

दादी की चूत बहुत गर्म थी में ३० मिनट में ही झड़ गया और मैंने सारा वीर्य उनकी चूत में ही निकाल दिया, उसके बाद दादी ने मुझे अपनी बाहों में लेकर मेरे माथे को चूम मां और दादी ने मुझे कहा कल दोपहर को आ जाना मैं तैयार रहूंगी चुदाई के लिए, मैंने कहा ठीक है मैं कल आ जाऊंगा.

अगले दिन में दोपहर को उनके घर गया तो दादी पहले से ही बूआ के कमरे में रेडी थी. अंदर जाते ही मैं उनके गले लग गया. उस दिन उन्होंने साड़ी पहनी थी. वह अंदर कुछ नहीं पहनती थी तो मैंने उनकी साड़ी को पूरा निकाल दिया. जैसे ही मैंने उनको नंगा देखा तो मैं देखता ही रह गया. उनकी बॉडी का रंग काला था उन की चूत में बहुत बाल थे..

इतने बाल थे कि काली बॉडी में काला बाल बिल्कुल चूत को ढक दिया था. बाल नाभी के नीचे से ही निकला हुआ था नीचे चूत तक, ऐसे बाल चूत में देखकर मुझे अजीब लगा, मैंने कहा दादी क्या आप अपनी चूत के बालों को साफ नहीं करती शेविंग करके? तो उन्होंने कहा मुझे क्या पता कैसे करते हैं.. मैंने कहा चलो आज मैं आपकी चूत के बालों का शेव करता हूं. मैंने देखा था कि मंजू बुआ और छाया बुआ कैसे एक दूसरे की चूत का शेविंग करते थे.

फिर मैंने मंजू बुआ का शेविंग सेट लाया और साथ में थोड़ा पानी भी, पहले मैंने केंची से बालों को काटा, फिर मैंने चूत में अच्छे से साबुन लगाया और ब्लड से शेव करने लगा, शेविंग करते वक्त दादी हंसने लगी, क्योंकि उनको बहुत गुदगुदी हो रही थी. मैंने धीरे धीरे उनकी चूत को पूरा साफ कर दिया, और पानी से अच्छे से धो दिया. उसके बाद हम दोनों बेड पर आ गए.

मैंने दादी की चूत का मुह खोला अंदर लाल दिख रहा था, पिछली रात को मैंने उनकी चूत को नहीं देखा था मैंने कहा आपकी चूत तो मंजू बुआ से भी बहुत अच्छी लगती है, दादी शरमा गई और मुझे अपने बाहों में भर लिया. मैं उसके बूब्स दबाने लगा.

फिर मैंने उनकी चूत का मुंह खोला और उंगली डालकर चोदने लगा, कुछ देर बाद वह  चीख कर जड़ने लगी, उनकी चूत से सफेद गाढ़ा पानी निकल रहा था. उसके बाद मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए, दादी को लंड चूसने के लिए कहा. उन्होंने कहा तेरा लंड  तो काफी बड़ा है, ऐसा कहकर वह मेरे लंड को मुंह में डाल कर चूसने लगी. मैं उनकी गांड के छेद को सहलाने लगा, मेरा लंड जब तैयार हो गया तो मैंने उनको बेड के साइड पर लेटा दिया..

मैंने उनके पैरों को अपने कंधे पर रखा और लंड को चूत के मुंह पर टिका दिया, फिर मैंने दोनों बूब को पकड़कर एक जोर का धक्का मारा तो पूरा लंड चूत में घुस गया. दादी की चीख पड़ी आह्ह्ह औऊ अह्ह्ह औउ उईई मम्म इई अय्युय उऔउ इई  दर्द हो रहा है, थोड़ा धीरे. मैं जोर से चोदने लगा, कुछ देर बाद मैंने कहा आप उल्टी हो जाओ. मैं आपकी गांड में लंड घुसा के चोदूंगा.

तो दादी ने कहा नहीं, गांड में भी कोई चोदता है. इतना बड़ा मुसल लंड अगर मेरी गांड में घुस गया तो मेरी गांड फट जाएगी. मैंने कहा आप चिंता मत कीजिए. मैं आराम से चोद दूंगा. फिर मैंने उनको घोड़ी बनाया पीछे गांड के छेद में लंड लगाकर लंड घुसाने लगा तो वह फिसल जाता था, क्योंकि उन्होंने कभी गांड नहीं मरवाई थी. तो वह बहुत टाइट था. फिर मैंने तेल की शीशी लाया और गांड में अच्छे से उसे लगाया और मेरे लंड पर भी लगाया.

उसके बाद मैंने उनको गांड खोलने के लिए कहा और लंड को छेद के मुंह पर रख दिया. फिर जोर से धक्का मारा तो तेल के कारण आधे से ज्यादा लंड गांड के अंदर घुस गया, दादी चिल्लाने लगी दर्द हो रहा है. उनकी बात सुने बिना एक और धक्का मार कर पूरा लंड गांड में घुसा दिया, और चोदने लगा. वह चिल्लाती रही औउ ईई अय्य्य ओऊ ओआह्ह औऊ अह्ह्ह मर गई, मेरी तो गांड फट गई.

मैं उनकी बात को अनसुना करते चोदने लगा मुझे बड़ा मजा आ रहा था, कसी हुई गांड मारने में. मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी तो वह और तेज चिल्लाने लगी. फिर मैंने उनको सीधा किया और चूत में लंड डालकर चोदने लगा, इस बीच दादी जड़ गई थी. अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैं और जोर से चोदने लगा. मैं उनके ऊपर सो कर चोद रहा था साथ ही साथ बूब्स को चूस रहा था और दबा रहा था. कुछ देर बाद में भी झड़ गया. मैंने उनको कस के पकड़ लिया और तेज झटके मार मार के झड़ने लगा. सारा लंड का पानी चूत में निकाल लिया, उसके बाद दादी ने कहा कल तो मंजू  आ जाएगी और तुम उसे चोदने लगेगा, फिर मेरा क्या होगा? मैंने कहा आप चिंता मत कीजिए मैं सब कुछ संभाल लूंगा..

अगले दिन जब मंजू आई तो मैं उनको चोदने के लिए रात को गया, मैंने उनको जम के चोदा फिर उनको बताया कि कैसे मैंने उन की गैर हाजरी में दादी को चोदा. पहले तो विश्वास नहीं कर रही थी. फिर जब मैंने दादी को कमरे में बुलाकर कहा, तो वह मान गई. हम दोनों ने उसको सब कुछ बताया. तो वो मान गई और उस दिन के बाद में मां बेटी दोनों को मिलकर चोदने लगा. हम ब्लू फिल्म देखकर चुदाई करते थे. हम तीनो बहुत चुदाई करने लगे, फिर ३ महीने बाद मंजू बुआ की शादी हो गई, और मैं सिर्फ उनकी मां को चोदने लगा. पर जब भी मंजू बुआ अपने घर आती थी तो मैं इन दोनों को चोदता था, यह सिलसिला करीब २ सालों तक चला. फिर मैं कॉलेज की पढ़ाई के लिए शहर का गया.

शहर आने के बाद मैंने फिर कभी उन दोनों को नहीं चोदा. मगर यह मेरी लाइफ का एक ही एक्सपीरियंस है कि जिसे मैं कभी भी चाहूं तो भी भुला नहीं पाऊंगा. आज मंजू बूआ के दो बच्चे हो गए हैं, मैं जब भी गांव जाता हूं तो अगर वह अपने घर आई होती है फिर मैं उनसे मिलने जाता हूं. और उनकी मां बूढ़ी हो गई है. उनके पिताजी की मौत हो गई है. मगर फिर भी हम तीनों बैठकर सारी पुरानी यादें ताजा करते हैं.

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